खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन और Global Diamond Icon Award 2026 इस बार सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रतिभा, संवेदनशीलता और सामाजिक समर्पण का वैश्विक उत्सव बन गया। 5 अप्रैल 2026, रविवार को Suresh Gyan Vihar University के कालिंदी ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 15 देशों से आए प्रतिभागियों के बीच भारत की 200 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया—लेकिन इस पूरे समारोह में चंदौली की बेटी रीता पाण्डेय ने जो चमक बिखेरी, वह पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का क्षण बन गया।

जब मंच पर गूंजी चंदौली की पहचान
रीता पाण्डेय, जो चकिया क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बियासड़ में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं, को शिक्षा, समाज सेवा और हिंदी-अंग्रेजी लेखन में उत्कृष्ट योगदान के लिए “ग्लोबल डायमंड आइकॉन अवार्ड” से सम्मानित किया गया। राजस्थानी पगड़ी, मेडल, प्रमाणपत्र और भव्य क्रिस्टल ट्रॉफी के साथ उनका सम्मान उस संघर्ष, समर्पण और सेवा की पहचान है, जिसे उन्होंने वर्षों से समाज के लिए जिया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच, लेकिन जज्बा लोकल
इस सम्मेलन की खासियत यह रही कि इसमें सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि समाज के उन अनदेखे चेहरों को भी मंच दिया गया जो वास्तविक प्रेरणा हैं। भव्या फाउंडेशन द्वारा निशक्तजन, कैंसर पीड़ित, ऑटिज्म वॉरियर्स और बाल बसेरा गृह के बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया।
इन बच्चों ने गायन, वादन और नृत्य से ऐसा समां बांधा कि दर्शक भावुक हो उठे। तालियों की गड़गड़ाहट ने एक ही संदेश दिया—“प्रतिभा शरीर से नहीं, जज्बे से पहचानी जाती है।”

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी अशोक माहेश्वरी और एडवोकेट राजीव कुमार रंजन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। वहीं पोस्टर विमोचन जयपुर हेरिटेज की मेयर कुसुम यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
इस दौरान सामाजिक न्याय, महिला अधिकारिता और दिव्यांग कल्याण से जुड़े शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की।
ग्लैमर और ग्राउंड रियलिटी का संगम
कार्यक्रम में डॉ. नीता शर्मा और मिस परमिला बेदी जैसी चर्चित हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को ग्लैमरस टच दिया, लेकिन असली आकर्षण वो जमीनी लोग रहे जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज में बदलाव की मिसाल पेश की।

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रीता पाण्डेय: सफलता नहीं, सार्थकता की तलाश
सम्मान प्राप्त करने के बाद रीता पाण्डेय ने जो कहा, वही इस खबर की आत्मा है—
“मैं सफलता के लिए नहीं, जीवन की सार्थकता के लिए जीना चाहती हूं।”

उनका यह कथन सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक मिशन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे भी समाज सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में और अधिक सक्रिय होकर कार्य करेंगी।
Global Diamond Icon Award 2026-चकिया से इंटरनेशनल तक का सफर
रीता पाण्डेय पहले भी कई राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर चुकी हैं और उन्हें जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, डायट तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। मिशन शक्ति जैसे अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें एक मजबूत सामाजिक चेहरा बनाती है।
Khabari Impact एडिटर इन चीफ के०सी०श्रीवास्तव एड०
यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे चंदौली जिले की उस मिट्टी का सम्मान है जहां से ऐसे हीरे निकलते हैं।
आज जब देश को जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोगों की जरूरत है, तब रीता पाण्डेय जैसी शख्सियतें उम्मीद की नई रोशनी हैं।















