Chandauli News
Chandauli News: चंदौली जिले के शहाबगंज थाना परिसर में आगामी त्योहारों को लेकर शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से एक अहम ‘शांति समिति’ बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रियंका सिंह ने की, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ईद-उल-फितर और चैत्र नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराना रहा। थाना प्रभारी प्रियंका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होते, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी देते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इन पर्वों को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें, खासकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों से सतर्क रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति माहौल खराब करने की कोशिश करता है या भड़काऊ गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र के हर संवेदनशील स्थान पर विशेष नजर रखी जा रही है। त्योहारों के दौरान पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बल भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। सभी ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में शांति और भाईचारा बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर उप निरीक्षक प्रभुनाथ यादव, रामचंद्र शाही, राजेंद्र सिंह, कमलाकांत यादव सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही ग्राम प्रधान आलमीन अंसारी, सिरताज अहमद, शमशाद अंसारी समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने बैठक में भाग लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
बैठक का समापन आपसी सौहार्द और सहयोग के संदेश के साथ हुआ। प्रशासन और जनता के बीच इस संवाद को बेहद सकारात्मक माना जा रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न होंगे।






