© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail
Home » Uncategorized » KHABARI NEWS | “एक पेड़ मां के नाम” से हरित क्रांति की दस्तक — वृक्ष बंधु परशुराम सिंह बने पर्यावरण चेतना के प्रतीक

KHABARI NEWS | “एक पेड़ मां के नाम” से हरित क्रांति की दस्तक — वृक्ष बंधु परशुराम सिंह बने पर्यावरण चेतना के प्रतीक

[smartslider3 slider=”10″]

(Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava, Advocate)

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चंदौली ।
जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र को लेकर चिंतित है, तब चंदौली जनपद की धरती पर एक ऐसा अभियान आकार ले रहा है, जो केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों और जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
“एक पेड़ मां के नाम” — यह सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि एक ऐसी हरित क्रांति का बीजारोपण है, जिसकी जड़ें सीधे इंसान के दिल से जुड़ती हैं।

SRVS Sikanderpur

इस क्रांति के सूत्रधार हैं वृक्ष बंधु श्री परशुराम सिंह, जिनका नाम अब पर्यावरण संरक्षण की हर चर्चा में सम्मान के साथ लिया जाने लगा है। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर उन्होंने चंद्रप्रभा और चकिया रेंज में जो कार्य किया, वह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बन गया।

लतीफशाह वन विश्राम गृह: जहां भावनाओं ने लिया हरियाली का रूप

चंद्रप्रभा रेंज के लतीफशाह वन विश्राम गृह परिसर में जब पौधारोपण कार्यक्रम शुरू हुआ, तो वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा थी।
यहां परशुराम सिंह ने जैसे ही अपने हाथों से पौधा रोपा, वहां मौजूद हर व्यक्ति के मन में एक संकल्प जाग उठा — “हम भी इस धरती को हरा-भरा बनाएंगे।”

कार्यक्रम में क्षेत्रीय वन अधिकारी अखिलेश कुमार दुबे, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी रामचरित्र सिंह, वन दरोगा रिशु चौबे, श्रीमती जागृति यादव सहित अनेक वनकर्मी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया और हर पौधे को “मां के नाम” समर्पित किया।

यह दृश्य केवल एक सरकारी कार्यक्रम का नहीं था, बल्कि यह उस भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक था, जो इंसान को प्रकृति से जोड़ता है।
हर पौधा मानो एक कहानी कह रहा था — मां की ममता और धरती की हरियाली का अद्भुत संगम।

Dalimss Sunbeam Chakia

बाबा जागेश्वर नाथ महाविद्यालय: युवाओं में जागी नई सोच

चकिया रेंज के बाबा जागेश्वर नाथ महाविद्यालय, हेतीमपुर में आयोजित कार्यक्रम ने इस अभियान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
यहां छात्रों और शिक्षकों ने जिस उत्साह के साथ पौधारोपण में भाग लिया, वह इस बात का प्रमाण है कि यह पहल अब एक जनआंदोलन बनती जा रही है।

विद्यालय प्रबंधक रामासरे यादव और प्राचार्य डी.एन. यादव ने स्वयं पौधे लगाकर युवाओं को प्रेरित किया।
साथ ही क्षेत्रीय वन अधिकारी अश्विनी चौबे, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी आनंद दुबे, वन दरोगा यशवंत सिंह, अमित यादव, वन रक्षक आदित्य सिंह, शिवबक्स सिंह, हरिकिशन सहित पूरी टीम ने इस आयोजन को सफल बनाया।

Silver Bells Chakia

छात्रों के चेहरे पर जो उत्साह था, वह साफ बता रहा था कि यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सोच का परिवर्तन है।
अब युवा समझने लगे हैं कि पेड़ लगाना केवल पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करना है।

परशुराम सिंह: एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा

आज के दौर में जहां लोग केवल बातों तक सीमित रह जाते हैं, वहीं वृक्ष बंधु परशुराम सिंह ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि बदलाव की शुरुआत एक व्यक्ति से भी हो सकती है।

उनका “एक पेड़ मां के नाम” अभियान इसलिए खास है, क्योंकि यह सीधे दिल से जुड़ता है।
हर व्यक्ति अपनी मां से भावनात्मक रूप से जुड़ा होता है, और जब उसी भावना को पर्यावरण से जोड़ा जाता है, तो वह एक शक्तिशाली आंदोलन बन जाता है।

परशुराम सिंह का मानना है —
“अगर हर व्यक्ति साल में एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाए और उसकी देखभाल करे, तो धरती को हरा-भरा होने से कोई नहीं रोक सकता।”

उनकी यही सोच आज हजारों लोगों को प्रेरित कर रही है।

खबरी न्यूज का विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह अभियान?

???? आज जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं
???? प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है
???? जल संकट गहराता जा रहा है

ऐसे समय में “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान केवल जागरूकता नहीं, बल्कि समाधान का रास्ता दिखाते हैं।

खबरी न्यूज मानता है कि अगर इस पहल को प्रशासन, स्कूलों और समाज के हर वर्ग का सहयोग मिले, तो यह एक बड़े स्तर पर परिवर्तन ला सकता है।

भावनाओं से जुड़ा पर्यावरण का सबसे मजबूत मॉडल

इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत इसकी भावनात्मक अपील है।
जब कोई व्यक्ति अपने हाथों से मां के नाम पौधा लगाता है, तो वह केवल एक पौधा नहीं लगाता, बल्कि उसके साथ एक रिश्ता जोड़ता है।

???? वह उस पौधे की देखभाल करता है
???? उसे बढ़ते हुए देखता है
???? और उसे अपने परिवार का हिस्सा मानता है

यही कारण है कि यह पहल अन्य अभियानों से अलग और अधिक प्रभावशाली बन जाती है।

???? समाज के लिए संदेश

आज जरूरत है कि हर व्यक्ति इस अभियान को अपनाए।
हर गांव, हर स्कूल, हर परिवार अगर इस संकल्प को ले ले, तो आने वाले वर्षों में पूरा क्षेत्र हरा-भरा हो सकता है।

✍️ खबरी की सोच: एक पौधा, एक भावना, एक भविष्य

विश्व वानिकी दिवस पर चंद्रप्रभा और चकिया में हुआ यह आयोजन एक नई शुरुआत है।
यह सिर्फ पौधारोपण नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच का जन्म है, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण देने का वादा करती है।

“एक पेड़ मां के नाम” — यह एक छोटा कदम जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा हो सकता है।

और जब इस अभियान के पीछे परशुराम सिंह जैसे समर्पित व्यक्तित्व हों, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि —
“हरियाली की यह लहर अब रुकने वाली नहीं है।”

???? KHABARI NEWS APPEAL:
आज ही एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाइए… क्योंकि यही सच्ची श्रद्धांजलि है, और यही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा।

Share this post:

Facebook
X
Telegram
Email
WhatsApp

Leave a Comment

लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो

लेटेस्ट न्यूज़ चंदौली

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़ | पचवनियां फाल पर किसानों का आर-पार का ऐलान, मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना निर्माणाधीन बीयर (छलका) की ऊंचाई को लेकर भड़का किसानों का आक्रोश, भारतीय किसान मंच और भाकियू (टिकैत) ने दी आंदोलन को धार, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Read More »

Advertisement Box

Follow Our Facebook Page

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल

© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

error: Content is protected !!