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???? चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार गूंजा किसानों की आवाज़ से – इफको का नैनो खाद प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

???? “रासायनिक खाद से बंजर हो रही जमीन, नैनो खाद ही बनेगा आने वाले कल का सहारा”

खबरी न्यूज नेशनल न्यूज नेटवर्क चंदौली।

SRVS Sikanderpur

???? प्रस्तावना – किसान और मिट्टी की पीड़ा

जिसे धान का कटोरा कहा जाता है, वहां की मिट्टी की खुशबू आज भी किसान के पसीने से महकती है। लेकिन, जिस मिट्टी ने अन्नदाता को सहारा दिया, वही आज रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से बीमार पड़ गई है। इसी गंभीर मुद्दे को सामने रखकर इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स ऑर्गेनाइजेशन (IFFCO) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, चंदौली में एक भव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

इस कार्यक्रम में किसानों को न सिर्फ जागरूक किया गया बल्कि उन्हें आने वाले खेती के नए युग से भी रूबरू कराया गया।

???? मुख्य मंच – अतिथियों की गरिमा और किसानों की भीड़

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आर.पी. कुशवाहा (अध्यक्ष, आवास विकास) एवं विशिष्ट अतिथि अरविंद कुमार पांडेय (इफको डायरेक्टर एवं दिल्ली प्रतिनिधि) की उपस्थिति में हुआ।

सभागार किसानों से खचाखच भरा था। जिले की लगभग सभी सहकारी समितियों के सचिव, मंडल व स्थानीय स्तर के इफको अधिकारी, कृभको अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, प्रगतिशील किसान शिव प्रकाश मिश्रा और जिले भर से आए अन्नदाता मौजूद रहे।

Dalimss Sunbeam Chakia

???? रासायनिक खाद से खतरे – “मिट्टी मर रही है, किसान संभल जाओ”

कृषि विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में आंखें खोल देने वाले तथ्य रखे।

  • रासायनिक खाद ने धीरे-धीरे मिट्टी की उर्वरा शक्ति को खत्म कर दिया है।
  • ज़मीन बंजर हो रही है और पैदावार पहले जैसी नहीं रह गई।
  • किसानों की लागत बढ़ रही है लेकिन फायदा नहीं मिल रहा।
  • भविष्य की पीढ़ियां अगर इसी तरह रासायनिक खाद पर निर्भर रहीं तो मिट्टी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

इन चेतावनियों के बीच सभागार में बैठे हर किसान के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी।

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???? समाधान – नैनो खाद बनेगा भविष्य का साथी

इफको डायरेक्टर अरविंद पांडेय ने किसानों को नैनो खाद के फायदे विस्तार से समझाए।

✔️ छोटे कणों में बड़ी ताकत – नैनो खाद की कुछ बूंदें ही कई किलो रासायनिक खाद का काम कर देती हैं।
✔️ लागत में भारी कमी – किसान की जेब पर बोझ कम होगा।
✔️ उपज में वृद्धि – फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ती है।
✔️ मिट्टी को जीवनदान – मिट्टी की खोई हुई ताकत वापस आती है।
✔️ पर्यावरण की रक्षा – नदियों, तालाबों और भूजल पर रसायनों का बोझ घटेगा।

उन्होंने साफ कहा –
???? “अगर किसान समय रहते नैनो खाद की ओर नहीं बढ़े तो आने वाले वर्षों में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। हमें आज ही बदलाव करना होगा।”

???? किसानों के बीच भावनात्मक अपील – “सहकारी समितियों से जुड़ो”

कार्यक्रम का एक बड़ा संदेश था – जिले के हर किसान को सहकारी समितियों से जोड़ना।

  • ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा अंतिम पंक्ति में खड़े किसान तक पहुंच सके।
  • कोई किसान बिचौलियों के हाथों न लुटे।
  • और हर अन्नदाता को समान अवसर मिले।

आर.पी. कुशवाहा ने कहा –
???? “सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब आखिरी किसान तक पहुंचेंगी। और यह काम सहकारी समितियां ही कर सकती हैं।”

???? सभागार का दृश्य – जज़्बात और उम्मीदों का संगम

सभा कक्ष में हर तरफ किसानों की गहरी रुचि दिख रही थी।

  • बुजुर्ग किसान बार-बार सिर हिलाते हुए बोले – “हमने तो अपनी आंखों से जमीन को कमजोर होते देखा है।”
  • युवा किसान नोटबुक में तेजी से नैनो खाद की बातें लिख रहे थे।
  • महिलाओं ने भी उत्साह से हिस्सा लिया और कहा कि अब खेती में कम लागत – ज्यादा उत्पादन की राह आसान होगी।

यह दृश्य एक नई उम्मीद की तस्वीर पेश कर रहा था।

???? किसानों की आवाज़ – जमीनी अनुभव

???? रामजी यादव (चकिया ब्लॉक) – “हमने यूरिया डाल-डाल कर मिट्टी को थका दिया है। अब यह नैनो खाद ही हमें बचाएगा।”
???? सुनीता देवी (धानापुर) – “अगर लागत कम होगी तो हमारी ज़िंदगी भी सुधरेगी। नैनो खाद किसानों के लिए वरदान है।”
???? शिव प्रकाश मिश्रा (प्रगतिशील किसान) – “यह सिर्फ खाद नहीं, बल्कि एक क्रांति है।”

???? भावनात्मक जुड़ाव – किसान की पीड़ा से सरकार तक संदेश

कार्यक्रम सिर्फ प्रशिक्षण नहीं था, यह किसानों का दर्द और उम्मीद दोनों बयान कर रहा था।

  • मिट्टी की कराह,
  • किसान की बेबसी,
  • और समाधान की नई राह।

इफको और सहकारी समितियों का यह प्रयास अब जिले के हर किसान तक पहुंचना जरूरी है।

???? निष्कर्ष – किसान जागे, तो मिट्टी भी जिंदा होगी

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चंदौली के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।

  • नैनो खाद का प्रचार-प्रसार गांव-गांव तक पहुंचेगा।
  • सहकारी समितियां किसानों की रीढ़ बनेंगी।
  • और मिट्टी को नया जीवन मिलेगा।

???? “अगर किसान जागे तो मिट्टी भी जिंदा होगी, और आने वाली पीढ़ियां भूखी नहीं सोएंगी।”

✊ Khabari News की अपील

हमारा संदेश साफ है –
किसान भाईयों! अब वक्त आ गया है कि आप रासायनिक खाद की बेड़ियों को तोड़कर नैनो खाद की राह पकड़ें।
???? यह सिर्फ खेती को नहीं, बल्कि आपके बच्चों के भविष्य को भी बचाएगा।

???? अंत में –

???? स्थान: कलेक्ट्रेट सभागार, चंदौली
???? आयोजक: इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स ऑर्गेनाइजेशन (IFFCO)
???? तारीख: मंगलवार, 09 सितंबर 2025
???? विशेष फोकस: नैनो खाद का प्रचार, रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव, सहकारी समितियों की सदस्यता

???? Khabari News
???? “अन्नदाता की आवाज़ – जनता के बीच, प्रशासन के सामने।”

✍️ रिपोर्ट: Khabari News टीम, चंदौली
???? एडिटर-इन-चीफ: K.C. श्रीवास्तव (एडवोकेट)

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