
केराडीह पुराने पुल के पास मौत का तांडव
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चंदौली।
एक झटके में बुझ गया एक अनजान युवक का जीवन,
इलाका सन्न, सिस्टम फिर सवालों के घेरे में**
शहाबगंज थाना क्षेत्र के केराडीह गांव स्थित पुराने पुल के पास शनिवार जो हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रोज़ की तरह चलती ज़िंदगी अचानक उस पल थम गई, जब एक भयानक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
यह कोई आम दुर्घटना नहीं थी। यह एक ऐसा मंजर था, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। सड़क पर बिखरा सामान, क्षतिग्रस्त वाहन के निशान और बीच सड़क पर पड़ा एक निशब्द शरीर, जो अब कभी उठने वाला नहीं था।


सबसे दर्दनाक बात यह कि मृत युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
वह कौन था?
कहां से आया था?
किसके लिए घर लौट रहा था?
किस मां की आंखें अब राह ताकती रह जाएंगी?
इन सवालों के जवाब फिलहाल सिर्फ़ खामोशी के पास हैं।
हादसा इतना भीषण कि मौके पर ही थम गई सांसें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक और तेज था कि युवक को संभलने का कोई मौका ही नहीं मिला। टक्कर की आवाज़ इतनी जोरदार थी कि दूर तक सुनाई दी। कुछ ही पलों में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक की मौत घटनास्थल पर ही हो चुकी थी। किसी प्रकार की हरकत या सांस की कोई संभावना नहीं दिखी।
एक बुज़ुर्ग ग्रामीण ने भारी मन से कहा—
“बेटा वहीं चला गया… इतना भयानक सीन था कि कोई कुछ कर ही नहीं पाया।”
पुलिस मौके पर, शव कब्जे में, पहचान की कोशिश जारी
घटना की सूचना मिलते ही शहाबगंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया, भीड़ हटाई और मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

थाना प्रभारी के अनुसार,
“मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों और ग्रामीणों से संपर्क किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।”
पुलिस ने युवक के कपड़ों, कद-काठी और अन्य पहचान संबंधी विवरणों के आधार पर पहचान कराने का प्रयास तेज कर दिया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।
एक अनजान लाश और सैकड़ों सवाल
इस हादसे ने सिर्फ़ एक जान नहीं ली, बल्कि कई सवाल खड़े कर दिए—
- अगर युवक अनजान है, तो उसके परिजन कहां होंगे?
- क्या वे उसे ढूंढ रहे होंगे?
- क्या उन्हें पता भी है कि उनका अपना अब इस दुनिया में नहीं रहा?
यह वही सच्चाई है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। एक ऐसी मौत, जिसका कोई दावा करने वाला अभी सामने नहीं आया।
यही वजह है कि यह हादसा सिर्फ़ एक खबर नहीं, बल्कि एक सामाजिक त्रासदी बन जाता है।
केराडीह पुराना पुल: हादसों का हॉटस्पॉट बनता रास्ता
स्थानीय लोगों ने खबरी न्यूज से बातचीत में बताया कि केराडीह का पुराना पुल और उसके आसपास का इलाका पहले से ही दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है।
- सड़क संकरी है
- रात्रि में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
- कोई स्पष्ट चेतावनी बोर्ड या स्पीड ब्रेकर नहीं
- भारी वाहनों की आवाजाही लगातार
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई आज तक नहीं हुई।
एक स्थानीय युवक ने आक्रोश में कहा—
“यहां हर कुछ महीनों में कोई न कोई मरता है, लेकिन सिस्टम तभी जागता है जब लाशें गिनाई जाती हैं।”

क्या यह मौत टाली जा सकती थी?
यह सवाल हर संवेदनशील व्यक्ति के मन में उठता है।
अगर—
- सड़क पर सही संकेतक होते
- स्पीड कंट्रोल के उपाय होते
- पुल के पास सुरक्षा इंतजाम होते
तो शायद आज एक युवक ज़िंदा होता।
लेकिन दुर्भाग्य यह है कि हमारे यहां सुरक्षा इंतजाम अक्सर हादसे के बाद ही याद आते हैं।
प्रशासन की चुप्पी और जनता की पीड़ा
हादसे के कई घंटे बाद तक भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान या आश्वासन सामने नहीं आया। न ही यह बताया गया कि इस क्षेत्र में भविष्य में दुर्घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
यह वही प्रशासनिक उदासीनता है, जो हर बार किसी न किसी की जान पर भारी पड़ती है।
खबरी न्यूज की अपील
खबरी न्यूज प्रशासन से मांग करता है कि—
- केराडीह पुराने पुल क्षेत्र को दुर्घटना संवेदनशील जोन घोषित किया जाए
- तत्काल सुरक्षा संकेतक, स्पीड ब्रेकर और लाइटिंग की व्यवस्था की जाए
- मृतक की पहचान के लिए तेज़ और व्यापक अभियान चलाया जाए
साथ ही आम जनता से भी अपील है—
👉 यदि आप मृतक युवक को पहचानते हैं
👉 यदि आपको उसके बारे में कोई भी जानकारी है
तो शहाबगंज थाना पुलिस से तुरंत संपर्क करें।
आपकी एक सूचना किसी परिवार को उसका बिछड़ा सच लौटा सकती है।
अंत में…
यह खबर सिर्फ़ एक एक्सीडेंट की नहीं है।
यह उस सिस्टम की कहानी है, जहां जान की कीमत अक्सर फाइलों में दब जाती है।
यह उस युवक की कहानी है, जिसका नाम अभी सामने नहीं आया,
लेकिन जिसकी मौत ने पूरे इलाके को सोचने पर मजबूर कर दिया।
खबरी न्यूज इस सवाल के साथ—
👉 अगली लाश से पहले क्या कोई जागेगा?
— ग्राउंड रिपोर्ट, खबरी न्यूज


