खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क । चंदौली की धरती पर एक बार फिर कानून और अपराध के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली—और इस बार जीत हुई कानून की। चंदौली के सैयदराजा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक साधारण दिखने वाले ट्रक से ऐसा राज खुला जिसने सबको चौंका दिया। ऊपर से प्याज की बोरियां… लेकिन नीचे छुपा था करोड़ों का खेल—अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा!
ऑपरेशन “हाईवे जाल”: 20 मिनट की घेराबंदी, और फिर बड़ा खुलासा
दिनांक 28 मार्च 2026—NH-19 हाईवे पर पुलिस की नजरें किसी बड़े शिकार की तलाश में थीं। मुखबिर की सूचना ने टीम को पहले ही सतर्क कर दिया था कि एक संदिग्ध ट्रक मध्य प्रदेश के शिवपुरी से दरभंगा की ओर जा रहा है—और उसमें कुछ बड़ा छिपा है।
सैयदराजा पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने मिलकर जेठमलपुर तिराहा पर बैरियर लगाया। 20-25 मिनट की प्रतीक्षा… और फिर सामने आया ट्रक नंबर MP33H3042।
जैसे ही ट्रक को रोका गया, चालक के चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी। पूछताछ में उसने बताया—“साहब, प्याज लदा है…” लेकिन पुलिस की नजरें सिर्फ जवाब नहीं, हावभाव भी पढ़ रही थीं।
प्याज के नीचे छिपा ‘काला कारोबार’
जब ट्रक की गहराई से तलाशी ली गई, तो जो सामने आया वह सिर्फ अवैध नहीं, बल्कि खतरनाक नेटवर्क की कहानी बयां कर रहा था।
👉 प्याज की 175 बोरियों के बीच छुपाकर रखी गई थीं—
- 24 पेटी (180ml) – 207.36 लीटर
- 202 पेटी (375ml) – 1818 लीटर
- 181 पेटी (750ml) – 1629 लीटर
📦 कुल 407 पेटी
🍾 कुल 3654.36 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब
💰 अनुमानित कीमत – 70 लाख रुपये!
यह शराब “इम्पिरियल ब्लू” ब्रांड की थी—जिसे बड़ी चालाकी से छुपाया गया था ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस का सटीक वार, तस्कर गिरफ्तार
इस पूरे ऑपरेशन में एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया गया—
👉 नाम: हरिओम धाकड़
👉 निवासी: ग्राम कोटा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश
👉 उम्र: 38 वर्ष
उसके पास से मोबाइल फोन और ट्रक भी बरामद किया गया है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है।
कानूनी शिकंजा कसना शुरू
थाना सैयदराजा में मु0अ0सं0 91/2026 के तहत धारा 60/63 आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सवाल जो उठता है: आखिर यह नेटवर्क कितना बड़ा है?
यह सिर्फ एक ट्रक की कहानी नहीं है—यह उस पूरे अवैध नेटवर्क की झलक है जो राज्यों की सीमाओं को पार कर, कानून को चुनौती देता है।
- क्या यह सिर्फ एक कड़ी है या पूरे सिंडिकेट का हिस्सा?
- क्या बिहार में इस शराब की बड़ी सप्लाई की योजना थी?
- और सबसे बड़ा सवाल—कितने ऐसे ट्रक रोज सड़कों पर दौड़ रहे हैं?
🚔 अधिकारियों की सख्ती—अपराधियों में खौफ
इस कार्रवाई के पीछे मजबूत नेतृत्व रहा—
- अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन: पीयूष मोर्डिया
- पुलिस उपमहानिरीक्षक: वैभव कृष्ण
- पुलिस अधीक्षक चंदौली: आदित्य लांग्हे
साथ ही ASP अनंत चन्द्रशेखर और CO देवेन्द्र कुमार के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।
समाज के लिए ‘जहर’ क्यों है यह अवैध शराब?
यह सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं—यह समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
👉 अवैध शराब:
- कई बार जहरीली होती है
- गरीब तबके को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है
- अपराध और तस्करी के नेटवर्क को मजबूत करती है
इस तरह के मामलों में हर बरामदगी, एक बड़ी त्रासदी को रोकने के बराबर है।

Khabari News की अपील
यह खबर सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, समझने के लिए है।
👉 अगर आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे
👉 कोई वाहन, गोदाम या व्यक्ति संदिग्ध लगे
👉 तुरंत पुलिस को सूचना दें
आपकी एक सूचना, कई जिंदगियां बचा सकती है।
✍️ निष्कर्ष: कानून की जीत, लेकिन जंग अभी बाकी है…
चंदौली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है—लेकिन यह अंत नहीं, शुरुआत है। अवैध शराब का यह कारोबार जितना गहरा है, उसे खत्म करने के लिए उतनी ही सख्ती और जागरूकता की जरूरत है।
Khabari News आपको सिर्फ खबर नहीं देता—सच दिखाता है, सवाल उठाता है और सिस्टम को आईना दिखाता है।
👉 जुड़े रहिए… क्योंकि अगली खबर और भी बड़ा खुलासा हो सकती है!







