चोरी पकड़ने की कोशिश बनी मौत की वजह, 17 वर्षीय मोनू राम की गोली मारकर हत्या
गांव में तनाव, आक्रोश, आंसू और सवाल… प्रशासन अलर्ट मोड पर

चंदौली जनपद के सैयदराजा थाना क्षेत्र अंतर्गत दुधारी गांव में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात जो हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह कोई सामान्य चोरी की घटना नहीं थी, बल्कि एक मासूम किशोर की शहादत, एक गांव का सन्नाटा, और एक सवाल—क्या अब अपने घर की रक्षा करना भी मौत को न्योता है?
रात लगभग 2:00 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी एक घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। चोर बॉक्स में भरा सामान लेकर भाग रहा था। उसी दौरान 17 वर्षीय मोनू राम, पुत्र मुन्ना राम, निवासी दुधारी गांव, ने साहस दिखाया। उसने शोर मचाते हुए चोर को पकड़ने का प्रयास किया।
लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह बहादुरी उसकी आखिरी सांस बन जाएगी।

🔫 घिरता देख चोर ने चलाई गोली
सीने से सटाकर दागी गई गोली, मौके पर ही ढेर हुआ किशोर
ग्रामीणों के अनुसार, जब चोर को लगा कि वह घिर चुका है और भागने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो उसने बिना किसी हिचकिचाहट के मोनू को सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही मोनू जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार मच गई। गांव की नींद टूटी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजन और ग्रामीण तुरंत मोनू को लेकर जिला अस्पताल चंदौली पहुंचे, जहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. चंद्रमणि सिंह ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
एक हंसता-खेलता किशोर, जो कुछ ही घंटे पहले अपने घर में था, अब अस्पताल के बेड पर निश्चल पड़ा था।
😭 मां-बाप की चीखें, गांव का मातम
“हमार लइका त बचावत रहे… ओकर का कसूर रहे?”
जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, दुधारी गांव श्मशान में तब्दील हो गया।
मां की चीत्कार, पिता की खामोशी और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल—हर आंख नम थी।
ग्रामीणों की जुबान पर एक ही सवाल था—
“अगर चोरों को रोकना गुनाह है, तो कानून किसके लिए है?”
मोनू कोई अपराधी नहीं था।
वह न किसी झगड़े में था,
न किसी दुश्मनी में—
वह सिर्फ अपने गांव और घर की रक्षा कर रहा था।
🔥 गुस्से में उफना गांव
आरोपी चोर की ग्रामीणों ने की पिटाई, हालात बेकाबू
घटना के बाद गांव में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी चोर को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। हालात तेजी से बिगड़ते देख पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
चारों ओर सन्नाटा, लेकिन भीतर ही भीतर उबलता गुस्सा—
दुधारी गांव उस रात सिर्फ एक गांव नहीं रहा,
वह आक्रोश और पीड़ा का प्रतीक बन गया।
👮♂️ पुलिस का बयान
आरोपी हिरासत में, गिरोह के अन्य संदिग्ध भी पकड़े गए
मौके पर पहुंचे सीओ सदर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि—
“घटना में शामिल मुख्य आरोपी चोर को हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित चोरी गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। गिरोह से जुड़े कुछ अन्य संदिग्धों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित और कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
⚖️ बड़ा सवाल: गांवों में बढ़ती वारदातें और सुरक्षा की कमी
कब रुकेगा यह सिलसिला?
यह घटना सिर्फ दुधारी गांव की नहीं है।
यह ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
- आखिर चोरों के पास अवैध हथियार कैसे पहुंच रहे हैं?
- रात में गश्त व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है?
- अगर एक किशोर की जान जाने के बाद भी सिस्टम नहीं जागा, तो फिर कब जागेगा?
आज मोनू राम नहीं रहा।
कल कोई और हो सकता है।
🕯️ मोनू को न्याय की उम्मीद
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—
- आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सख्त सजा दिलाई जाए
- अवैध हथियारों के नेटवर्क की गहराई से जांच हो
- गांवों में रात्रि गश्त और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए
- पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता दी जाए
मोनू की मौत सिर्फ एक आंकड़ा न बने—
यह मांग अब पूरे गांव की आवाज बन चुकी है।
📌 Khabari News की विशेष टिप्पणी
“जब सिस्टम सोता है, तब मोनू जैसे बच्चे जागते हैं—और अपनी जान देकर हमें हमारी जिम्मेदारी याद दिलाते हैं।”
यह खबर केवल पढ़ने के लिए नहीं है।
यह झकझोरने के लिए है,
यह सवाल उठाने के लिए है,
और यह न्याय की मांग के लिए है।
🔴 खबर से जुड़े हर अपडेट के लिए जुड़े रहें
Khabari News | सच के साथ, सबसे आगे
(यह रिपोर्ट जनहित में, प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई l


