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चकिया के शिक्षा संसार का भावुक क्षण: खंड शिक्षा अधिकारी राम टहल को मिली गरिमामयी विदाई, आंखें नम… दिल गर्व से भरे

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
जब कोई अधिकारी सिर्फ फाइलों तक सीमित न रहकर शिक्षा को संस्कार, प्रशासन को सेवा और कर्तव्य को साधना बना ले—तो उसकी विदाई केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहती, वह इतिहास का भावुक अध्याय बन जाती है।
कुछ ऐसा ही दृश्य मंगलवार को चकिया में देखने को मिला, जब खंड शिक्षा अधिकारी राम टहल के सेवानिवृत्त होने पर आयोजित भव्य सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह ने पूरे शिक्षा जगत को भावनाओं से भर दिया।

यह समारोह सिर्फ एक अधिकारी की विदाई नहीं था, बल्कि एक युग के समापन और प्रेरणा की अमिट विरासत का उत्सव था।

SRVS Sikanderpur

सम्मान, संवेदना और संस्कारों से सजा मंच

कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया, जहां शिक्षा, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया।

???? स्वागत उद्बोधन
शिक्षक संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भावपूर्ण शब्दों में सेवानिवृत्त अधिकारी का स्वागत करते हुए कहा कि—

“ राम टहल जैसे अधिकारी आज के समय में विरले हैं, जिन्होंने हमेशा शिक्षकों को साथ लेकर काम किया, न कि ऊपर से आदेश थोपे।”

???? संचालन
कार्यक्रम का कुशल व सधे हुए शब्दों में संचालन बाबूलाल ने किया, जिनकी वाणी में गरिमा और भावनाओं का सुंदर संतुलन दिखाई दिया।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर मंच की शोभा बढ़ाई—

Dalimss Sunbeam Chakia

???? मुख्य अतिथि
माननीय विधायक चकिया, कैलाश आचार्य जी

???? विशिष्ट अतिथि
नगर पंचायत चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव जी

Silver Bells Chakia

???? कार्यक्रम की अध्यक्षता
स्वयं सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी राम टहल जी ने की, जो अपने आप में एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण था।

मंच पर शिक्षा जगत के स्तंभ, सभागार में शिक्षकों का सैलाब

इस सम्मान समारोह में शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • प्राचार्य बिकायल भारती
  • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार
  • लेखाधिकारी लालजी
  • शिक्षक अनिल यादव, अशोक प्रजापति, जयंत सिंह, किस कांत उपाध्याय, प्रदीप जैसल, ओमप्रकाश दुबे, अनुपमा सिंह, मोनिका पटेल, राजेश पटेल
  • सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं

पूरा सभागार तालियों, स्मृतियों और सम्मान से गूंज रहा था।

विधायक कैलाश आचार्य का वक्तव्य: “ऐसे अधिकारी से शिक्षा को दिशा मिलती है”

मुख्य अतिथि माननीय विधायक कैलाश आचार्य जी ने अपने उद्बोधन में कहा—

“श्री राम टहल जैसे योग्य, कर्मठ और संवेदनशील अधिकारी के कार्यकाल में निश्चित रूप से चकिया की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता आई है।
ऐसे अधिकारियों से न केवल व्यवस्था सुधरती है, बल्कि शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ता है।”

उन्होंने आगे कहा कि—

“हम आशा करते हैं कि अन्य खंड शिक्षा अधिकारी भी इसी तरह उच्च स्तरीय निगरानी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।”

शिक्षक संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता का भावुक संबोधन

अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा—

“आप जैसे अधिकारी के साथ काम करना केवल एक प्रशासनिक अनुभव नहीं, बल्कि एक सीख रहा।
आपने कभी शिक्षक और अधिकारी के बीच दूरी नहीं बनने दी, बल्कि टीम भावना से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।”

उनके शब्दों में अनुभव, सम्मान और आत्मीयता स्पष्ट झलक रही थी।

सेवानिवृत्त अधिकारी राम टहल का रुद्ध गले से अंतिम संबोधन

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम टहल मंच पर खड़े हुए।
उनका गला भर आया, आंखें नम थीं, लेकिन शब्दों में आत्मविश्वास और संतोष साफ झलक रहा था।

उन्होंने कहा—

“चकिया मेरे लिए केवल एक कार्यक्षेत्र नहीं रहा, यह मेरा परिवार बन गया।
यह क्षेत्र अत्यंत ऊर्जावान है और प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय प्रदर्शन कर रहा है।”

उन्होंने शिक्षकों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा—

“यदि कहीं सफलता दिखी, तो वह सामूहिक प्रयास का परिणाम है।”

उनका यह संबोधन सुनकर पूरा सभागार कुछ पल के लिए मौन हो गया, और फिर तालियों की गूंज ने भावनाओं को स्वर दे दिया।

एक अधिकारी, जिसने शिक्षा को आदेश नहीं—संवाद बनाया

श्री राम टहल का कार्यकाल इसलिए याद किया जाएगा क्योंकि—

  • उन्होंने निगरानी को मार्गदर्शन बनाया
  • अनुशासन को प्रेरणा बनाया
  • और प्रशासन को संवेदना से जोड़ा

उनके नेतृत्व में चकिया की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था ने न केवल प्रशासनिक मजबूती पाई, बल्कि मानवीय स्पर्श भी।

विदाई नहीं, विरासत का हस्तांतरण

यह समारोह किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों तक शिक्षकों के मन में जीवित रहने वाली प्रेरणा है।
श्री राम टहल भले ही आज सेवानिवृत्त हो गए हों, लेकिन—

???? उनके निर्णय
???? उनका व्यवहार
???? और उनकी कार्यशैली

चकिया की शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय तक मार्गदर्शक बनी रहेगी।

खबरी न्यूज़ का विशेष निष्कर्ष

चकिया ने आज एक अधिकारी को विदा किया,
लेकिन शिक्षा ने एक आदर्श को अपने इतिहास में दर्ज कर लिया।

राम टहल जी को खबरी न्यूज़ परिवार की ओर से भावभीनी शुभकामनाएं एवं स्वस्थ, सम्मानित और प्रेरणादायी भविष्य की कामना।

— खबरी न्यूज़ | वेव पोर्टल
(विश्वसनीय, संवेदनशील और जमीन से जुड़ी पत्रकारिता)

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