वरिष्ठ सदस्य अजय उर्फ शिवजी ने कहा हर ब्यापारी लगभग स्वेच्छया बना सदस्य
खबरी न्यूज़ नेशनल नेटवर्क चकिया (चंदौली)। चकिया नगर इन दिनों सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि व्यापारियों की चेतना, संगठन और ताकत का केंद्र बन चुका है। 7 जनवरी से शुरू हुआ व्यापार मंडल का सदस्यता अभियान अब आंदोलन का रूप ले चुका है। 13 जनवरी तक अभियान के तहत लगभग 900 से अधिक व्यापारियों ने सदस्यता रसीद कटवाकर यह साफ संदेश दे दिया है कि अब चकिया का व्यापारी बिखरा हुआ नहीं, बल्कि संगठित, जागरूक और निर्णायक भूमिका में है।
नगर के मुख्य बाजार से लेकर गली-मोहल्लों तक, हर दुकान, हर प्रतिष्ठान पर इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा है— “व्यापार मंडल की सदस्यता” और यह चर्चा अब आंकड़ों में तब्दील हो चुकी है।
7 जनवरी से शुरू हुआ अभियान, का समापन 15 को
व्यापार मंडल चकिया द्वारा 7 जनवरी को शुरू किया गया यह सदस्यता अभियान महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसे व्यापारियों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर जमीन पर उतारा गया। अभियान के पहले ही दिन से व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
सुबह दुकान खुलते ही व्यापार मंडल के पदाधिकारी बाजार में निकल पड़े— कहीं सदस्यता फार्म भरे जा रहे थे, तो कहीं व्यापारियों से सीधा संवाद हो रहा था, तो कहीं संगठन की जरूरत और उसकी ताकत को लेकर खुली चर्चा।
हर दिन के साथ सदस्यता रसीदों की संख्या बढ़ती चली गई, और13 जनवJरी तक यह आंकड़ा लगभग 900 पार कर गया।
संरक्षक जिन्हे बनाया गया था रसीदे काटने के लिए दिखे एकजुट
उनकी मौजूदगी ने व्यापारियों में यह भरोसा पैदा किया कि संगठन सिर्फ कागजों में नहीं, मैदान में है।
वरिष्ठ सदस्य अजय उ र्फ शिव जी ने कहा कि
वहां का व्यापारी न डरता है, न झुकता है। संगठन ही व्यापारी की असली ढाल है।”
वरिष्ठ सदस्य अजय उर्फ शिवजी का बड़ा बयान
व्यापार मंडल के वरिष्ठ सदस्य अजय उर्फ शिवजी ने अभियान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया—
“सोमवार तक करीब 900 व्यापारियों ने सदस्यता रसीद कटवा ली है। इसके अलावा अभी भी कुछ व्यापारी ऐसे हैं, जो अगले चरण में सदस्यता लेने के लिए तैयार हैं।”
उनके अनुसार, यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में सदस्यता संख्या और बढ़ने की पूरी संभावना है।
25 जनवरी का चुनाव और बढ़ती राजनीतिक-संगठनात्मक चेतना
सदस्यता अभियान के साथ-साथ 25 जनवरी को होने वाले व्यापार मंडल चुनाव की चर्चा भी बाजार में जोरों पर है। व्यापारियों के बीच यह साफ भावना उभरकर सामने आ रही है कि—
अब सिर्फ नाम के लिए नहीं,
बल्कि ईमानदार, कर्मठ और संघर्षशील व्यापारी सेवक को चुना जाएगा।
जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत अग्रहरि ने भी व्यापारियों से अपील की—
“ऐसे प्रतिनिधि को चुनिए, जो व्यापारियों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाए, सौदेबाजी नहीं, संघर्ष करे।”
प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका
अभियान को सफल बनाने में प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका भी सराहनीय रही। इस दौरान—सदस्यता करने में सक्रिय सदस्य अजय कुमार शिवजी ,मोहन वर्मा नगर अध्यक्ष, आलोक जायसवाल जिला मंत्री, सुशील जायसवाल, कैलाश जायसवाल, राकेश मोदनवाल, सुजीत जायसवाल, प्रभात जायसवाल,सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
इन सभी ने मिलकर यह दिखा दिया कि व्यापार मंडल सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक सामूहिक शक्ति है।
चकिया का बाजार, अब केवल व्यापार का नहीं—ताकत का प्रतीक
चकिया का बाजार अब सिर्फ खरीद-फरोख्त का स्थान नहीं रहा। यह बाजार अब—
व्यापारियों की आवाज,
उनकी एकजुटता,
और उनके भविष्य के फैसलों का केंद्र बन चुका है।
900 सदस्यता रसीदें इस बात का प्रमाण हैं कि चकिया का व्यापारी अब जाग चुका है।
Khabari News की टिप्पणी
अब सवाल सिर्फ सदस्यता का नहीं, बल्कि नेतृत्व, ईमानदारी और संघर्ष का है।