— सीजेआई सूर्यकांत बोले: यूपी का मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा
— सीएम योगी ने कहा: लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरूरी
— 23 जजों की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक शुभारम्भ


Khabari News (चंदौली/दिनांक 17 जनवरी, 2026)
चंदौली की धरती आज इतिहास लिख रही है।
यह वह दिन है जब न्याय के मंदिर की नींव ने एक नई ऊँचाई छुई, और यूपी को न्याय व्यवस्था में देश का मॉडल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ा।
आज चंदौली में 286 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के साथ इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया गया।
और यह शिलान्यास सिर्फ चंदौली के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक नई उम्मीद की किरण है।

🔥 चंदौली: 286 करोड़ का शिलान्यास, न्याय का नया मंदिर बन जाएगा ये परिसर
चंदौली की जनता आज गर्व के साथ कह सकती है कि उनके जिले में न्याय व्यवस्था के लिए एक ऐसा कॉम्प्लेक्स बन रहा है जो अगले 50 वर्षों तक न्यायिक कार्यों की जरूरतें पूरी करेगा।
इस परिसर में सिर्फ कोर्ट ही नहीं होंगे, बल्कि अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, पार्किंग, कैंटीन, स्पोर्ट्स सुविधा जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह परिसर आमजन के लिए न्याय का मंदिर साबित होगा, और यह परियोजना दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बनेगी।
उनका कहना था कि “यहाँ का मॉडल दूसरे राज्यों को प्रेरित करेगा कि वे भी ऐसे कॉम्प्लेक्स बनाएं।”
⚡️ 6 जिलों में एक साथ शुभारम्भ: न्याय का नया अध्याय
आज के कार्यक्रम में चंदौली के साथ-साथ महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—इन 6 जिलों के इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर का भी शुभारम्भ हुआ।
यह वही योजना है जो यूपी सरकार के पहले चरण की बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज होगी।
यूपी सरकार ने पहले चरण में इन छह जिलों के लिए धनराशि भेज दी है और डिजाइन भी स्वीकृत हो चुका है।
अब सिर्फ औपचारिकताएं बची थीं, जिन्हें आज इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साथ पूरा कर दिया गया।

🏛️ सीजेआई का बयान: “यूपी का मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण”
माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा:
“उत्तर प्रदेश में 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना के लिए प्रदेश सरकार मॉडल के रूप में जाना जाएगा।
मैं दूसरे राज्य सरकारों को भी यही सुझाव दूंगा कि वे यहाँ की तरह कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाएं।”
सीजेआई ने आगे कहा कि संविधान में जिला न्यायालय की स्थापना का उद्देश्य त्वरित न्याय देना था।
और इस परिसर का उद्देश्य अमूमन हर प्रकार की सुविधा प्रदान करना है ताकि आम आदमी को न्याय मिलने में कोई बाधा न हो।
🎯 सीएम योगी का संदेश: लोकतंत्र का सशक्तिकरण तभी संभव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरूरी है।
आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय प्राप्त हो, इसके लिए उत्तम इन्फ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है।”
सीएम ने यह भी कहा कि जब भी सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई कार्य आते हैं, तो इसमें कोई देरी नहीं होती।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगी।

👑 23 जजों की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक शुभारम्भ
इस कार्यक्रम में देश के शीर्ष न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ 23 जजों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी प्रतिष्ठित बना दिया।
कार्यक्रम में शामिल रहे:
- माननीय न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
- न्यायमूर्ति पंकज मित्तल
- न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा
- न्यायमूर्ति राजेश बिंदल
- माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद न्यायमूर्ति अरुण भंसाली
और कई अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशगण।

चंदौली में क्या होगा: एक छत के नीचे न्याय, सुविधा और आधुनिकता
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि चंदौली में बनने वाला कॉम्प्लेक्स सिर्फ कोर्ट नहीं होगा, बल्कि यह एक मॉडल न्यायिक शहर की तरह होगा।
इसमें शामिल होंगे:
- न्यायालय परिसर
- अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक बार चैंबर
- न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा
- स्पोर्ट्स सुविधा
- पर्याप्त पार्किंग
- कैंटीन, रेस्ट हॉल
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
सीजेआई ने भी सुझाव दिया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से बार बनाया जाए और सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए।


क्यों यह शिलान्यास “मिशाल” बन सकता है?
यूपी के इस कदम में सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत करने का प्रयास है।
क्योंकि आज की दुनिया में जब आम आदमी न्याय के लिए कोर्ट का रुख करता है, तो उसे लंबी प्रतीक्षा, जटिल प्रक्रिया और सुविधा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
और यही समस्याएं आम जनता में न्याय व्यवस्था के प्रति निराशा पैदा करती हैं।
लेकिन चंदौली में बनने वाला यह परिसर:
- न्याय को तेज करेगा
- प्रक्रिया को सरल करेगा
- अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों की सुविधा बढ़ाएगा
- लंबे समय तक न्याय व्यवस्था की जरूरतों को पूरा करेगा
इसलिए इसे “न्याय का मंदिर” कहा जा रहा है।


📌 6 जिलों की कहानी: न्याय का नया नेटवर्क
यूपी सरकार ने इस योजना को 10 जिलों में फैलाने की कार्ययोजना बनाई है।
आज छह जिलों के लिए शिलान्यास हुआ, और बाकी चार जिलों की औपचारिकताएँ भी जल्द पूरी कर ली जाएंगी।
इस योजना के अंतर्गत:
- न्यायालय परिसर का निर्माण
- अधिवक्ताओं के लिए बार और चैंबर
- न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास
- पार्किंग, स्वास्थ्य केंद्र, स्पोर्ट्स सुविधा
- सभी सुविधाओं का एकीकृत मॉडल
यह सब एक ही छत के नीचे होगा।

🚀 अब सवाल यह है: चंदौली के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
चंदौली जैसे जिले में न्याय व्यवस्था के लिए यह एक बड़ा बदलाव है।
क्योंकि यहाँ पहले:
- न्यायालय के आसपास सुविधाओं की कमी थी
- अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैंबर नहीं थे
- पार्किंग और सुरक्षा की समस्या थी
- आम नागरिकों को कोर्ट आने में कठिनाई होती थी
अब यह सब खत्म होने जा रहा है।
और यही कारण है कि चंदौली के लिए यह सिर्फ एक “निर्माण” नहीं, बल्कि न्यायिक क्रांति है।
📣 Khabari News का संदेश: यह सिर्फ चंदौली की नहीं, देश की जीत है
जब यूपी जैसे बड़े राज्य में न्याय व्यवस्था के लिए एक नया मॉडल बनता है, तो यह देश के लिए भी प्रेरणा बनता है।
क्योंकि न्याय का सही मायने में सशक्त होना ही लोकतंत्र का सशक्त होना है।
इसलिए यह शिलान्यास सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि न्याय की नई राह की शुरुआत है।



