परंपरा के सम्मान में फैसला, 4 मार्च को रंगभरी होली – अब दूर हुआ संशय
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
चकिया की फिज़ाओं में इस बार होली का रंग कुछ अलग है। ढोलक की थाप है, गुझिया की खुशबू है, लेकिन साथ ही था एक बड़ा सवाल — होलिका दहन 2 मार्च को होगा या 3 मार्च को?
अब यह संशय समाप्त हो चुका है। होलिका दहन समिति, चकिया ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष ग्रहण काल को ध्यान में रखते हुए 3 मार्च की रात्रि 12 बजे के बाद ही होलिका दहन किया जाएगा।
🌑 ग्रहण काल के कारण लिया गया निर्णय
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव पड़ने के कारण शुभ कार्यों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
समिति के सदस्यों ने चकिया स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी राजेन्द्र तिवारी से परामर्श किया। उन्होंने बताया कि ग्रहण काल समाप्त होने के बाद, अर्थात 3 मार्च की मध्यरात्रि के बाद होलिका दहन करना शास्त्रसम्मत होगा।
इसी मार्गदर्शन के आधार पर यह सामूहिक निर्णय लिया गया।
🔥 गांधी पार्क में होगी मुख्य होलिका
चकिया का गांधी पार्क हर वर्ष की तरह इस बार भी होलिका दहन का मुख्य केंद्र रहेगा।
तिथि को लेकर जो भ्रम फैला हुआ था, वह अब समाप्त हो गया है। बाजारों में फिर रौनक लौट आई है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह है कि 3 मार्च की रात होलिका जलेगी और 4 मार्च को रंगों की धूम मचेगी।
🌈 परंपरा के अनुसार 4 मार्च को रंगभरी
चकिया की खास परंपरा है कि होलिका दहन के अगले ही दिन रंगभरी होली खेली जाती है।
इसलिए 3 मार्च की रात दहन और 4 मार्च को रंगों का त्योहार — यही अंतिम कार्यक्रम तय हुआ है।
🕉️ काशी में भी ग्रहण के बाद होगा दहन
धार्मिक नगरी वाराणसी में भी इस बार ग्रहण को ध्यान में रखते हुए अधिकांश स्थानों पर 3 मार्च की देर रात या 4 मार्च की सुबह होलिका दहन किया जाएगा।
काशी के घाटों और मोहल्लों में परंपरा के अनुसार अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाएगा।
🎤 खबरी न्यूज के Editor-in-Chief K.C. Srivastava (Adv.) का विशेष संदेश
खबरी न्यूज के Editor-in-Chief के. सी. श्रीवास्तव एड० ने समस्त जनपदवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा:
“होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हम सभी से अपील है कि त्योहार को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाएं। रंगों का प्रयोग संयमित और सुरक्षित ढंग से करें। रासायनिक रंगों और अनावश्यक पटाखों से परहेज करें, ताकि पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें। होली प्रेम, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है — इसे स्वच्छ, सुरक्षित और संस्कारित रूप में मनाएं।”
उन्होंने आगे कहा कि चकिया की पहचान उसकी एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं से है, और यही एकता इस बार भी देखने को मिलेगी।
🌟भ्रम पर लगा विराम
ग्रहण के कारण उपजा भ्रम अब समाप्त हो चुका है।
3 मार्च की मध्यरात्रि के बाद होलिका दहन होगा।
4 मार्च को रंगभरी होली खेली जाएगी।
चकिया तैयार है —
अग्नि में नकारात्मकता को समर्पित करने के लिए,
और रंगों में प्रेम और भाईचारे को जीवित रखने के लिए।
खबरी न्यूज परिवार की ओर से आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं। 🌺🔥🎨







