
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली।
गणतंत्र दिवस… सिर्फ झंडारोहण, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं—बल्कि कर्तव्य, जिम्मेदारी और भविष्य की दिशा तय करने का दिन।
चंदौली जनपद के बिशुनपुरा कांटा स्थित Daddy’s International School ने 26 जनवरी को ऐसा कार्य कर दिखाया, जो आने वाले वर्षों तक प्रेरणा, चर्चा और अनुकरण का विषय बनेगा।
“26 जनवरी – 26 पेड़”
यह नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प, एक आंदोलन और एक सोच थी—जिसे विद्यालय के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने केवल कहा नहीं, बल्कि जमीन पर उतार कर दिखाया।

🌱 जब गणतंत्र ने प्रकृति से हाथ मिलाया
जहाँ अधिकांश विद्यालयों में गणतंत्र दिवस केवल मंचीय कार्यक्रमों तक सिमट जाता है, वहीं Daddy’s International School ने यह साबित कर दिया कि
“सच्चा गणतंत्र वही है, जहाँ अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी हो।”
विद्यालय परिसर में 26 पेड़ रोपित कर न सिर्फ हरियाली बढ़ाई गई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्रभक्ति से जोड़ दिया गया।
यह दृश्य सिर्फ देखने योग्य नहीं था—
यह महसूस करने योग्य था।

🌍 दो वर्ष पुराना विद्यालय, लेकिन सोच वैश्विक
महज़ दो वर्ष…
और पहचान देश-विदेश तक।
यह कोई साधारण स्कूल नहीं है। Daddy’s International School आज चंदौली ही नहीं, बल्कि भारत के 22 राज्यों से आए विद्यार्थियों को CBSE पैटर्न पर शिक्षा दे रहा है।
यहाँ शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं—
यहाँ संस्कार, जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।


🎤 संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी का विचार—जो सीधे दिल में उतर गया
कार्यक्रम के दौरान संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने जो कहा, वह सिर्फ भाषण नहीं था—
वह आज के समाज के लिए एक दार्शनिक चेतावनी थी:
“हम इंसान आते-जाते रहेंगे,
लेकिन जो करोड़ों-अरबों वर्षों से इस ब्रह्मांड में टिका है, वह है प्रकृति।
प्रकृति के लिए न कोई पुलिस है,
न कोर्ट,
न मंत्री।
वह अपने नियम खुद मानती है।
जिस दिन इंसान भी अपने नियम खुद मानने लगेगा—
उसी दिन वह प्रकृति के गणतंत्र का सम्मान करना सीख जाएगा।”
तालियाँ सिर्फ सम्मान में नहीं—
सहमति में भी बजीं।

🏫 प्राचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव: “Action matters, not words”
विद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“भाषण देना आसान है,
लेकिन उसे जमीन पर लागू करना कठिन।
हमने आज वही किया—
जो कहा, उसे करके दिखाया।”
उनकी बातों से यह साफ झलक रहा था कि
यह आयोजन औपचारिकता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है।
🌳 ‘वृक्ष मित्र’ डॉ. परशुराम सिंह का भावुक संबोधन
कार्यक्रम में उपस्थित चंदौली जनपद के चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर एवं ‘वृक्ष मित्र’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. परशुराम सिंह ने इस पहल को दूरदर्शी बताया।
उन्होंने कहा:
“अगर विज़न बड़ा हो,
तो उदाहरण अपने आप बन जाता है।
बिशुनपुरा जैसे गांव में
22 राज्यों के बच्चे पढ़ रहे हैं—
यह सिर्फ स्कूल नहीं,
यह इच्छाशक्ति का विश्वविद्यालय है।”
उनके शब्दों में गर्व भी था और उम्मीद भी।


🌲 वन विभाग की पूरी टीम रही मौजूद—सरकार और समाज का संगम
इस ऐतिहासिक पहल में चकिया रेंज के रेंजर श्री ए.के. चौबे,
डिप्टी रेंजर श्री आनंद दुबे अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित रहे।
रेंजर श्री चौबे ने कहा:
“आप हमें जगह दीजिए,
हम पेड़ लगाने और उनकी रक्षा के लिए
हर समय तैयार हैं।”
यह सिर्फ एक आश्वासन नहीं—
यह सरकार और समाज के बीच मजबूत साझेदारी का संकेत था।

🤝 जिन हाथों ने पेड़ लगाए, उन्होंने भविष्य को सींचा
कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने एक-एक पौधा लगाकर उसकी रक्षा का संकल्प लिया:
- रामयश चौबे
- विनय पांडेय उर्फ राहुल
- डॉ. विनय तिवारी
- डॉ. परशुराम सिंह
- श्री शिवानंद पांडेय
- श्री विनीत दुबे
- श्री अश्वनी चौबे
- श्री विनय कुमार पांडेय
- ज्योति कुमारी
- अजय सिंह
- अरविंद त्रिपाठी
- रोशन यादव
- श्री सीताराम यादव
- पवन त्रिपाठी
- एवं बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और अभिभावक
हर पौधे के साथ लिया गया संकल्प था—
“हम इसे सिर्फ लगाएंगे नहीं,
इसे बड़ा भी करेंगे।”


जब गणतंत्र दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, जिम्मेदारी बन जाए
Daddy’s International School ने यह साबित कर दिया कि
राष्ट्रप्रेम भाषणों से नहीं,
कर्तव्यों से दिखता है।
यह आयोजन सिर्फ एक दिन का नहीं—
यह आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश है कि
प्रकृति की रक्षा भी राष्ट्रसेवा है।
🌱 Khabari News की अपील
आज जब दुनिया Global Warming, Climate Crisis और Environmental Collapse से जूझ रही है,
ऐसे में बिशुनपुरा कांटा जैसे गांव से उठी यह पहल
पूरे देश के लिए Role Model है।
Daddy’s International School ने एक बार फिर सिद्ध किया कि—
शिक्षा वह नहीं जो सिर्फ नौकरी दिलाए,
बल्कि वह है जो समाज को दिशा दे।
🌿 Khabari News की अपील
अगर आपको यह पहल प्रेरणादायक लगी हो—
तो इसे Like करें, Share करें, Comment करें
ताकि यह संदेश हर गांव, हर शहर और हर स्कूल तक पहुँचे।
क्योंकि…
आज लगाया गया एक पेड़,
कल किसी की साँस बनेगा।


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