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????मध्देशिया वैश्य समाज का बरसात में भी तप, तपस्या और तिलक –

मध्देशिया वैश्य समाज ने 26वें वर्ष भी बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया, बारिश भी न रोक सकी आस्था की गंगा

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क

वाराणसी, 08 अगस्त।
श्रावण मास का अंतिम शुक्रवार… और ऊपर से लगातार बरस रही बारिश।
गंगा किनारे लहरें उफान पर थीं, आसमान से जलधारा उतर रही थी, पर मध्देशिया समाज के भक्तों की श्रद्धा का ज्वार किसी भी हाल में थमने वाला नहीं था।

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आज, वाराणसी के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद घाट पर एक ऐसा नज़ारा बना, जिसे देख हर कोई दंग रह गया – सिर पर जल भरे कलश, तन पर भीगते केसरिया वस्त्र, होंठों पर “हर हर महादेव”, और दिल में अडिग संकल्प।

????️बरसते बादलों में शुरू हुआ 251 कलशों का संकल्प

सुबह सात बजे, जब गंगा के किनारे धुंध और बूंदों की चादर थी, मध्देशिया वैश्य सभा के सदस्य अपने-अपने घरों से निकलकर घाट पर इकट्ठा होने लगे।

251 कलश, Tulsi और गंगाजल से भरे हुए, सजावट से दमक रहे थे।
महिलाएं पीली साड़ियों में, पुरुष केसरिया गमछे में – मानो आस्था और साहस का संगम उतर आया हो।

वहीं, घाट के पंडाल में वैदिक मंत्रों की ध्वनि, शंखनाद और नगाड़ों की गूंज ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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????गंगा के जल से भीगा हर भक्त – पर संकल्प और चमकता गया

बारिश में भीगते हुए भी भक्तों के चेहरों पर ना थकान, ना शिकन।
हर एक के कदम में वही लय, वही दृढ़ता – जैसे यह जलाभिषेक केवल परंपरा नहीं, बल्कि अपने आराध्य को चुनौती के बीच श्रद्धांजलि है। वही मध्देशिया वैश्य सभा के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र गुप्ता ने कहा कि हम पूरे जोशोखरोश के साथ जलाभिषेक कर रहे है। और यह तो हमारा सौभाग्य है कि बाबा विश्वनाथ ने हमे जल से पहले भी अभिषेक कर दिया है। और 26 वे वर्ष के साथ ही हम लगातार इसका क्रम आगे भी बढाते रहेंगे।

एक महिला भक्त, जिनके माथे पर चंदन तिलक और हाथ में Rudraksh की माला थी, बोलीं –

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“बारिश तो बाबा की कृपा है, और जलाभिषेक के दिन बाबा खुद हमें जल स्नान करवा रहे हैं।“

????शोभायात्रा का रोमांचक और सस्पेंस से भरा सफर

कलश शोभायात्रा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद घाट से गाजे-बाजे के साथ जैसे ही निकली, पूरा घाट भक्तों के नारों से थर्रा उठा।

➡ गौदौलिया चौराहा – जहां राहगीर भी रुककर इस भव्य नज़ारे में शामिल होने लगे।
➡ गिरजाघर चौराहा – जहां बारिश तेज हो गई, लेकिन भक्तों की चाल और जोश और बढ़ गया।
➡ अन्नपूर्णा मंदिर – यहां पुष्पवर्षा हुई, और मंदिर की घंटियां बारिश की बूंदों की ताल से मिलकर अद्भुत ध्वनि पैदा कर रही थीं।

????बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक – बारिश बनी साक्षी

जब शोभायात्रा जोशोखरोश के साथ बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची, उस वक्त आसमान से बरसती बूंदें मानो हर भक्त के संकल्प पर मोहर लगा रही थीं।

भीगते हुए, कांपते हाथों से, सिर से उतारे गए कलश का पवित्र जल शिवलिंग पर अर्पित किया गया।
उस क्षण मंदिर प्रांगण में शिव, जल और जन – तीनों एक साथ मिल गए।

एक बुजुर्ग भक्त ने भावुक होकर कहा –

“बाबा का आशीर्वाद पाना है तो धूप, बारिश, ठंड – कुछ मायने नहीं रखता। यह यात्रा तो हमारी आत्मा की यात्रा है।“

????जोश जिसने मौसम को मात दी

आम तौर पर बारिश जुलूस की गति को धीमा कर देती है, पर आज ठीक उल्टा हुआ।
जितनी बूंदें गिरीं, उतनी ही जयकारों की गूंज तेज हुई –
“हर हर महादेव… बम बम भोले!”

सड़कों पर जलभराव था, लेकिन भक्तों के कदम और तेज हो गए।
कई बार ढोल-नगाड़े भीगकर रुकने लगे, पर जैसे ही आवाज थमी, भक्तों की तालियां और नारे खुद ही संगीत बन गए।

????महिलाओं की अद्भुत भागीदारी

इस बार की शोभायात्रा की सबसे बड़ी ताकत रही – मध्देशिया समाज की महिलाएं।
भीगे वस्त्र, लेकिन चेहरों पर वही शांति और गर्व।
एक वृद्धा, जो 70 वर्ष की थीं, ने पूरे मार्ग पर कलश सिर से नहीं उतारा। उनकी आंखों में पानी और बारिश का फर्क समझना मुश्किल था।

???? अध्यक्ष का गर्वभरा वक्तव्य

मध्देशिया वैश्य सभा के अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने कहा –

“आज हमने साबित कर दिया कि आस्था मौसम की मोहताज नहीं। बाबा के जलाभिषेक का संकल्प बारिश की धार से और पवित्र हो गया।“

????मुख्य अतिथि की प्रेरक उपस्थिति

“यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकजुटता का अद्भुत उदाहरण है। इस जोश ने हर मुश्किल को परास्त कर दिया।“

????काशी का भावुक क्षण

पूरा मार्ग – सड़क से छत तक – श्रद्धालुओं से भर गया। लोग बालकनी और छज्जों से पुष्पवर्षा कर रहे थे।
बच्चे बारिश में नाच रहे थे, ढोल की थाप पर।

काशी की गलियों में उस समय एक ही भावना थी –
“बाबा आए हैं, बाबा के भक्त आए हैं।”

????खबरी न्यूज की श्रद्धांजलि

???? यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह आस्था की परीक्षा थी।
????️ बारिश ने चुनौती दी, पर भक्तों ने जीत हासिल की।
????️ बाबा विश्वनाथ की नगरी ने आज फिर साबित किया कि सनातन संस्कृति का दीप किसी भी तूफान में बुझता नहीं।

???? विशेष कवरेज:
???? संपादन – के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)
???? ग्राउंड रिपोर्टिंग – खबरी न्यूज वाराणसी टीम
???? वीडियो जल्द ही खबरी न्यूज आधिकारिक फेसबुक पेज पर उपलब्ध होगा।

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