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चंद्रप्रभा–कर्मनाशा के बीच गूंजेगी कविता की गंगा, अंतरराष्ट्रीय कवयित्री मणिका दुबे की कविताओं पर झूमेंगे श्रोता

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चकिया में होगा अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन, एक मंच पर जुटेंगे देश-विदेश के चर्चित कवि

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।विंध्य पर्वत की पवित्र श्रृंखलाओं के बीच बसा चकिया नगर एक बार फिर साहित्य और संस्कृति के एक बड़े उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। एक ओर शांत लहरों के साथ बहती चंद्रप्रभा नदी और दूसरी ओर इतिहास और लोककथाओं की गवाह कर्मनाशा नदी… इन दोनों के बीच स्थित इस सांस्कृतिक धरती पर अब शब्दों की ऐसी धारा बहने वाली है जो श्रोताओं के दिलों को झंकृत कर देगी।

मंगलवार की शाम चकिया नगर का आदित्य पुस्तकालय परिसर कविताओं, गीतों और हास्य-व्यंग्य की गूंज से सराबोर होगा, जब यहां अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

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इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें देश और विदेश में अपनी पहचान बना चुके कई नामचीन कवि और कवयित्रियां एक ही मंच से अपनी प्रस्तुति देंगे। ऐसे में चकिया की यह शाम केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक पर्व बन जाएगी।

जब मंच पर आएंगे अंतरराष्ट्रीय और चर्चित कवि

कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण होंगी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री मणिका दुबे, जिनकी कविताएं अपने भाव, संवेदना और प्रस्तुति के कारण देश-विदेश में खूब सराही जाती हैं। उनकी रचनाओं में प्रेम, समाज, संस्कृति और जीवन के अनेक रंग दिखाई देते हैं। मंच पर जब वे अपनी कविताएं सुनाएंगी तो निश्चित रूप से श्रोता झूमने को मजबूर हो जाएंगे।

उनके साथ मंच साझा करेंगे कई प्रसिद्ध कवि, जिनमें शामिल हैं—

  • अंतरराष्ट्रीय कवि दमदार बनारसी
  • प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. शिखा दीप्ति दीक्षित
  • व्यंग्य और शायरी के लिए चर्चित धर्मराज कवि शायर
  • लोकप्रिय कवि अखिलेश द्विवेदी
  • मधुर काव्यधारा के रचनाकार डॉ. मनोज द्विवेदी ‘मधुर’
  • जोशीली प्रस्तुति के लिए जाने जाने वाले प्रशांत बजरंगी

इन सभी कवियों की अलग-अलग शैली और विषयों की विविधता इस कार्यक्रम को और भी रोचक बना देगी। हास्य, व्यंग्य, सामाजिक संदेश और भावनात्मक कविताओं का ऐसा संगम शायद ही चकिया में पहले कभी देखने को मिला हो।

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कार्यक्रम में पहुंचेगे कई विशिष्ट अतिथि

इस भव्य कवि सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति भी तय की गई है, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चकिया विधायक कैलाश आचार्य शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के निदेशक और चकिया के पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान उपस्थित रहेंगे।

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इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता छत्रबली सिंह तथा काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होकर साहित्यिक आयोजन को प्रोत्साहित करेंगे।

इन सभी अतिथियों की मौजूदगी से कार्यक्रम को सामाजिक और बौद्धिक दोनों स्तरों पर विशेष महत्व मिल जाएगा।

दसवीं वर्षगांठ को यादगार बनाने की तैयारी

कार्यक्रम के आयोजक और पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन के प्रबंधक प्रशांत कुमार ने बताया कि यह आयोजन पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क की दसवीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क ने क्षेत्र की समस्याओं, उपलब्धियों और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रमुखता से सामने लाने का काम किया है। अब दस वर्ष पूरे होने पर संस्था ने तय किया कि इस अवसर को साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कवियों को मंच मिलेगा बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी एक उच्चस्तरीय साहित्यिक कार्यक्रम का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

साहित्य और संस्कृति का गहरा रिश्ता

कार्यक्रम के व्यवस्थापक कार्तिकेय पाण्डेय ने बताया कि साहित्य और संस्कृति का रिश्ता बेहद गहरा होता है।

उनके अनुसार साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी है। कविता और गीतों के माध्यम से समाज की भावनाएं, समस्याएं और उम्मीदें व्यक्त होती हैं।

उन्होंने कहा कि विंध्य पर्वत की श्रृंखलाओं से घिरा चकिया क्षेत्र प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है। यहां के लोगों में साहित्य और कला के प्रति गहरी रुचि रही है। ऐसे में इस प्रकार का आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।

400 से अधिक श्रोताओं के बैठने की व्यवस्था

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। आदित्य पुस्तकालय परिसर में लगभग 400 से 500 श्रोताओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।

मंच की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि प्रणाली को भी विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है ताकि कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आयोजन समिति के सदस्य लगातार मंच के स्वरूप, अतिथियों के स्वागत और श्रोताओं की सुविधा के लिए प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है।

चकिया में साहित्यिक परंपरा को मिलेगा नया विस्तार

चकिया क्षेत्र हमेशा से अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन अब यहां साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की परंपरा भी तेजी से विकसित हो रही है।

अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन जैसे आयोजन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए उत्सव होते हैं बल्कि यह नई पीढ़ी को भी साहित्य की ओर आकर्षित करते हैं।

जब युवा कवियों और कवयित्रियों को मंच मिलता है और वे अपनी रचनाएं लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं तो समाज में रचनात्मकता और सकारात्मकता का वातावरण बनता है।

कविता की महफिल से गूंज उठेगा चकिया

मंगलवार की शाम जब मंच पर कवियों की आवाज गूंजेगी, जब श्रोताओं की तालियों से पूरा परिसर गूंज उठेगा और जब हास्य-व्यंग्य के बीच संवेदनाओं से भरी कविताएं सुनाई देंगी—तब यह कार्यक्रम केवल एक कवि सम्मेलन नहीं रहेगा बल्कि चकिया की सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बन जाएगा।

विंध्य पर्वत की वादियों में जब कविता की ध्वनि गूंजेगी और चंद्रप्रभा-कर्मनाशा के बीच शब्दों की यह धारा बहेगी, तब हर श्रोता के मन में साहित्य के प्रति नया उत्साह और सम्मान पैदा होगा।

निस्संदेह, पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क की दसवीं वर्षगांठ पर आयोजित यह अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन चकिया नगर के इतिहास में एक यादगार सांस्कृतिक आयोजन के रूप में दर्ज होगा।

और जब अंतरराष्ट्रीय कवयित्री मणिका दुबे की कविताओं पर श्रोता झूमेंगे, तब यह शाम सचमुच साहित्य के उत्सव में बदल जाएगी।

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