खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली। राम नवमी के पावन पर्व पर जब पूरा देश भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज रहा था, उसी बीच जनपद चंदौली से एक ऐसी पहल सामने आई जिसने आस्था, सेवा और समाज के प्रति समर्पण की एक नई मिसाल कायम कर दी। डैडीज इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा कांटा द्वारा चलाई जा रही निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा योजना के तहत शनिवार 28 मार्च 2026 को चौदहवीं बार वातानुकूलित ट्रैवेलर बस अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई।
यह केवल एक बस नहीं थी… यह श्रद्धा, सेवा और संस्कारों से भरी एक चलती-फिरती प्रेरणा थी, जिसमें बैठे हर यात्री के चेहरे पर भक्ति, उत्साह और कृतज्ञता साफ झलक रही थी।
सेवा की इस यात्रा में सिर्फ सफर नहीं, भावनाएं भी साथ चल रही थीं
सुबह जैसे ही विद्यालय परिसर में बस तैयार हुई, “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण गूंज उठा। यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में आस्था की चमक थी। किसी ने सिर पर गमछा बांधा था, तो कोई हाथ में फूल-माला लिए भगवान के दर्शन के लिए आतुर था।
यह दृश्य किसी साधारण कार्यक्रम का नहीं, बल्कि जनसेवा और धर्मार्थ भावना के संगम का प्रतीक बन चुका था।

किसके प्रयास से चल रही है यह अनोखी पहल?
इस पूरी पहल के पीछे हैं
LTP कैलकुलेटर के आविष्कारक और शेयर मार्केट एवं आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ
👉 डॉ. विनय प्रकाश तिवारी
उनके निर्देशन में संचालित इस CBSE बोर्ड के इंटर कॉलेज ने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपनी पहचान बना लिया है।
डॉ. तिवारी का साफ कहना है—
👉 “अयोध्या की यात्रा सिर्फ दर्शन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली साधना है।”
उन्होंने भगवान श्रीराम को “मर्यादा पुरुषोत्तम” बताते हुए कहा कि
👉 “उनका जीवन अनुशासन, त्याग, सत्य और कर्तव्य का सर्वोच्च उदाहरण है, जिसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।”

शिक्षा के साथ संस्कार… यही है इस स्कूल की असली पहचान
विद्यालय के प्राचार्य एवं एमडी
👉 डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव
ने इस पहल को समाज के लिए “प्रेरणादायक मॉडल” बताया।
उन्होंने कहा—
👉 “आज के दौर में जहां लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, वहां इस तरह की निःस्वार्थ सेवा समाज को जोड़ने और संस्कारों को बचाने का कार्य करती है।”
विद्यालय परिसर में मौजूद सुविधाओं को देखकर तीर्थयात्री भी अभिभूत नजर आए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि
👉 “यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन का अनुभव है।”
🙏 हर महीने चलती है यह “भक्ति की बस”
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि
👉 यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर महीने चलने वाली सेवा है
अब तक यह बस:
✔ कई बार अयोध्या धाम जा चुकी है
✔ इसके अलावा मथुरा की यात्रा भी कराई जा चुकी है
✔ भविष्य में अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी जोड़ा जाएगा
यानी यह पहल धीरे-धीरे धार्मिक पर्यटन और समाज सेवा का बड़ा नेटवर्क बनती जा रही है।
कौन-कौन रहे इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह?
इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
बंशीधर तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी, राहुल पाण्डेय (मनीष), नीरज दूबे, राजकुमार गिरी, लालजी गिरी, मिलन तिवारी, अखिलेश तिवारी, सनद पाण्डेय, राधेश्याम पाण्डेय, बृजेश सिंह, संदीप कुमार, विद्याधर पाण्डेय, चंद्रशेखर दुबे, देवदत्त त्रिपाठी, बलवंत सिंह, कन्हैया सिंह, सीताराम गिरी, हिमांशु गिरी, शिवम गिरी सहित
👉 विनीत दुबे, सुमित वर्मा, अमित शुक्ला, पवन तिवारी, रवि पाण्डेय और पुष्पा गिरि भी उपस्थित रहे।
इन सभी की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अधिक भव्य और सामाजिक रूप से मजबूत बना दिया।
क्यों खास है यह पहल?
आज के समय में जहां:
❌ धार्मिक यात्राएं महंगी होती जा रही हैं
❌ आम व्यक्ति के लिए तीर्थ करना मुश्किल होता जा रहा है
वहीं यह पहल:
✔ पूरी तरह FREE है
✔ AC ट्रैवेलर बस सुविधा के साथ
✔ सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा
✔ हर वर्ग के लोगों के लिए खुली
👉 यानी यह सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की मिसाल है।
“राम नवमी” पर यह पहल क्यों बनी चर्चा का विषय?
राम नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि
👉 धर्म, मर्यादा और आदर्शों का उत्सव है
ऐसे दिन पर इस यात्रा का आयोजन यह संदेश देता है कि
👉 “अगर हम सच में राम के आदर्शों को मानते हैं, तो सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”
और डैडीज स्कूल ने इसे सिर्फ कहा नहीं…
👉 करके दिखाया है।

🎤 KHABARI ANALYSIS (खबरी की धारदार नजर)
👉 यह पहल बताती है कि
अगर शिक्षा संस्थान चाहें तो वे सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहकर
👉 समाज में बदलाव का बड़ा माध्यम बन सकते हैं
👉 यह मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए उदाहरण बन सकता है
👉 अगर हर जिले में ऐसे 2-3 संस्थान भी आगे आएं
तो लाखों लोगों को मुफ्त तीर्थयात्रा का लाभ मिल सकता है
अंतिम शब्द — यह सिर्फ खबर नहीं, एक संदेश है
जब बस रवाना हुई, तो सिर्फ पहिए नहीं घूमे…
👉 भावनाएं चलीं, आस्था चली, सेवा चली…
यह पहल हमें याद दिलाती है कि
👉 “सच्चा धर्म मंदिरों में नहीं, बल्कि इंसान की सेवा में बसता है।”
📢 KHABARI NEWS APPEAL:
अगर आपके आसपास भी कोई ऐसी सामाजिक या धर्मार्थ पहल हो रही है,
तो उसे दुनिया तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।
🔴 KHABARI NEWS |
Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Advocate)
👉 “खबर वही… जो असर करे!”







