


खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
हनुमान मंदिर परिसर, चकिया—जहाँ आम दिनों में श्रद्धा और भक्ति की गूंज सुनाई देती है—वहीं 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर यह स्थान राष्ट्रभक्ति, सेवा-भाव और संविधान के प्रति अटूट आस्था का सजीव केंद्र बन गया। दवा विक्रेता समिति, चकिया (जनपद चंदौली) के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह संदेश था कि राष्ट्र निर्माण में सेवा से जुड़ा हर पेशा कितना महत्वपूर्ण है।
तिरंगे के सम्मान के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक आयोजन
सुबह जैसे ही हनुमान मंदिर प्रांगण में तिरंगा लहराया, वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित दवा विक्रेताओं ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर यह स्पष्ट कर दिया कि उनका व्यवसाय केवल व्यापार नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प है।
यह दृश्य अपने आप में असाधारण था—सफेद एप्रन, अनुशासित पंक्तियाँ, आंखों में राष्ट्र के लिए समर्पण और मन में संविधान के प्रति श्रद्धा।


“दवा विक्रेता सेवा का पवित्र माध्यम हैं” — अध्यक्ष का ओजस्वी संबोधन
कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में दो टूक शब्दों में कहा—
“दवा विक्रेता का कार्य केवल दवा बेचना नहीं है। यह मानव जीवन की रक्षा से जुड़ा पवित्र और संवेदनशील दायित्व है। आज आवश्यकता है कि हम सभी जागरूक हों, नियमों का पूर्ण पालन करें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।”
उन्होंने साफ कहा कि अनियमित दवा बिक्री न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक अपराध भी है। ऐसे में हर दवा विक्रेता को स्वयं अनुशासन का उदाहरण बनना होगा।

गणतंत्र दिवस पर लिया गया ऐतिहासिक संकल्प
इस अवसर पर दवा विक्रेता समिति के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि—
- सभी दवाओं की बिक्री नियमानुसार की जाएगी
- बिना पर्ची व प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से पूर्णतः परहेज किया जाएगा
- आम जनता को सही जानकारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा
- राष्ट्रहित, जनहित और संविधान को सर्वोपरि रखा जाएगा
यह संकल्प सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपस्थित दवा विक्रेताओं की आंखों में उसकी प्रतिबद्धता साफ झलक रही थी।
सैकड़ों दवा विक्रेताओं की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के सैकड़ों दवा विक्रेता इसमें शामिल हुए। यह उपस्थिति बताती है कि चकिया-चंदौली का दवा व्यवसाय अब सिर्फ आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्पष्टता
दवा विक्रेता समिति चकिया, चंदौली के नेतृत्व ने इस आयोजन को एक दिशा देने का काम किया। इस अवसर पर—
- जिलाध्यक्ष: जय प्रकाश मौर्या
- महामंत्री: विनय जायसवाल
- संगठन मंत्री: प्रमोद मोदनवाल
के साथ-साथ नीरज सिंह, कैलाश जायसवाल, अखिलेश केशरी, महेन्द्र सिंह, बावी केशरी, गोपाल जी, विनय शर्मा सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
इन सभी की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि संगठन न केवल सक्रिय है, बल्कि अनुशासित और राष्ट्रवादी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।


सम्मान, संवाद और राष्ट्रभक्ति का संगम
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ दवा विक्रेताओं का सम्मान किया गया। साथ ही युवा दवा विक्रेताओं से संवाद कर उन्हें नियम, नैतिकता और सेवा-भाव के महत्व को समझाया गया।
हनुमान मंदिर परिसर में यह आयोजन ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सेवा, शक्ति और संविधान—तीनों का संगम एक ही स्थान पर हो गया हो।
गणतंत्र दिवस और दवा विक्रेता: एक गहरा रिश्ता
गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य भी उतने ही जरूरी हैं। दवा विक्रेता, जो सीधे आम जनजीवन और स्वास्थ्य से जुड़े हैं, उनका कर्तव्य और भी अधिक संवेदनशील है।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि—
“जब दवा विक्रेता ईमानदार होंगे, तभी समाज स्वस्थ होगा और तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा।”


खबरी न्यूज़ की Opiniun
खबरी न्यूज़ मानता है कि दवा विक्रेता समिति, चकिया द्वारा आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य क्षेत्र में अनियमितताओं की खबरें सामने आती रहती हैं, यह आयोजन एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने पुनः तिरंगे के सामने नमन कर यह प्रण लिया कि—
“हम अपने पेशे को सेवा का माध्यम बनाएंगे, नियमों का पालन करेंगे और राष्ट्रहित को हर परिस्थिति में सर्वोपरि रखेंगे।”
हनुमान मंदिर परिसर से उठी यह आवाज़ सिर्फ चकिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे जनपद चंदौली के लिए एक संदेश बन गई—
“सेवा जब संकल्प बन जाती है, तब गणतंत्र सशक्त होता है।”
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रिपोर्ट: खबरी न्यूज़ | चकिया, चंदौली

