8033 केंद्रों पर हाईटेक निगरानी, 53 लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल
सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत नकल पर होगी सीधी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा इस बार सिर्फ एक वार्षिक परीक्षा नहीं, बल्कि “पारदर्शिता बनाम नकल माफिया” की निर्णायक लड़ाई मानी जा रही है।
प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ स्थित राज्य स्तरीय हाईटेक कंट्रोल रूम का उद्घाटन करते हुए साफ शब्दों में कहा— “परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।”
यह कंट्रोल रूम माध्यमिक शिक्षा निदेशक, लखनऊ के शिविर कार्यालय में स्थापित किया गया है, जहाँ से पूरे प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं की लाइव मॉनिटरिंग होगी।
📍 8033 परीक्षा केंद्र, हर कक्ष में दो CCTV और वॉयस रिकॉर्डर

इस वर्ष प्रदेश में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं:
- 596 राजकीय विद्यालय
- 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय
- 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय
हर परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डर युक्त दो CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
राउटर, DVR और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से वेबकास्टिंग की जाएगी।
मतलब साफ है — परीक्षा कक्ष में जो भी होगा, वह लखनऊ के कंट्रोल रूम तक लाइव पहुंचेगा।
🎯 18 जिलों पर विशेष नजर, 222 अति संवेदनशील केंद्र चिन्हित
सरकार ने 18 जिलों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है।
- 222 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील
- 683 परीक्षा केंद्र संवेदनशील
अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण होगा।
एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई पूरी परीक्षा अवधि तक सक्रिय रहेगी।
सरकार का स्पष्ट संकेत है — प्रश्नपत्र लीक की कोई गुंजाइश नहीं।
53,37,778 परीक्षार्थी — एक ऐतिहासिक संख्या
इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में:
- हाईस्कूल के 27,61,696 छात्र
- इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र
कुल मिलाकर 53.37 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे।
इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा संचालन अपने आप में प्रशासनिक चुनौती है, लेकिन इस बार व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक तकनीकी और मजबूत हैं।
🛡 8033 केंद्र व्यवस्थापक, 427 जोनल मजिस्ट्रेट
परीक्षा संचालन के लिए नियुक्तियाँ:
- 8033 केंद्र व्यवस्थापक
- 8033 बाह्य केंद्र व्यवस्थापक
- 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट
- 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट
- 427 जोनल मजिस्ट्रेट
- 69 मंडलीय सचल दल
- 440 जनपदीय सचल दल
इसके अतिरिक्त सभी 75 जिलों और 18 मंडलों में राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
🔐 स्ट्रांग रूम 24×7 CCTV निगरानी में
प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रांग रूम 24 घंटे CCTV की निगरानी में रहेंगे।
रिजर्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सीलबंद रखे गए हैं।
उत्तर पुस्तिकाओं में इस बार विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं:
- चार रंगों में क्रमांकित A-4 आकार
- प्रत्येक पृष्ठ पर UPMSP लोगो
- सूक्ष्म अंकन और मार्जिन लाइन
यह सब उत्तर पुस्तिका की अदला-बदली रोकने के लिए किया गया है।
⚖ लागू होगा “सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024”
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024
इस अधिनियम के तहत—
यदि प्रश्नपत्र की तैयारी, कोडिंग, डिकोडिंग, मुद्रण, संग्रहण, वितरण या मूल्यांकन में कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से संलिप्त पाया गया तो कठोरतम कार्रवाई होगी।
छात्रों को आपराधिक दायित्व से मुक्त रखा गया है, लेकिन नकल कराने वाले नेटवर्क पर सीधी कानूनी चोट होगी।
☎ हेल्पलाइन और सोशल मीडिया व्यवस्था
परीक्षा अवधि में छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए:
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम (लखनऊ):
- 18001806607
- 18001806608
UPMSP प्रयागराज हेल्पलाइन:
- 18001805310
- 18001805312
व्हाट्सएप: 9235822913
ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी सक्रिय रहेंगे।
📡 संस्कृत शिक्षा परिषद की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
इस बार सिर्फ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट ही नहीं, बल्कि संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
यानी तकनीकी निगरानी का दायरा व्यापक किया गया है।
मुख्यमंत्री की मंशा — “शुचिता सर्वोपरि”
यह पूरी व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस मंशा का हिस्सा है जिसमें परीक्षा की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सरकार का संदेश स्पष्ट है —
“नकल माफिया का युग समाप्त।”
🎓 छात्रों के नाम भावनात्मक संदेश
मंत्री गुलाब देवी ने छात्रों से कहा —
डर और तनाव को त्यागें, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें, इसे उत्सव की तरह मनाएं।
उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से भी अपील की कि वे शांत, सकारात्मक और अनुशासित वातावरण बनाए रखें।
🔎 कंट्रोल रूम — टेक्नोलॉजी का कमांड सेंटर

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लखनऊ का राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम अब परीक्षा व्यवस्था का “कमांड सेंटर” बन चुका है।
यहाँ से:
- हर परीक्षा कक्ष की लाइव निगरानी
- प्रश्नपत्र वितरण की ट्रैकिंग
- उत्तर पुस्तिका सीलिंग की मॉनिटरिंग
- शिकायतों का तत्काल समाधान
सिर्फ एक क्लिक पर जिला प्रशासन से सीधा संपर्क स्थापित होगा।
🔥 संदेश साफ — भविष्य से खिलवाड़ नहीं
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
इस बार की बोर्ड परीक्षा प्रशासनिक सख्ती, तकनीकी निगरानी और कानूनी प्रावधानों का ऐसा मिश्रण है जो आने वाले वर्षों की परीक्षा प्रणाली की दिशा तय करेगा।
📌 खबरी का मानना है –
18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा इस बार सिर्फ परीक्षा नहीं —
एक मिशन है।
एक संकल्प है।
एक संदेश है।
53 लाख से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर नहीं, बल्कि सुरक्षित हाथों में है।
अब देखना यह है कि हाईटेक मॉनिटरिंग और कड़े कानूनों के बीच यह परीक्षा किस तरह इतिहास रचती है।
लेकिन इतना तय है —
इस बार नकल पर ताला, और मेहनत को मिलेगा पूरा हक।







