Divis Lab Success Story: 12वीं फेल मुरली डिवी ने कैसे खड़ी की 1 लाख करोड़ की कंपनी? पढ़िए पूरी कहानी

Divis Lab Success Story: कहते हैं कि हार मानना ही असफलता है। अगर आप हार नहीं मानते हैं और मेहनत करते रहते हैं तो एक दिन आप सफल जरूर होंगे। इस कहानी में हम आपको एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जो 12वीं में फेल हो गया था, लेकिन उसने हार नहीं मानी और मेहनत के बल पर 1 लाख करोड़ की कंपनी खड़ी कर डाली।

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Divis Lab Success Story

आज की इस आर्टिकल मे हम Divis Lab Success Story के बारे मे बताने वाले है जो व्यक्ति है मुरली डीवी, जो आज Divis Labs के Founder हैं। Divis Labs भारत की सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में से एक है। इस कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है।

Divis Lab Success Story

ऐसे हुई शुरुवात Divis Lab Success Story की

Divis Lab की स्थापना 1990 में मुरली दिवी ने की थी। मुरली दिवी का जन्म आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता एक सामान्य कर्मचारी थे और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। मुरली दिवी को बचपन से ही विज्ञान में रुचि थी। उन्होंने 12वीं में दो बार फेल होने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और बीएससी की डिग्री हासिल की।

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मुरली दिवी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में एक फार्मास्युटिकल कंपनी में नौकरी शुरू की। कुछ साल बाद उन्होंने अमेरिका में ही अपनी खुद की फार्मास्युटिकल कंपनी शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने 1990 में Divis Lab की स्थापना की।

आपको जानकर हैरानी होगी की Forbes India की रिपोर्ट के अनुसार मुरली जब अमेरिका पहुंचे, तो उनके पास सिर्फ जेब में 500 रुपए थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अमेरिका में एक नौकरी की और मेहनत से काम किया। कुछ सालों में उन्होंने अपनी मेहनत से करोड़ों का कारोबार खड़ा कर लिया।

अमेरिका में नौकरी और भारत वापसी: Divis Lab Success Story

मुरली डीवी ने 1976 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक फार्मासिस्ट के रूप में नौकरी शुरू की। उन्होंने वहां पर 10 साल तक काम किया और हर साल लगभग 65,000 डॉलर की कमाई की। यह राशि उस समय भारत के लगभग 54 लाख रुपए के बराबर थी।

अमेरिका में काम करते हुए, मुरली डीवी ने हमेशा अपने देश भारत की तरफ देखना जारी रखा। उन्हें भारत में एक फार्मास्युटिकल कंपनी शुरू करने का सपना था। उन्होंने अपनी नौकरी से बचत की और भारत वापस आने की योजना बनाई।

1986 में, मुरली डीवी भारत लौट आए। उनके पास केवल 33 लाख रुपए थे, लेकिन उनके पास एक मजबूत सपना था। उन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की।

भारत आकर शुरू किया अपना बिजनेस और बन गए API बनाने वाली कंपनी के मालिक

भारत लौटने के बाद मुरली ने कुछ समय तक एक फार्मा कंपनी में काम किया। इस दौरान उन्होंने फार्मा सेक्टर की अच्छी समझ हासिल की। साल 1990 में उन्होंने अपनी खुद की कंपनी, Divis Lab की शुरुआत की।

Divis Lab में मुरली ने दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले API यानी उसके कच्चे माल को तैयार करना शुरू किया। API दवाइयों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह दवाइयों की गुणवत्ता को निर्धारित करता है।

मुरली के नेतृत्व में Divis Lab तेजी से बढ़ती गई। आज यह कंपनी फार्मा सेक्टर में API बनाने वाली तीन बड़ी कंपनियों में से एक है। कंपनी की वार्षिक बिक्री अरबों रुपए में है।

Divis Lab: एक छोटे से स्टार्टअप से अरबों की कंपनी तक

साल 1984 में हैदराबाद, भारत में एक छोटे से सपने से Divis Lab की शुरुआत हुई थी। इस कंपनी की स्थापना मुरली दिवी ने की थी, जिन्होंने एक छोटी सी Lab में काम करना शुरू किया था। दिवी का सपना था कि एक दिन उनकी कंपनी एक बड़ी और सफल कंपनी बन जाए।

दिवी के कड़ी मेहनत और लगन के कारण Divis Lab एक सफल कंपनी बन गई। आज, Divis Lab एक Multinational दवा कंपनी है जो 95 से अधिक देशों में अपने products का export करती है। कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 1 लाख करोड़ रुपए है और हर साल इसका रेवेन्यू करोड़ों रुपए में होता है।

Divis Lab Success Story Case Study

Divis Lab Success Story Overview

AspectDetails
Company NameDivi’s Laboratories
Founded1990
HeadquartersHyderabad, India
FounderDr. Divi Murali Krishna Prasad
Subsidiary Brands– Divi’s Laboratories (USA) Inc (New Jersey, USA) – Divi’s Laboratories Europe AG (Basel, Switzerland)
Manufacturing UnitsThree (Near Hyderabad and Visakhapatnam, India)
R&D CentersThree in India
Patents42
EmployeesMore than 17,000
Leadership– Dr. Divi Murali Krishna Prasad (Chairman and Managing Director) – Dr. Satchandra Kiran Divi (Whole-time Director & CEO) – Nilima Prasad Divi (Whole-Time Director, Commercial)
Recent AchievementTop three API manufacturers globally; one of the top API firms in Hyderabad
Industry Growth PredictionGlobal pharmaceuticals manufacturing industry CAGR of 11.34% from 2021 to 2028; Indian pharmaceutical sector expected to be worth US$ 49 billion in FY22
Notable AuditsUSFDA, EU GMP, HEALTH CANADA, TGA, ANVISA, COFEPRIS, PMDA, MFDS
MissionCreating value through high-quality APIs, custom synthesis, and sustainable leadership in chemistry
VisionAdding significance to manufacturing through core values and societal service
Core Business ValuesFinancial Stability, Reliable Supply Partner, Trustworthiness, Transparency, Complimentary

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