तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र एवं खबरी न्यूज की ओर से आधिकारिक सूचना
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क कार्यालय चकिया
पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं है, यह एक उत्तरदायित्व है। यह वह दायित्व है जिसके माध्यम से समाज की आवाज़, जनता की पीड़ा, प्रशासन की जवाबदेही और व्यवस्था की सच्चाई सामने आती है। इसी सिद्धांत को आधार बनाकर तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र और खबरी न्यूज वर्षों से निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर रहे हैं।
इसी क्रम में आज दिनांक 16 मार्च सन् 2026 से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं संपादकीय सूचना सार्वजनिक की जा रही है, ताकि पाठकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा पत्रकारिता से जुड़े साथियों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
आधिकारिक सूचना- ब्यूरो चीफ तरूण मित्र चंदौली व खबरी न्यूज के एडिटर के ०सी०श्रीवास्तव
यह स्पष्ट किया जाता है कि तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, जनपद चंदौली में पूर्व में तहसील रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके त्रिनाथ पांडेय तथा खबरी न्यूज में तहसील प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे अवधेश द्विवेदी का आज की तिथि से तरूण मित्र समाचार पत्र अथवा खबरी न्यूज पोर्टल से किसी भी प्रकार का कोई संबंध, दायित्व या आधिकारिक सरोकार नहीं है।
अर्थात् अब ये दोनों व्यक्ति इन संस्थानों के प्रतिनिधि, संवाददाता या किसी भी आधिकारिक पद पर कार्यरत नहीं हैं।
पाठकों, अधिकारियों और जनसामान्य से अपेक्षा है कि यदि भविष्य में इन दोनों व्यक्तियों द्वारा किसी भी प्रकार से इन संस्थानों का नाम लेकर कोई कार्य किया जाता है, तो उसे तरूण मित्र चंदौली या खबरी न्यूज की आधिकारिक गतिविधि न माना जाए।

टीम की ओर से विदाई और शुभकामनाएँ
पत्रकारिता के इस सफर में हर व्यक्ति का एक दौर होता है। कुछ लोग लंबे समय तक अपनी पहचान छोड़ जाते हैं, तो कुछ का कार्यकाल छोटा होते हुए भी कई स्मृतियाँ छोड़ जाता है।
तरूण मित्र के ब्यूरो, खबरी न्यूज के एडिटर इन चीफ के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट) तथा पूरी टीम की ओर से त्रिनाथ पांडेय और अवधेश द्विवेदी को उनके आगामी जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दी जाती हैं।
हम यह आशा करते हैं कि आप जहाँ भी जाएँ, जिस भी संस्थान में कार्य करें, उसी ऊर्जा, समर्पण और पत्रकारिता के जज़्बे के साथ आगे बढ़ें।
आपका जितने दिनों का भी कार्यकाल हमारे साथ रहा, वह समय टीम के लिए कई मायनों में यादगार रहा। समाचार कक्ष में होने वाली चर्चाएँ, खबरों की खोज में किए गए प्रयास, और कई मौकों पर संवाददाताओं को प्रेरित करने के लिए हुई बैठकों की यादें निश्चित रूप से लंबे समय तक स्मृतियों में बनी रहेंगी।

लेकिन एक सच्चाई भी
पत्रकारिता में केवल नाम या पद महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण होता है काम।
और पत्रकारिता का मूल काम है — खबर लिखना, खबर खोजना और खबर को प्रमाण के साथ जनता तक पहुँचाना।
समय-समय पर संवाददाताओं को प्रेरित किया जाता रहा कि वे अपनी लेखनी को सक्रिय रखें, क्षेत्र में जाएँ, घटनाओं को समझें और तथ्यों के साथ खबर लिखें।
लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि पत्रकारिता का मंच केवल पहचान देने के लिए नहीं होता। यह मंच निरंतर सक्रियता, जिम्मेदारी और पेशेवर अनुशासन की माँग करता है।
खबर से चलता है समाचार पत्र
यह बात हर पत्रकार को हमेशा याद रखनी चाहिए कि
समाचार पत्र हो, न्यूज़ चैनल हो या डिजिटल पोर्टल — वह केवल और केवल खबरों से चलता है।
यदि खबरें नहीं आएँगी, यदि रिपोर्टिंग नहीं होगी, यदि तथ्य और प्रमाण नहीं होंगे, तो पत्रकारिता का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
किसी भी मीडिया संस्थान की पहचान उसके कार्यालय या नाम से नहीं होती।
उसकी पहचान होती है उसकी खबरों से, उसकी विश्वसनीयता से और उसके संवाददाताओं की मेहनत से।
इसलिए यदि कोई संवाददाता खबर ही नहीं लिखता, घटनाओं को कवर नहीं करता और क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहता, तो वह पत्रकारिता के मूल उद्देश्य से दूर हो जाता है।
लेखनी की धार तेज करनी होगी
आज इस अवसर पर खबरी न्यूज और तरूण मित्र की पूरी टीम सभी संवाददाताओं और पत्रकार साथियों से यह कहना चाहती है कि—
अपनी लेखनी की धार को तेज कीजिए।
मैदान में जाइए।
लोगों की समस्याएँ सुनिए।
घटनाओं को समझिए।
और फिर तथ्यों के साथ खबर लिखिए।
पत्रकारिता में सम्मान केवल पहचान से नहीं मिलता।
सम्मान मिलता है साहस, ईमानदारी और मेहनत से।
बिना साक्ष्य के खबर नहीं
एक जिम्मेदार पत्रकार का सबसे बड़ा हथियार उसका विश्वसनीय प्रमाण होता है।
इसलिए यह स्पष्ट निर्देश है कि—
- बिना साक्ष्य के कोई भी खबर प्रकाशित नहीं की जाएगी।
- सुनी-सुनाई बातों को खबर का रूप देना पत्रकारिता नहीं है।
- हर खबर के पीछे तथ्य, दस्तावेज और प्रमाण होना अनिवार्य है।
व्यक्तिगत वैमनस्य से खबर नहीं
पत्रकारिता का मंच व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने का माध्यम नहीं है।
किसी भी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था के खिलाफ यदि खबर लिखी जाती है, तो उसके पीछे जनहित और तथ्य होने चाहिए, न कि व्यक्तिगत भावनाएँ।
इसलिए यह भी स्पष्ट किया जाता है कि—
- व्यक्तिगत वैमनस्य के आधार पर खबरें स्वीकार नहीं की जाएँगी।
- खबर का उद्देश्य समाज को सच बताना होना चाहिए, किसी को नीचा दिखाना नहीं।
अधिकारी का वर्जन भी जरूरी
पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है दोनों पक्षों को सामने रखना।
यदि किसी अधिकारी, संस्था या विभाग के खिलाफ कोई आरोप या शिकायत आती है, तो उसका वर्जन लेना अनिवार्य है।
इसलिए सभी संवाददाताओं को यह निर्देश दिया जाता है कि—
- खबर लिखने से पहले संबंधित अधिकारी का बयान अवश्य लें
- प्रशासनिक पक्ष को खबर में स्थान दें
- यदि अधिकारी उपलब्ध न हों, तो इसका स्पष्ट उल्लेख करें
वीडियो प्रमाण का उपयोग
आज के डिजिटल युग में खबर की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए वीडियो प्रमाण (वीडीओ) अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
इसलिए संवाददाताओं से अपेक्षा की जाती है कि—
- घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड रखें
- प्रमाण के तौर पर वीडियो का उपयोग करें
- इससे खबर की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता दोनों मजबूत होती हैं
पत्रकारिता एक जिम्मेदारी है
पत्रकारिता का अर्थ केवल खबर लिखना नहीं है।
पत्रकारिता का अर्थ है समाज के प्रति जवाबदेही।
एक पत्रकार वह होता है जो—
- जनता की आवाज बनता है
- प्रशासन को जवाबदेह बनाता है
- और सच को सामने लाने का साहस रखता है
अंत में
आज की यह सूचना किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि यह पत्रकारिता के उस मूल सिद्धांत की याद दिलाने का प्रयास है, जिस पर हर मीडिया संस्थान खड़ा होता है।
तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र चंदौली और खबरी न्यूज भविष्य में भी उसी निष्पक्षता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता करते रहेंगे।
हम सभी संवाददाताओं, पाठकों और सहयोगियों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस मिशन में हमारे साथ खड़े रहें और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने में अपना योगदान दें।
एक बार फिर
त्रिनाथ पांडेय और अवधेश द्विवेदी को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
ईश्वर करे आप जहाँ भी जाएँ, सफलता आपके साथ रहे और आपकी ऊर्जा समाज के लिए सकारात्मक दिशा में काम करे।
— ब्यूरो चंदौली।
तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र
व खबरी न्यूज नेटवर्क
एडिटर इन चीफ: के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)







