नायब तहसीलदार के आश्वासन पर मामला शांत
डीडीयू नगर, चंदौली। जिले के सकलडीहा तहसील क्षेत्र के बहेरी गांव में Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गुरुवार को यह विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

जानकारी के अनुसार, Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha की शुरुआत उस समय हुई जब बसपा और भीम आर्मी के समर्थकों ने गांव की एक खाली पड़ी जमीन पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया। समर्थकों का कहना था कि यह कदम संविधान निर्माता के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उठाया गया है। लेकिन स्थानीय निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया।
गांव के निवासी घनश्याम सिंह और विशाल सिंह समेत कई लोगों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर प्रतिमा लगाई जा रही थी, वह उनकी निजी भूमि के मार्ग का हिस्सा है। उनका कहना था कि प्रतिमा स्थापना के नाम पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha ने अचानक उग्र रूप ले लिया।
देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जुट गए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गांव का माहौल युद्धक्षेत्र जैसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात को काबू में किया।
इस दौरान Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha को शांत कराने के लिए नायब तहसीलदार दिनेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा स्थापना के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित स्थान चिन्हित किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ही समर्थक शांत हुए और मामला फिलहाल टल गया।

विवाद यहीं समाप्त नहीं हुआ। प्रशासन ने पहले बिना पूर्व सूचना के यातायात सुधार और अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत प्रतिमा को हटाने की कोशिश की थी, जिससे समर्थकों में आक्रोश फैल गया। इसी कारण Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha ने और भी गंभीर रूप ले लिया और सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।
बसपा नेताओं ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अंततः प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया, जिससे तत्काल टकराव टल गया।

गौरतलब है कि Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले भी सकलडीहा क्षेत्र के कम्हारी और कंदवा गांवों में इस तरह के विवाद सामने आ चुके हैं, जहां खेत और निजी जमीन पर प्रतिमा स्थापना को लेकर झड़पें हुई थीं।
एक ओर समर्थक इसे सामाजिक सम्मान और पहचान का प्रतीक मानते हैं, वहीं दूसरी ओर भूमि स्वामी अपने संपत्ति अधिकारों की रक्षा की बात करते हैं। यही कारण है कि Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha जैसे मामले बार-बार सामने आ रहे हैं और प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।
अप्रैल 2026 तक उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के विवाद बढ़ते देखे जा रहे हैं, जो सामाजिक सम्मान और निजी संपत्ति के अधिकारों के बीच टकराव को उजागर करते हैं। फिलहाल प्रशासन संतुलन बनाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन बहेरी गांव में स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो Ambedkar Statue Dispute Sakaldiha एक बार फिर बड़ा रूप ले सकता है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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