खबरी न्यूज | चंदौली ब्यूरो
चंदौली जिले के किसानों के लिए अब सरकार ने साफ संदेश दे दिया है—“अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई, तो सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा!” यही कड़ा रुख सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में देखने को मिला, जहां मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताते हुए तुरंत सुधार के निर्देश दिए।

बैठक में क्या हुआ खास?
“फार्मर रजिस्ट्री-कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में CDO ने फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है।
👉 स्पष्ट चेतावनी:“फार्मर रजिस्ट्री“अगर समय रहते रजिस्ट्री नहीं कराई गई, तो भविष्य में किसानों को पीएम किसान समेत अन्य योजनाओं से वंचित होना पड़ेगा।”
यह बयान किसानों के लिए किसी अलार्म से कम नहीं है।
https://upfr.agristack.gov.in/farmer-registry-up/
गांव-गांव चलेगा अभियान
CDO ने ग्राम्य विकास, पंचायती राज और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब “डेस्क वर्क नहीं, फील्ड वर्क” करना होगा।
- गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जाए
- पात्र किसानों की पहचान कर तुरंत रजिस्ट्री कराई जाए
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
👉 उन्होंने साफ कहा—
“फार्मर रजिस्ट्री-“हर पात्र किसान की फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित होनी चाहिए, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।”

किसानों के लिए आसान रास्ते
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कई डिजिटल और ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध कराए हैं:
✔️ Farmer Registry Self App से खुद रजिस्ट्रेशन
✔️ सहायक ऐप के जरिए मदद लेकर प्रक्रिया पूरी
✔️ नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर रजिस्ट्री
✔️ ग्राम पंचायत स्तर पर:
- पंचायत सहायक
- रोजगार सेवक
- कृषि विभाग के तकनीकी सहायक (BTM, ATM)
👉 सबसे बड़ी बात—यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है।
“फार्मर रजिस्ट्री-क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री?
आज के डिजिटल युग में सरकार हर योजना को डेटाबेस आधारित बना रही है। ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री एक तरह से किसान की “डिजिटल पहचान” बन चुकी है।
अगर रजिस्ट्री नहीं है, तो—
❌ पीएम किसान की किस्त रुक सकती है
❌ सब्सिडी और अनुदान में परेशानी
❌ भविष्य की योजनाओं से बाहर होने का खतरा
👉 यानी साफ है—“No Registry = No Benefit”
“फार्मर रजिस्ट्री-बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें—
- अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार
- उप कृषि निदेशक भीमसेन
- जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव
- अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी
खबरी न्यूज का विश्लेषण
चंदौली में यह बैठक केवल एक समीक्षा नहीं, बल्कि प्रशासन की सख्त चेतावनी है। सरकार अब योजनाओं में पारदर्शिता और सटीकता चाहती है, और इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बनाया जा रहा है।
👉 “फार्मर रजिस्ट्री-अगर अभी भी किसान लापरवाही करते हैं, तो आने वाले समय में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
📢 खबरी अपील
किसान भाइयों!
अगर आपने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, तो इसे टालिए मत। आज ही नजदीकी जनसेवा केंद्र या पंचायत स्तर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं।
👉 क्योंकि अब साफ है—
“रजिस्ट्री कराओ, हक पाओ… नहीं तो योजनाओं से हाथ धो बैठो!”


















