शपथ, जागरूकता और हस्ताक्षर से शुरू हुई एक नई क्रांति
???? Khabari News – चकिया, चंदौली से विशेष रिपोर्ट ????



“बचपन बोझ नहीं, अधिकार है!” — इसी संकल्पना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से चंदौली जनपद में बाल श्रम के खिलाफ एक अनूठा एवं सशक्त पांच दिवसीय जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान और ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के संयुक्त प्रयास से किया गया। इसमें चकिया, शहाबगंज व नौगढ़ ब्लॉक के स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

इस अभियान में 182 महिला कार्यकर्ताओं — जिनमें आशा बहुएं, ANM, समूह सखी, CLF प्रतिनिधि शामिल थीं — ने बाल श्रम के खिलाफ संकल्प लिया और हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया।
???? अभियान का उद्देश्य
कार्यक्रम की अगुआई कर रहीं संस्था की प्रतिनिधि संजू जी ने बताया:
“भारत ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के साथ 2025 तक बाल श्रम को समाप्त करने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में संस्था सरकारी विभागों के साथ मिलकर चंदौली को बाल श्रम मुक्त करने के लिए विभिन्न प्रिवेंटिव कदम उठा रही है।”
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:
- लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना।
- बच्चों को शिक्षा से जोड़ना।
- कानूनों की जानकारी देना।
- समुदाय को जागरूक बनाकर बाल श्रम रोकना।
???? “हर बच्चा पढ़ेगा – तभी भारत बढ़ेगा”
BCPM प्रेमलता जी ने अपने संबोधन में भावुक शब्दों में कहा:

“अक्सर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को केवल पैसे के लालच में मालिकों द्वारा काम पर लगाया जाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, उनका मानसिक और शारीरिक शोषण होता है। यह न सिर्फ अवैध है, बल्कि अमानवीय भी है।”
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास यदि किसी बच्चे को मजदूरी करते देखें, तो उसे रोकें और संबंधित विभाग को सूचित करें।
???? “शिक्षा ही समाधान है” – बृजेश सिंह
कार्यक्रम में बृजेश सिंह ने बाल श्रम के मूल कारणों को रेखांकित करते हुए कहा:

“यदि हम वास्तव में बाल मजदूरी को समाप्त करना चाहते हैं, तो हमें बच्चों को 100% शिक्षा से जोड़ना होगा। शिक्षा से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सकता है और वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यही सामाजिक बदलाव का आधार है।”
⚖️ “कानून हैं, पर उन्हें जानना ज़रूरी है” – गणेश प्रसाद विश्वकर्मा
गणेश प्रसाद विश्वकर्मा ने उपस्थितजनों को बताया कि बाल श्रम के खिलाफ देश में कई सख्त कानून मौजूद हैं:
- बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986
- पेंसिल पोर्टल (PENCIL Portal)
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
“इन संसाधनों का उपयोग करके पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाया जा सकता है। यदि हम सब सजग हो जाएं, तो एक भी बच्चा शोषण का शिकार नहीं बनेगा।”
???? “बचपन को बोझ नहीं बनाएं” – मनोज मिश्रा की अपील
मनोज मिश्रा ने इस अवसर पर बेहद भावनात्मक संबोधन देते हुए कहा:
“विश्व बाल श्रम निषेध दिवस केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि एक संकल्प है। जब तक एक भी बच्चा बाल व्यापार, बाल मजदूरी या जबरिया श्रम का शिकार है, तब तक हम मानवता के असली मर्म को नहीं समझ पाए हैं। हमें बच्चों को स्कूल की बेंच पर बैठाना है, बोझ नहीं उठवाना।”
उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जोड़ते हुए कहा कि:
“जब हर बच्चा सुरक्षित और शिक्षित होगा, तभी एक स्वस्थ और समावेशी समाज का निर्माण संभव है।”
???? “स्वरोजगार की आड़ में बच्चों से काम न कराएं” – दीपचंद, ब्लॉक मिशन मैनेजर
ब्लॉक मिशन मैनेजर दीपचंद जी ने स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा:
“जो महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि वे अपने बच्चों से कोई कार्य न कराएं। बच्चों का स्थान कार्यस्थल नहीं, बल्कि स्कूल है। यदि प्रतिष्ठान पर कोई बच्चा कार्य करता दिखे, तो मालिक को भी जवाबदेह ठहराना जरूरी है।”
???? कार्यक्रम संचालन और भागीदारी
इस संकल्प और जागरूकता के पवित्र कार्य में भाग लेने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल रहे:
- उर्मिला
- मुकेश कुमार
- शिवम
- जितेंद्र
- संजू
- प्रीति
- अशोक
इन सभी ने न केवल कार्यक्रम का संचालन किया बल्कि उपस्थित सभी प्रतिभागियों को शपथ भी दिलाई कि वे कभी किसी बच्चे को मजदूरी नहीं करने देंगे।
???? भविष्य की ओर उम्मीद भरी नज़र
इस पांच दिवसीय अभियान ने न सिर्फ स्थानीय समुदाय को बाल श्रम के प्रति जागरूक किया बल्कि एक सकारात्मक संदेश भी दिया –
“जब तक एक भी बच्चा मजदूरी करेगा, तब तक समाज असफल रहेगा।”
यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि यदि समुदाय, संस्थाएं और सरकार मिलकर प्रयास करें, तो बाल श्रम जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
???? Khabari News की विशेष पेशकश — अगर आपके आसपास कोई बच्चा मजदूरी कर रहा है, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करें।
Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Adv.)9935932017
???? चकिया, चंदौली – जहां हर आवाज़ बनती है बदलाव का ज़रिया!




















