सीडीओ आर. जगत साईं का सख्त निर्देश – “वृक्षारोपण से लेकर गंगा संरक्षण तक—अब ज़रा-सी भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं!”
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली । विकास भवन सभागार में वह नज़ारा देखने को मिला, जहाँ प्रशासन की तीन सबसे महत्वपूर्ण समितियाँ—जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति—एक ही मंच पर बैठीं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देशन में आयोजित इस संयुक्त बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने की।
बैठक का माहौल बिल्कुल साफ था—काम परिणाम चाहता है, और धरातल पर चाहिये!

🌱 वृक्षारोपण महाअभियान–2025 का पहला बड़ा रिव्यू – CDO का क्लियर मैसेज
सीडीओ ने मीटिंग की शुरुआत ही एक मजबूत और स्पष्ट संदेश से की—
“वृक्षारोपण महाअभियान-2025 जिले की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ अभियान है। पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी है—उन्हें बचाना।”
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी वृक्षारोपण स्थलों की 100% जियो-टैगिंग पूरी करने का निर्देश दिया।
साथ ही अन्तर्विभागीय वृक्षारोपण सत्यापन रिपोर्ट भी एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

🔴 पौधे सूखे? तुरंत पुनः रोपण – कोई बहाना नहीं चलेगा
सीडीओ ने बहुत कड़े लहजे में कहा—
“पौधे बचेंगे तभी पर्यावरण बचेगा। यदि किसी भी स्थल पर पौधे सूखें, नष्ट हों या गायब मिलें—तो मानक के अनुसार तुरंत पुनः रोपण कराया जाए। जिले में कोई भी वृक्षारोपण स्थल शोपीस बनकर नहीं रहेगा।”
यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और भी कड़ा होने वाला है।
गंगा संरक्षण पर हाई फोकस – “यह सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं, सांस्कृतिक जिम्मेदारी है”
जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए।
सीडीओ ने APE, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, वाराणसी के अधिकारियों को सख्त स्वर में निर्देश दिया कि—
1️⃣ रौना ग्राम सभा में प्रस्तावित एसटीपी (STP) निर्माण
- भूमि क्रय में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
- इस कार्य को बिना विलंब पूरा करने हेतु उप जिलाधिकारी पं. डी.डी.यू. नगर से समन्वय अनिवार्य है।
- अगली बैठक में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट हर हाल में प्रस्तुत की जाए।
सीडीओ का यह स्पष्ट निर्देश दिखाता है कि गंगा सफाई और प्रदूषण नियंत्रण अब ‘कन्फ्यूजन’ या ‘फाइल मूवमेंट’ का खेल नहीं रहेगा—यह सीधा मिशन मोड में चलेगा।
5-Year District Ganga Plan – जिले का रोडमैप तय होगा अब
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण भाग था—भविष्य की दिशा तय करना।
सीडीओ ने डीपीओ (नमामि गंगे) को निर्देशित किया कि—
- जिले के Key Issues के अनुसार
- सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर
- जिला गंगा प्लान की पाँच वर्षीय कार्ययोजना तैयार करें
- और इसे प्रभागीय कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराएं।
यह पाँच वर्षीय योजना गंगा संरक्षण, घाटों की स्वच्छता, नालों के डायवर्जन, प्रदूषण नियंत्रण, जन-जागरूकता और गंगा किनारे बसे गाँवों के सतत विकास का रोडमैप बनेगी।
बैठक में माहौल कैसा रहा? – खबरी न्यूज की अंदरूनी रिपोर्ट
सीडीओ आर. जगत साईं ने पूरे समय एक-एक बिंदु पर शार्प नज़र रखी।
बैठक में बैठने वाले अधिकारियों के लिए यह स्पष्ट रूप से Accountability Meeting थी।
कई विभागों को निर्देश मिले, कुछ को चेतावनी जैसा संदेश, और कुछ को कार्ययोजना अपडेट करने का समयबद्ध आदेश।
अफसरों के चेहरों पर दिखी जिम्मेदारी, और सीडीओ की आवाज़ में दिखी प्रशासनिक दृढ़ता यह समझने के लिए काफी थी कि जिला प्रशासन अब “लक्ष्य आधारित काम” चाहता है, न कि “काग़ज़ आधारित प्रगति”।

🌳 पर्यावरण–गंगा–वृक्षारोपण : तीनों एक-दूसरे से जुड़े हैं
यह संयुक्त बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि—
- वृक्षारोपण से पर्यावरण सुधरेगा।
- पर्यावरण सुधरेगा तो जल स्रोत सुधरेंगे।
- और जब जल स्रोत सुधरेंगे तो गंगा की सेहत बेहतर होगी।
यही कारण है कि सीडीओ ने तीनों समितियों को एक साथ बैठाकर इंटीग्रेटेड प्लानिंग की शुरुआत की—
अब से अलग-अलग विभाग नहीं, बल्कि एक संयुक्त शक्ति बनकर काम करेंगे।
📸 खबरी न्यूज का एंगल – जनता क्या महसूस करेगी?
जनता अक्सर ऐसे अभियानों को सरकारी औपचारिकता मान लेती है।
लेकिन इस बार माहौल अलग है—
- आदेश स्पष्ट हैं
- समय सीमा तय है
- जिम्मेदारी फिक्स है
- और निगरानी बेहद कड़ी है
खासकर जियो-टैगिंग और शत-प्रतिशत सत्यापन वाले निर्देश से पता चलता है कि
वृक्षारोपण की हर एक जगह अब कैमरे और जीपीएस की निगरानी में होगी।
🚨 आने वाले दिनों में जिले की तस्वीर बदल सकती है
इस बैठक के बाद उम्मीद की जा रही है कि—
- गंगा किनारे प्रदूषण नियंत्रण तेजी पकड़ेगा
- रौना ग्राम सभा में एसटीपी निर्माण की राह साफ होगी
- वृक्षारोपण की निगरानी मजबूत होगी
- पर्यावरण विभाग की जवाबदेही बढ़ेगी
- और पाँच वर्षों की गंगा कार्ययोजना से जिला पर्यावरणीय मॉडल के रूप में उभरेगा
Khabari News की समझ : यह बैठक सिर्फ “मीटिंग” नहीं—एक “मास्टर प्लान” का ब्लूप्रिंट है
जिले के विकास की बुनियाद अब
हरियाली + स्वच्छ गंगा + मजबूत पर्यावरण ढांचे
पर टिकेगी।
सीडीओ की सख्त कार्यशैली और जिलाधिकारी के विज़न से लगता है कि
आने वाले महीनों में
चन्दौली जिला गंगा और पर्यावरण संरक्षण में प्रदेश स्तर पर उदाहरण बन सकता है।
📢 अंत में – खबरी न्यूज का संबोधन
हम अपने सोशल मीडिया परिवार को बताना चाहते हैं—
पर्यावरण, गंगा, नदियाँ, पेड़, प्रकृति… ये सिर्फ सरकारी योजनाएँ नहीं हैं,
ये हमारी विरासत हैं।
आज की बैठक का संदेश था—
“यदि आज नहीं जागे, तो कल बहुत देर हो जाएगी।”
खबरी न्यूज जिले की हर पर्यावरणीय सक्रियता पर नज़र रखेगा
और जनता तक हर सच, हर प्रगति और हर कार्रवाई को पहुंचाता रहेगा।

