चकिया, चंदौली | खबरी न्यूज स्पेशल रिपोर्ट
सुबह का वो पल… जब रिजल्ट की घंटी बजी और मोबाइल स्क्रीन पर जैसे ही नंबर चमके — किसी की आंखों में आंसू थे, तो कहीं खुशी की चीखें गूंज उठीं। चकिया का सिल्वर बेल्स स्कूल इस बार सिर्फ पास नहीं हुआ… बल्कि इतिहास रच गया।

सत्र 2025–26 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम जैसे ही सामने आया, पूरा इलाका गौरव से भर उठा। यह सिर्फ एक रिजल्ट नहीं था, यह उन अनगिनत रातों की मेहनत, मां-बाप की दुआओं और शिक्षकों के तप का नतीजा था।

टॉपर्स ने मारी बाजी, नंबर देखकर थम गई सांसें
Silver bells-इस ऐतिहासिक सफलता के नायक बने मोहम्मद माज़, जिन्होंने 92.0% अंक हासिल कर स्कूल में पहला स्थान कब्जाया। वहीं ज्ञानेंद्र प्रताप (92%) ने बेहद कड़ी टक्कर देते हुए दूसरा स्थान पाया और हर्ष कुमार गुप्ता (91%) तीसरे पायदान पर रहे।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
Silver bells-मान्या जायसवाल और आराध्या त्रिपाठी ने भी 90% के साथ अपनी चमक बिखेरी।
इसके अलावा कृतिका कुमारी (89%), मुहम्मद जोहैब (86%), सुहानी सिंह (84%), आस्था पांडेय (83%) और प्रियंका गुप्ता (83%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर साबित कर दिया कि यह सफलता सामूहिक है।

सब्जेक्ट टॉपर्स: हर विषय में छाया सिल्वर बेल्स का जलवा
यह रिजल्ट सिर्फ ओवरऑल नंबर का खेल नहीं था, बल्कि हर विषय में टैलेंट की चमक साफ नजर आई—
👉 SST (सामाजिक विज्ञान) में ज्ञानेंद्र प्रताप ने 98 अंक लाकर कमाल कर दिया।
👉 English में मान्या जायसवाल ने 95 अंक के साथ लहराया परचम।
👉 Hindi में मोहम्मद माज़ के 95 अंक ने सबको चौंका दिया।
👉 Maths में भी ज्ञानेंद्र और हर्ष ने मजबूत पकड़ दिखाई।
👉 Science में हर्ष कुमार गुप्ता ने 94 अंक के साथ अपनी पहचान बनाई।
👉 IT में मान्या जायसवाल ने फिर से 95 अंक लाकर साबित किया—ये नाम याद रखना पड़ेगा!

स्कूल कैंपस बना जश्न का मैदान
Silver bells-रिजल्ट के बाद स्कूल परिसर में ऐसा माहौल था जैसे कोई बड़ा त्योहार हो। मिठाइयां बंटी, गले मिले, और हर तरफ बस एक ही आवाज—
“ये है चकिया का असली टैलेंट!”
Silver bells-विद्यालय के चेयरमैन प्रभात जायसवाल, डायरेक्टर सुषमा जायसवाल, असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ जायसवाल, प्रिंसिपल अनुपमा अग्रवाल और वाइस प्रिंसिपल राजदीप पॉल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा—
“ये सिर्फ नंबर नहीं, यह विश्वास है कि हमारे बच्चे किसी से कम नहीं।”
सस्पेंस से सफलता तक: हर बच्चे की अपनी कहानी
Silver bells-इन अंकों के पीछे सिर्फ किताबें नहीं थीं…
बल्कि वो संघर्ष था, जब बिजली चली जाती थी…
वो पल जब नींद आंखों से लड़ती थी…
और वो उम्मीद, जो हर सुबह फिर से जगती थी।
आज वही मेहनत रंग लाई है।
आज चकिया सिर्फ देख नहीं रहा… गर्व कर रहा है।
🚀 खबरी न्यूज का मानना है–
Silver bells- स्कूल का यह परिणाम एक संदेश है—
अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटे शहरों से भी बड़े इतिहास लिखे जाते हैं।
यह सफलता सिर्फ छात्रों की नहीं…
यह पूरे चंदौली की जीत है।
📢 खबरी न्यूज अपील:
अगर आपके घर में भी ऐसा कोई चमकता सितारा है, हमें बताइए—
क्योंकि हर सफलता की कहानी, देश को प्रेरणा देते है।

















