


✍ रिपोर्ट: खबरी न्यूज ब्यूरो,| वाराणसी |
“खुशियों से भरी अर्टिका पल भर में बनी चीख-पुकार की गूंज” — एक तीन वर्षीय मासूम के मुंडन संस्कार के बाद घर लौटते समय हुआ दिल दहला देने वाला हादसा, जब NH-2 पर रूपापुर ओवरब्रिज के पास तेज रफ्तार पिकअप ने कार को भीषण टक्कर मार दी।

???? हादसे का लोकेशन:
वाराणसी का मिर्जामुराद थाना क्षेत्र — रूपापुर ओवरब्रिज, नेशनल हाइवे पर, शुक्रवार दोपहर लगभग 3:00 बजे।
???? कैसे हुआ हादसा?
गाजीपुर जिले के रहीसपुर गांव (सैदपुर थाना क्षेत्र) के रहने वाले विपिन चंद्र गुप्ता (40) अपने परिवार के साथ मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम से दर्शन व मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे थे। परिवार की खुशी अभी दिलों में गूंज ही रही थी कि तभी:
एक तेज़ रफ्तार पिकअप वाहन (मालवाहक), प्रयागराज की दिशा में दौड़ रही थी। जैसे ही उसने रूपापुर ओवरब्रिज पार किया, सामने से आ रही अर्टिका कार (UP नंबर) में ज़ोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और मासूमों की चीख-पुकार से हाइवे गूंज उठा।

???? कौन-कौन हुआ घायल?
अर्टिका में कुल 9 लोग सवार थे, जिसमें 8 गंभीर रूप से घायल हुए:

- विपिन चंद्र गुप्ता (40) – कार मालिक
- लीलावती देवी (65) – विपिन की मां
- बेचनी देवी (58) – सास
- गुड़िया देवी (46) – रिश्तेदार
- नीतू गुप्ता (34) – पत्नी
- क्षमा गुप्ता (18) – बेटी
- स्तुति गुप्ता (5) – बालिका
- विवान गुप्ता (3) – मुंडन संस्कार के बाद लौटता मासूम
- अंगद यादव (30) – कार चालक
स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से सभी घायलों को पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
???? पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन…
हादसे की सूचना मिलते ही मिर्जामुराद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से तत्काल अस्पताल भिजवाया।
लेकिन…

पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, वाहन को वहीं छोड़कर।
पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

???? हादसे की वजह बनी ‘वनवे’ व्यवस्था?
???? गौरतलब है कि सावन माह में कांवड़ यात्रा को देखते हुए NH-2 के एक लेन को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है।
???? इसके चलते प्रयागराज की दिशा वाला दक्षिणी लेन वनवे कर दिया गया है, जिससे अव्यवस्थित ट्रैफिक और स्पीडिंग वाहनों की वजह से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।
क्या प्रशासन को वनवे व्यवस्था की समीक्षा नहीं करनी चाहिए?
क्या हादसों को रोकने के लिए NH पर स्पीड ब्रेकर व कैमरे नहीं लगाए जाने चाहिए थे?
???????????????? मासूम विवान के मुंडन की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
जैसे ही यह खबर रहीसपुर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। तीन वर्षीय विवान की हँसी को देखकर जो लोग सुबह आशीर्वाद दे रहे थे, अब उसकी खामोशी और चोटें देख आंखों से आंसू रुक नहीं रहे।
नीतू गुप्ता, जो खुद घायल हैं, बेखबर हैं कि उनका बेटा विवान होश में है या नहीं।
“हम दर्शन करने गए थे… क्या पता था लौटते वक़्त ऐसा दिन देखना पड़ेगा…” – घायल परिवार का विलाप।
???? प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया…
“जैसे ही पिकअप ने टक्कर मारी, कार घिसटती चली गई… बच्चे चिल्ला रहे थे, औरतें रो रही थीं… एक पल को पूरा हाइवे थम गया था।”
– रमाशंकर यादव, चश्मदीद
???? NH पर हादसों का ग्राफ क्यों बढ़ रहा है?
सावन में विशेष मार्ग व्यवस्था के चलते:
- भारी वाहन तेज़ रफ्तार में वनवे पर आ रहे हैं
- सड़क किनारे कोई रिफ्लेक्टर, ब्रेकर या संकेतक नहीं
- पैदल और कांवड़ यात्रा के चलते सड़कों पर अधिक भीड़
- ट्रैफिक पुलिस की संख्या न के बराबर
क्या यह लापरवाही किसी और परिवार को भी ऐसा ही मातम देने वाली है?
???? खबरी न्यूज की मांग:
???? NH पर वनवे व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए
???? CCTV व स्पीड रडार लगाए जाएं
???? दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर मेडिकल इमरजेंसी बूथ बनें
???? पिकअप चालक की गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई हो
???? संपादक केसी श्रीवास्तव का विशेष वक्तव्य:
“जब तक दर्दनाक हादसों के पीछे छिपी व्यवस्थागत लापरवाही पर चोट नहीं की जाएगी, तब तक विवान जैसे मासूम चीखते रहेंगे और सिस्टम कान बंद करके सोता रहेगा।”
– एडवोकेट केसी श्रीवास्तव, प्रधान संपादक, खबरी न्यूज
???? आखिर में सवाल जनता से —
???? क्या प्रशासन की वनवे नीति हादसों का नया कारण बन रही है?
???? क्या NH-2 पर चलना अब जीवन का खतरा बन गया है?
???? क्या ऐसे हादसों की जिम्मेदारी तय होगी या फिर मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
???? हम आपके जवाब और सुझाव चाहते हैं। नीचे कमेंट करें, इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि दोषियों को सज़ा मिले और सिस्टम जागे।
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✍ प्रस्तुतिः Khabari News Chakia Social Media Desk
???? विशेष रिपोर्ट संपादक: एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव
????️ भावभीनी प्रार्थना — घायल जल्द स्वस्थ हों, और मासूमों की हँसी कभी न रुके…





















