मेडिकल स्टोर संचालक रोहिताश “रोमी” पाल को मारने की साजिश रची गई थी पहले से
तीन साज़िशकर्ता गिरफ्तार—अब शूटर की तलाश में पुलिस की 9 टीमें मैदान में!
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क डी डी यू नगर ‚चंदौली।
मुगलसराय की एक शांत रात…
दुकान बंद करते एक साधारण इंसान…
पीछे से चलती एक गोली…
और देखते ही देखते पूरा चंदौली हिल गया—रोहिताश पाल की हत्या!
यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी—यह प्लान था, ब्लूप्रिंट था, एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसकी बुनियाद रखी गई थी कन्हैया टॉकीज की विवादित जमीन पर।
और इस खेल में शामिल थे वो चेहरे, जिन्हें समाज “व्यापारी” कहता है, लेकिन पुलिस की फाइलें उन्हें “रियल एस्टेट माफिया” की श्रेणी में रखती हैं।
आठ दिनों की भागदौड़, 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस टीम की दिन-रात की मेहनत, और आखिरकार—पुलिस ने इस हत्याकांड के तीन बड़े खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर लिया है।



✦ हत्या के पीछे की पूरी साजिश: जमीन! जमीन! सिर्फ जमीन!
कहा जाता है—जमीन इंसान को नहीं छोड़ती, इंसान जमीन के लिए इंसान छोड़ देता है!
रोहिताश पाल के केस में ये बात सौ फीसदी सच साबित हुई।
पुलिस की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य—
1. पैतृक संपत्ति पर पुराना विवाद
कन्हैया टॉकीज नाम की जमीन, जो कभी लोगों की मनोरंजन की जगह थी, अब खून-खराबे का कारण बन गई।
दावा—
- यह जमीन मृतक रोहिताश पाल के दादा राजाराम की थी।
- आरोप है कि दादा की दूसरी पत्नी की बेटियों ने फर्जी कागजात बनाकर जमीन अपने नाम चढ़ा ली।
- इसके बाद वह जमीन कम दाम में भानू जायसवाल को बेच दी गई।
रोहिताश इस फर्जीवाड़े के खिलाफ अकेला लड़ रहा था।
उसने अदालत में मुकदमा संख्या 553/23 दायर किया था।
2. भानू जायसवाल को कब्जा नहीं मिला—तो बना प्लान ‘एलीमिनेट रोहिताश’
काफी कोशिशों के बावजूद भानू को जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा था, क्योंकि रोहिताश कानूनी रूप से अड़े हुए थे।
तभी तय हुआ—
“रास्ते में रोहिताश ही नहीं रहेगा, तो जमीन अपने आप मिल जाएगी।”
और यहां एंट्री होती है—
- ओमप्रकाश जायसवाल
- मनोज जायसवाल
इन दोनों की, जिन्होंने भानू को सपोर्ट किया और मर्डर प्लान टेबल पर रखा गया।

✦ 18 नवंबर की रात: हत्या का लाइव ड्रामा
समय – रात 10:30
स्थान – पॉपुलर मेडिकल स्टोर, मुगलसराय
रोहिताश पाल अपने स्टोर का शटर गिरा रहे थे।
दैनिक दिनचर्या—घर जाने की तैयारी।
इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति आया…
और पीछे से सिर में गोली मार दी।
यही नहीं—
परिवार और स्टाफ की बदहवासी में उन्हें
- पहले आनंद अस्पताल
- फिर मेटिस
- और आखिर में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
लेकिन किस्मत ने साथ छोड़ दिया…
इलाज के दौरान रोहिताश ने दम तोड़ दिया।
पूरा परिवार टूट गया।
मुगलसराय के लोग दहशत में आ गए—“ये किसने किया?”

✦ 8 दिन बाद पुलिस का बड़ा खुलासा—तीन साजिशकर्ता गिरफ्तार
एडीजी वाराणसी जोन व डीआईजी के निर्देश पर एसपी चंदौली ने
स्वाट + सर्विलांस + मुगलसराय पुलिस
की संयुक्त टीम गठित की।
टीम ने किया—
- 300+ सीसीटीवी फुटेज खंगाले
- मोबाइल लोकेशन ट्रैक
- संदिग्धों की गतिविधियों की चेन तैयार
- गवाहों से पूछताछ
- तकनीकी साक्ष्य जुटाए
और फिर—
तीनों मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार!
गिरफ्तार आरोपी:
- भानू जायसवाल
- जमीन का मुख्य दावेदार
- वाराणसी व चंदौली में कई केस दर्ज
- धोखाधड़ी, रंगदारी, आबकारी…
- पुलिस रिकॉर्ड में “हाई रिस्क” कैटेगरी
- ओमप्रकाश जायसवाल
- मनोज जायसवाल
- हत्या की एफआईआर में नामजद
- भानू के साथ मिलकर प्लान तैयार
पुलिस ने साफ कहा—
“यह हत्या पैसों, जमीन और लालच का खेल थी, जिसमें रोहिताश को जान से हाथ धोना पड़ा।”
✦ शूटर अभी भी फरार—पकड़ के लिए 9 टीमें गठित
एसपी चंदौली ने बताया कि—
- शूटर की पहचान हो चुकी है
- मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV व गवाहों के आधार पर लोकेशन ट्रेस
- 9 अलग-अलग टीमें यूपी-बिहार बॉर्डर से लेकर शहरों में तैनात
- जल्दी गिरफ्तारी का दावा
इस ऑपरेशन में शामिल—
- मुगलसराय थाना प्रभारी गगनराज सिंह
- स्वाट प्रभारी आशीष मिश्रा
- अपराध निरीक्षक चंद्रकेश शर्मा
और दर्जनों पुलिसकर्मी जिन्होंने जमीन-आसमान एक कर दिया।
✦ रोहिताश कौन थे? क्यों इतनी सहानुभूति उमड़ी?
रोहिताश “रोमी” पाल—
एक सीधा-साधा मेडिकल स्टोर संचालक।
कोई अपराधी नहीं, कोई विवादित चेहरा नहीं।
समाज में सम्मानित, परिवार में जिम्मेदार।
उनका एकमात्र गलत काम—अपने अधिकार के लिए लड़ना।
और यही बात अपराधियों को पसंद नहीं आई।
✦ कन्हैया टॉकीज की जमीन — चंदौली में “हत्या का नया अध्याय”
कभी जिसकी हंसी-खुशी की आवाजें दीवारों में गूंजती थीं,
आज वही जगह खून और साजिश की कहानी बन गई है।
रियल एस्टेट के नाम पर
- फर्जी कागजात
- दबंगई
- धोखाधड़ी
- और अब हत्या
इस केस ने पूरे चंदौली को झकझोर दिया है।
✦ परिवार का रोना—“हक की लड़ाई ने हमारी जान ले ली!”
रोहिताश की मौत ने परिवार का भविष्य बदल दिया।
रोते हुए परिजन बोले—
- “वो सिर्फ अपना हक चाहता था।”
- “कोई गलत नहीं कर रहा था।”
- “अब बच्चों का क्या होगा?”
- “जिन्होंने उसकी जान ली, उन्हें सजा कब मिलेगी?”
उनकी आंखों से बहते आंसू पूरे समाज का दर्द हैं।
✦ Khabari News की टिप्पणी – यह सिर्फ हत्या नहीं, सिस्टम को चुनौती है!
यह केस सिर्फ एक मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या नहीं—
यह न्याय व्यवस्था और प्रशासन के लिए परीक्षा है।
क्या जमीन विवाद में
- फर्जीवाड़ा
- पैसे का खेल
- और दबंगई
इतनी बढ़ चुकी है कि एक निर्दोष की जान चली जाए?
Khabari News मांग करता है—
- शूटर की जल्द गिरफ्तारी
- फर्जी जमीन सौदे की CBI/ED जांच
- पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता
- केस की फास्ट-ट्रैक सुनवाई
- जमीन विवादों पर विशेष मॉनिटरिंग सेल
क्योंकि जब तक ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी—
चंदौली में “जमीन माफिया” बेलगाम रहेंगे!
✦ पुलिस का जज्बा—“हम रुकेंगे नहीं, शूटर को पकड़कर रहेंगे!”
चंदौली पुलिस इस केस को अपनी इज़्ज़त का सवाल मान चुकी है।
जांच अधिकारी से लेकर एसपी ऑफिस तक सिर्फ एक ही बात—
“रोहिताश को न्याय दिलाना है!”
निष्कर्ष – रोहिताश की मौत ने चंदौली को एक आईना दिखा दिया है…
इस आईने में साफ दिख रहा है—
- लालच कितना खतरनाक है
- जमीन विवाद कितना घातक है
- कानून का डंडा जब तक न चले, अपराधी नहीं रुकते
- और एक परिवार अपनी दुनिया खो बैठता है
रोहिताश अब इस दुनिया में नहीं…
लेकिन उनकी लड़ाई अब चंदौली की आवाज बन चुकी है।
Khabari News इस केस की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।
Chief Editor K.C. Shrivastava (Adv.)
Ground Report – Khabari News Crime Desk


