Navalben Chaudhary Story: 62 साल की महिला ने दूध बेचकर बनाई करोड़ों की कंपनी, जानिए कैसे

Navalben Chaudhary Story: किसी ने सच ही कहा है की बिजनेस के लिए मेहनत , विश्वास और अनुभव की जरूरत होती है ना की किसी बड़ी डिग्री या किसी बड़ी पढ़ाई की , लेकिन इसी बात कर 62 वर्ष की महिला ने सच कर दिखया है |आज आपने अनुभव और सूझ बुझ से करोड़ों कमाती है |

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Navalben Chaudhary Story

62 वर्ष की उम्र एक ऐसी उम्र होती है जिसमें अधिकतर लोग घर पर बैठे रहते हैं, लेकिन नवलबेन चौधरी ने इस उम्र में एक ऐसा काम किया है जिससे हर कोई हैरान है। आज के इस पोस्ट मे हम आपके लिए एक ऐसी Women Success Story के बारे मे बताने वाले है गुजरात के छोटे से गांव नगला की रहने वाली नवलबेन चौधरी ने सिर्फ दूध बेचकर एक करोड़ का बिजनेस खड़ा कर दिया है।

62 वर्ष की उम्र में शुरू किया अपना डेरी बिज़नेस और बना डाली करोड़ों की कंपनी

गुजरात के एक छोटे से गांव नगला में रहने वाली नबलबेन चौधरी ने 62 वर्ष की उम्र में अपना डेरी बिज़नेस शुरू किया था। आज उनकी कंपनी सालाना करोड़ों रुपए कमा रही है। नबलबेन ने अपने बिज़नेस के लिए कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे एक प्रेरणास्त्रोत हैं।

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नबलबेन का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पति का देहांत हो जाने के बाद, उनके पास परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने अपने गांव में ही एक छोटी सी डेरी शुरू की। शुरुआत में उन्हें बहुत मुश्किलें हुईं। उन्हें दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्हें अपने बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा।

नबलबेन ने कभी हार नहीं मानी और अपने बिज़नेस में लगी रहीं। उन्होंने अपने गांव के किसानों से दूध खरीदना शुरू किया और उसे शहरों में बेचना शुरू किया। उन्होंने अपने बिज़नेस में आधुनिक तकनीकों को अपनाया और दूध की गुणवत्ता में सुधार किया। नबलबेन के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के कारण आज उनकी कंपनी गुजरात की सबसे बड़ी डेरी कंपनियों में से एक है।

Navalben Chaudhary Story

नवलबेन चौधरी: दूध से बनाई करोड़ों की कंपनी

गुजरात के बनासकांठा जिले की रहने वाली नवलबेन चौधरी एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने दूध के व्यवसाय से करोड़ों की कंपनी खड़ी कर ली है। नवलबेन ने महज 2017 में पशुपालन व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन आज उनकी कंपनी में 45 गाय और 80 भैंस हैं। हर दिन ये मवेशी लगभग 1000 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। नवलबेन इस दूध को बनास डेयरी को बेचती हैं।

नवलबेन का कहना है कि उन्होंने शुरू में इस व्यवसाय में बहुत मेहनत की है। उन्हें कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज उनकी कंपनी से हर महीने लाखों रुपए की कमाई होती है। नवलबेन ने अपने व्यवसाय से 15 लोगों को भी रोजगार दिया है।

नवलबेन के इस काम के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें दो बार लक्ष्मी पुरस्कार और तीन बार पादरी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। नवलबेन का कहना है कि वह अपने काम से बहुत खुश हैं। वह अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करना चाहती हैं कि वे आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी हों।

Nabalben Chaudhary Interview

निष्कर्ष – नबलबेन की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है। यह दिखाती है कि उम्र की सीमा नहीं होती है। अगर आपके पास मेहनत और दृढ़ संकल्प है, तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

हम आशा करते हैं कि इस लेख से आपको Women Success Story और Navalben Chaudhary Story के बारे में जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपको ये लेख अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी नबलबेन चौधरी की कहानी के बारे में पता लग सके। ऐसे ही और भी लेख पढ़ने के लिए हमारा ‘बिजनेस’ पेज जरूर विजिट करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: Navalben Chaudhary Story

Navalben Chaudhary के Diary का नाम क्या हैं?

नबलबेन चौधरी के डेरी का नाम Banas Diary हैं।

नबलबेन चौधरी की उम्र कितनी हैं?

नबलबेन चौधरी की उम्र इस समय 64 वर्ष की हैं।

नबलबेन चौधरी को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ?

नवलबेन के इस काम के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें दो बार लक्ष्मी पुरस्कार और तीन बार पादरी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।