Editor-in-Chief K.C. Shrivastava (Advocate)
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
जनपद चंदौली। महाशिवरात्रि, भगवान शिव की कृपा का पर्व, हर साल लाखों श्रद्धालुओं के दिलों में बसता है। 15 फरवरी 2026 की रात को पूरी जनपद की सड़कें, गलियां और मंदिर भक्ति में रंगी हुई दिखाई देंगी। लेकिन इस पावन पर्व पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अनुशासन सबसे अहम हैं। Khabari News की टीम ने इस बार जनपद के प्रशासन के साथ मिलकर विशेष रूट डायवर्जन प्लान और भक्तों की सुरक्षा के लिए एक सम्पूर्ण रिपोर्ट तैयार की है।
🕉️ आस्था का पर्व – महाशिवरात्रि की विशेषता
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है। यह भक्ति, ध्यान और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। कहते हैं, शिव की महिमा अपरंपार है। लोग इस दिन रात्रि जागरण, जलाभिषेक और भस्म आराधना करते हैं।
चंदौली में, बाबा महाकाल की नगरी की तरह, भक्तजन अस्सी की संख्या में मंदिरों में पहुँचते हैं, रात्रि 02:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो जाता है। छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी भक्ति में लीन नजर आते हैं।
🔹 श्रद्धालुओं का उत्साह:
रास्तों पर भक्तगण भोले बाबा के गीतों और मंत्रोच्चार में डूबे दिखाई देते हैं।
रात भर चलने वाले ध्यान और भजन संध्या कार्यक्रम, मंदिर प्रांगण में दीपमालिका और सजावट, हर किसी का मन मोह लेते हैं।


⚠️ प्रशासन की तैयारी और यातायात डायवर्जन
लाखों भक्तों के साथ आने वाले वाहन और भारी ट्रैफिक को देखते हुए, चंदौली जिला प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है।
मुख्य डायवर्जन पॉइंट्स:
1️⃣ चकिया तिराहा (गंजी प्रसाद तिराहा):
कोई भी ऑटो, टोटो, चार पहिया या भारी मालवाहक वाहन कस्बा मुगलसराय होते हुए पड़ाव नहीं जाएंगे।
वाराणसी जाने वाले वाहन: गोधना मोड़ → रामनगर या रिंग रोड से।
2️⃣ पड़ाव चौराहा:
भारी वाहन राजघाट वाराणसी की ओर नहीं जाएंगे।
डायवर्जन: बहादुरपुर → रिंग रोड / रामनगर।
3️⃣ एफसीआई तिराहा:
सभी भारी वाहन पड़ाव की ओर नहीं जाएंगे।
डायवर्जन: व्यासनगर → शाहुपुरी रोड → पीएससी तिराहा → रामनगर।
4️⃣ कोयला मंडी – नो एंट्री:
यातायात का दबाव बढ़ने पर ट्रकों का आवागमन पड़ाव की ओर पूरी तरह बंद रहेगा।
🙏 भक्तों और नागरिकों से अपील:
सुरक्षित यात्रा के लिए नियमों का पालन करें। प्रशासन की मदद लें और अपने परिवार और मित्रों को भी जागरूक करें।
🔥 इमोशनल टच – श्रद्धा और उत्साह
चंदौली के छोटे गाँवों से लेकर कस्बों तक, लोग सड़क किनारे शिवलिंग पर जल चढ़ाने, ध्यान और भजन में डूबने, और रात्रि जागरण में जुटते हैं।
कुछ भक्त माघ महीने की तपस्या के बाद, महाशिवरात्रि को अंतिम भक्ति का अवसर मानते हैं।
💧 भक्ति का दृश्य:
- एक बुजुर्ग महिला हाथ में दीपक लेकर भस्म से माथा लगा रही है।
- बच्चे अपने माता-पिता के हाथ पकड़े शिव मंदिर की ओर दौड़ते हैं, आँखों में उत्साह और श्रद्धा।
- युवा रात के जागरण में गीत गाते और मंत्र बोलते हुए मंदिर परिसर की सजावट में मदद करते हैं।
यह दृश्य सिर्फ धार्मिक नहीं, एक भावनात्मक अनुभव है। Khabari News ने देखा कि, कैसे लोग भक्ति के साथ-साथ सामाजिक अनुशासन और सहयोग भी निभा रहे हैं।


🌙 रात की तैयारी और सुरक्षा की जिम्मेदारी
पुलिस और प्रशासन ने चेकपोस्ट और डायवर्जन मार्ग तय किए हैं।
हर मुख्य चौराहा पर ट्रैफिक कंट्रोल टीम, सुरक्षा बल और मेडिकल टीम तैनात होंगे।
💡 सावधानी:
- भारी वाहन और मालवाहक वाहन नियमों का पालन करें।
- जनता रात्रि में पैदल यात्रा करते समय सुरक्षित मार्ग अपनाएं।
- मोबाइल नंबर और आपातकालीन हेल्पलाइन हमेशा साथ रखें।

Khabari News का सुझाव:
“भक्ति में लीन होने के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन ही महाशिवरात्रि का असली संदेश है।”
🎉 सांस्कृतिक रंग और उत्सव
महाशिवरात्रि केवल शिव भक्ति तक सीमित नहीं है। यह सांस्कृतिक उत्सव भी है।
- मंदिर प्रांगण में लोकगीत और भजन संध्या।
- स्थानीय कलाकार नाट्य मंचन और शिव कथा प्रस्तुत करते हैं।
- महिलाओं और बच्चों के लिए हस्तशिल्प और पूजा सामग्री की दुकानें।
यह सब मिलकर बनाता है एक यादगार महाशिवरात्रि अनुभव, जिसे श्रद्धालु जीवन भर याद रखते हैं।
💬 प्रशासन और भक्तों के बीच तालमेल
चंदौली पुलिस और जनपद प्रशासन ने इसे “सुरक्षा + श्रद्धा” का पर्व बनाने की कोशिश की है।
- रूट डायवर्जन के जरिए ट्रैफिक का संतुलन।
- मेडिकल टीम हर चौराहे पर।
- सुरक्षा बल भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन स्थिति के लिए तैनात।
भक्तजन भी इसे समझ रहे हैं और अपने वाहन, परिवार और बच्चों के साथ सुरक्षित यात्रा कर रहे हैं।


🌟 विशेष नोट – Khabari News की टीम की रिपोर्ट
हमारी टीम ने रातभर मंदिरों, चौराहों और डायवर्जन पॉइंट्स का निरीक्षण किया।
- भक्तों की उत्सुकता और श्रद्धा ने हमें भावविभोर कर दिया।
- प्रशासन का सही रूट डायवर्जन और हेल्पलाइन नेटवर्क प्रभावशाली लगा।
- हमने देखा कि छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मिलकर शिव भक्ती और सुरक्षा दोनों निभा रहे हैं।
एक भक्त का अनुभव:
“हम हर साल आते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन का इंतजाम देखकर हम और भी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हम भगवान शिव की कृपा से खुश हैं।”
⚡ सोशल मीडिया इमोशनल अपील
Khabari News अपील करता है:
- अपने मित्रों और परिवार को रूट डायवर्जन और सुरक्षित यात्रा के बारे में बताएं।
- नियमों का पालन करें और भीड़ में धैर्य बनाए रखें।
- रात्रि जागरण, जलाभिषेक और भजन संध्या में सुरक्षित और अनुशासित रहें।
🌌 समापन – भक्ति, सुरक्षा और समाज का संदेश
महाशिवरात्रि केवल भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा और अनुशासन का पर्व भी है।
चंदौली के श्रद्धालु इस बार न केवल भगवान शिव की कृपा महसूस करेंगे, बल्कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाशिवरात्रि का अनुभव भी करेंगे।
Khabari News की टीम की ओर से, Editor-in-Chief K.C. Shrivastava (Advocate) और पूरी टीम की शुभकामनाएं –
“आपका हर कदम सुरक्षित हो, हर पूजा सफल हो, और हर श्रद्धा भाव पूर्ण हो।”
✨ जय भोलेनाथ! | Har Har Mahadev!







