

खबरी न्यूज चकिया, चंदौली – सोमवार
लोकतंत्र की पहली सीढ़ी…
मतदान की पहली चिंगारी…
और नागरिक जागरूकता की पहली पुकार…
इन्हीं भावनाओं के साथ मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया व खबरी न्यूज़ के संयुक्त सौजन्य से डालिम्स सनबीम चकिया के भव्य सभागार में आज एक ऐसा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसने आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र की असली ताकत का एहसास करा दिया।
यह महज़ एक कार्यक्रम नहीं था—
यह एक संदेश था… एक संकल्प था… और एक जागृति की शुरुआत थी।
कार्यक्रम की शुरुआत: उम्मीदों से भरा सभागार, जोश से भरा माहौल
सोमवार सुबह जैसे ही सनबीम स्कूल परिसर में बच्चे, शिक्षक, स्थानीय नागरिक और विशिष्ट अतिथि एकत्र हुए—पूरा सभागार लोकतांत्रिक ऊर्जा से भर उठा।
स्टेज पर मौजूद हर चेहरा कह रहा था—
“वोट आपका हक भी है और आपकी ताकत भी।”
📌 मुख्य अतिथि: निर्वाचन अधिकारी विधानसभा 383 चकिया /SDM – विनय कुमार मिश्र
कार्यक्रम की बागडोर जैसे ही विधानसभा 383 चकिया के निर्वाचन अधिकारी व उपजिलाधिकारी श्विनय कुमार मिश्र के हाथों में आई, सभागार में एक गहरी शांति छा गई।
लोगों के चेहरे पर उत्सुकता…
बच्चों की आँखों में चमक…
और युवाओं के मन में सवाल…
उन्होंने बड़ी सहजता और सरल भाषा में एसआईआर—Special Intensive Revision की वह हर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसे जानना हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा—
“मतदाता सूची सिर्फ एक कागज़ नहीं है, यह आपके अस्तित्व की प्रमाणिकता है। चुनाव आयोग की हर प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं—यही एसआईआर का मूल उद्देश्य है।”
उन्होंने विस्तार से समझाया कि—
- नए मतदाता कैसे जुड़ेंगे
- स्थान परिवर्तन कैसे किया जाएगा
- गलती सुधारने की प्रक्रिया क्या है
- किन दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ती है
- 18 वर्ष + युवा कैसे शामिल हों
- और क्यों प्रत्येक व्यक्ति को अपना नाम मतदाता सूची में निर्धारित समय पर अवश्य सत्यापित करना चाहिए।
उनकी बातें विद्यार्थियों और नागरिकों के मन में गहराई से उतरती चली गईं।



स्वीप आइकान व वृक्षबंधु डॉ. परशुराम सिंह – “मतदान हमारा जन्मसिद्ध अधिकार”
कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब मंच पर पहुंचे स्वीप आइकान व वृक्षबंधु डॉ. परशुराम सिंह—जो पूरे जिले में पर्यावरण, शिक्षा, और मतदाता जागरूकता की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक माने जाते हैं।
उन्होंने पूरे सभागार में ऊर्जा की लहर दौड़ा दी।
उनकी बातों में एक अद्भुत संयोजन था—ज्ञान, भावनाएँ और सीधे दिल तक पहुंचने वाली संवेदनशीलता।
उन्होंने कहा:
“वोट देना सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, यह आपकी पहचान है। यह आपका जन्मसिद्ध अधिकार है। 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही भारत का संविधान आपको देश के भविष्य को आकार देने का अधिकार दे देता है। इसे नज़रअंदाज़ करना खुद को नज़रअंदाज़ करना है।”
उन्होंने बच्चों से लेकर शिक्षकों तक सभी को प्रेरित किया कि—
- अपने घरों में
- मोहल्लों में
- और परिवार के हर सदस्य में
मतदाता जागरूकता का संदेश फैलाएँ।
सभागार में मौजूद हर शख़्स ने उनकी बातों को महसूस किया… समझा… और मन से स्वीकार किया।
🖋️ जागरूकता के इस महाअभियान का संकल्प: K.C. श्रीवास्तव एड०
फिर मंच पर आए वह चेहरा, जिसे चकिया से लेकर पूरे जिले तक मीडिया और सामाजिक कार्यों की रीढ़ माना जाता है—
मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सचिव व खबरी न्यूज़ के चीफ एडिटर – के.सी. श्रीवास्तव एड०
उनकी वाणी में दम था…
शब्दों में प्रभाव था…
और भावनाओं में नागरिक चेतना की पराकाष्ठा।
उन्होंने पूरा सभागार खड़ा करवा दिया,
और गूंज उठी शपथ—
“हम भारत के नागरिक…
लोकतंत्र की गरिमा और मताधिकार के संरक्षण हेतु…
अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को जागरूक करने का संकल्प लेते हैं…
चुनाव प्रक्रिया में निष्ठा, निष्पक्षता और सक्रिय भागीदारी निभाएँगे…”
शपथ की गूंज इतनी प्रखर थी कि सभागार की दीवारें भी मानो लोकतंत्र की पवित्रता महसूस कर रही थीं।
इसके बाद उन्होंने “मतदाता जागरूकता हस्ताक्षर अभियान” की शुरुआत कराई।
बच्चों ने, शिक्षकों ने, नागरिकों ने—
हर किसी ने अपने हस्ताक्षर से लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्ज की।
🎓 विद्यालय के एम.डी. डॉ विवेक प्रताप सिंह की उपस्थिति – नेतृत्व की मिसाल
डालिम्स सनबीम चकिया के एम.डी. डॉ. विवेक प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा जोड़ दी।
वे सिर्फ एक शिक्षा-प्रशासक नहीं,
बल्कि मूल्यों और समाजिक चेतना की एक जीवंत मिसाल हैं।
उन्होंने कहा—
“शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं बनती…
बल्कि ऐसे आयोजनों से बनती है,
जहाँ बच्चे ‘देश’ को समझते हैं।”
उनके शब्दों ने विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रीय कर्तव्य का भाव और मजबूत कर दिया।
👧👦 युवा पीढ़ी की सहभागिता – लोकतंत्र का नया चेहरा
सभागार में मौजूद बच्चे और युवा इस कार्यक्रम की असली ताकत थे।
कई बच्चों ने कहा—
- “अब हम 18 के होते ही वोटर बनेंगे।”
- “घर जाकर पापा-मम्मी से कहेंगे—वोट करना बहुत जरूरी है।”
- “यह कार्यक्रम जीवनभर याद रहेगा।”
उनकी यह जागरूकता ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता थी।
🎤 कार्यक्रम का संचालन – प्रभावशाली, ऊर्जावान और प्रेरक
पूरा कार्यक्रम के.सी. श्रीवास्तव एड० ने अपने शानदार संचालन से ऐसा बाँधा कि लोग लगातार सुनते रहे, समझते रहे, और प्रेरित होते रहे।
उनका संचालन
न केवल सूचनात्मक था,
बल्कि भावनात्मक और ऊर्जावान भी।
🌟 यह कार्यक्रम क्यों था खास?
✔ स्कूल के बच्चों को मतदाता बनने से पहले लोकतंत्र को समझने का अवसर मिला
✔ नागरिकों में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता आई
✔ युवाओं में सकारात्मक प्रेरणा का संचार हुआ
✔ जिम्मेदार मतदान की शपथ ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया
✔ मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया और खबरी न्यूज़ ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया

💬 कार्यक्रम के अंत में एक भावनात्मक सच…
जब हस्ताक्षर अभियान समाप्त हुआ—
भीड़ कम होने लगी—
लोग बाहर की ओर बढ़ने लगे—
तभी पीछे से एक बच्चा बोला—
“सर… क्या सच में हमारा वोट देश बदल सकता है?”
मंच पर मौजूद अधिकारी मुस्कुराए और बोले—
“बिल्कुल! देश वही बदलता है, जो जागरूक होता है… और आज तुम जाग चुके हो।”
बस… यही वह क्षण था जिसने पूरे कार्यक्रम को अमर कर दिया।
🔥 “लोकतंत्र हमें नहीं चलता… हम लोकतंत्र को चलाते हैं!”
आज डालिम्स सनबीम चकिया में जो हुआ,
वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं,
एक लोकतांत्रिक क्रांति की शुरुआत है।
मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया,
खबरी न्यूज़,
चुनाव आयोग,
विद्यालय प्रशासन,
सभी ने मिलकर यह साबित किया—
“मतदाता जागरूकता सिर्फ सरकारी योजना नहीं…
यह राष्ट्र निर्माण की आत्मा है।”

