, SDM विनय मिश्रा का सख्त संदेश – “सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं चलेगा”
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया, चंदौली।
जनपद में चल रहे व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शुक्रवार को प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए मातेश्वरी विद्यालय की अवैध बाउंड्रीवाल और निर्माणाधीन गेट को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी चकिया विनय मिश्रा के नेतृत्व में की गई, जिसने पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की गर्जना के साथ अवैध संरचना को गिराया गया। मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल जरूर रहा, लेकिन प्रशासनिक टीम पूरी तैयारी और कानूनी प्रक्रिया के साथ उपस्थित रही।
🚨 क्या था पूरा मामला?
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर कब्जा कर मातेश्वरी विद्यालय की ओर से बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई है। इतना ही नहीं, उसी भूमि पर एक मंदिर का गेट भी निर्माणाधीन था, जिसका निर्माण गुलाब मौर्या द्वारा कराया जा रहा था।
उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने स्थल निरीक्षण किया। जांच में शिकायतें सही पाई गईं। स्पष्ट हुआ कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर स्थायी संरचना खड़ी की जा रही थी।

🏗️ प्रशासन का त्वरित एक्शन
जांच रिपोर्ट मिलते ही SDM विनय मिश्रा ने बिना किसी विलंब के कार्रवाई का आदेश दिया।
शुक्रवार को प्रशासनिक टीम, पुलिस बल और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन से अवैध बाउंड्रीवाल और निर्माणाधीन गेट को पूरी तरह गिरा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
🎯 SDM विनय मिश्रा का स्पष्ट संदेश
उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा ने मौके पर स्पष्ट शब्दों में कहा:
“सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन द्वारा किया गया हो। प्रशासन कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगा।”
उनका यह बयान न केवल वर्तमान मामले के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान की दिशा भी स्पष्ट करता है।
📌 सिंचाई विभाग की जमीन क्यों महत्वपूर्ण?
सिंचाई विभाग की भूमि सामान्यतः नहर, जल निकासी और सिंचाई तंत्र से जुड़ी होती है। ऐसी भूमि पर अतिक्रमण होने से:
- जल निकासी व्यवस्था बाधित होती है
- भविष्य की सिंचाई योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है
- सरकारी परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न होती है
- बाढ़ या जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है
प्रशासन का कहना है कि ऐसे अतिक्रमण केवल अवैध ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित के खिलाफ भी हैं।

⚖️ कानूनी प्रक्रिया का पालन
सूत्रों के अनुसार, संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था। नियमानुसार जवाब और दस्तावेजों की जांच की गई। जब यह स्पष्ट हो गया कि कब्जा अवैध है, तब ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई अचानक नहीं बल्कि पूरी तरह कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई।
🏛️ मंदिर गेट निर्माण पर भी कार्रवाई
इस प्रकरण में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी था कि उसी भूमि पर एक मंदिर का गेट भी बनवाया जा रहा था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के नाम पर भी सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया जा सकता।
SDM विनय मिश्रा ने कहा:
“कानून सबके लिए समान है। सरकारी जमीन पर चाहे कोई भी निर्माण हो, वह वैध अनुमति के बिना स्वीकार्य नहीं है।”
यह बयान प्रशासन की निष्पक्षता और संवैधानिक दायित्व को दर्शाता है।
👮♂️ प्रशासनिक टीम की सक्रिय भूमिका
कार्रवाई के दौरान निम्न विभागों की सक्रिय भागीदारी रही:
- राजस्व विभाग
- सिंचाई विभाग
- स्थानीय पुलिस
- नगर प्रशासन
सभी विभागों के समन्वय से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
📣 जनपद में जारी रहेगा अभियान
चकिया ही नहीं, पूरे चंदौली जनपद में अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार चल रहा है। हाल के दिनों में कई स्थानों पर अवैध कब्जों को हटाया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है:
- सरकारी भूमि की सुरक्षा
- सार्वजनिक हित की रक्षा
- भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना
- कानून व्यवस्था बनाए रखना
🔍 प्रशासन की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, अब प्रशासन ने निम्न कदमों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है:
- सरकारी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट
- राजस्व मानचित्रों का पुनः सत्यापन
- शिकायतों की त्वरित जांच
- अवैध निर्माण पर त्वरित कार्रवाई
SDM विनय मिश्रा की कार्यशैली को क्षेत्र में “सख्त लेकिन संतुलित” बताया जा रहा है।
🌐 जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा रोकना जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने इसे कठोर कदम बताया।
हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि कानून के दायरे में रहकर ही विकास संभव है।
🧭 आगे क्या?
प्रशासन अब जनपद के अन्य संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर रहा है। जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
SDM विनय मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि:
- किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले वैध अनुमति लें
- सरकारी भूमि पर कब्जा करने से बचें
- संदिग्ध अतिक्रमण की सूचना प्रशासन को दें
🔴 Khabari News का ब्यू
चकिया में मातेश्वरी विद्यालय की बाउंड्रीवाल पर चला बुलडोजर केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रशासन की स्पष्ट नीति का प्रतीक है। उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि कानून सर्वोपरि है।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण चाहे किसी भी रूप में हो — शिक्षा संस्था, धार्मिक निर्माण या निजी उपयोग — प्रशासन उसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
चकिया में बुलडोजर की यह गूंज पूरे जनपद में सुनाई दी है।
अभियान जारी है… और प्रशासन का रुख स्पष्ट है —
👉 “सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं चलेगा।”







