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???? “खरीफ-2025 की जंग में जुटे किसान – लेकिन क्या सच में खाद पहुंच रही है समय पर? या फिर फिर से मंडरा रहा है ‘काला बाज़ारी’ का साया?”

✍️ रिपोर्ट : खबरी न्यूज टीम | संपादन : के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट, एडिटर-इन-चीफ)
???? स्थान : चंदौली ज़िला मुख्यालय

???? शुरुआत एक सवाल से – क्या हमारे किसान फिर से ठगे जाएंगे?

चंदौली के किसान, जो देश की खेती की रीढ़ माने जाते हैं, एक बार फिर खाद को लेकर चिंता में हैं।
खरीफ-2025 का सीजन सामने है। धान की नर्सरी लग चुकी है, खेतों में हल चल रहे हैं, और किसान आसमान की ओर उम्मीद से देख रहा है – कि समय से बारिश हो और सरकार व विभाग समय से खाद दे दे।

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लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले ही “Proactive Mode” में आकर एक बड़ी बैठक कर डाली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के स्पष्ट निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने उर्वरक आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की।

पर क्या सिर्फ बैठक काफी है? या ज़मीनी सच्चाई कुछ और है?
Khabari News की यह रिपोर्ट आपको बताएगी वो सब कुछ जो जानना जरूरी है।

????‍???? “किसानों के नाम पर नाटक नहीं चलेगा अब – ज़मीनी हकीकत सामने लाएगा खबरी न्यूज!”

दिनांक 19 जुलाई 2025, स्थान – जिला कृषि भवन चंदौली।
एक बंद कमरे में बड़ी मीटिंग, जिसमें उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि, थोक विक्रेता, और इफको-पीसीएफ जैसे प्रमुख सप्लायर्स शामिल हुए।

मुख्य एजेंडा – सिर्फ एक:
???? “किसानों को निर्धारित दर पर, समय से, POS मशीन के जरिए उर्वरक उपलब्ध कराना, और काला बाज़ारी पर पूरी तरह नकेल कसना।”

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ज़िला कृषि अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा –

“जिसने भी टैगिंग की, ओवर रेटिंग की, या समितियों को गुमराह किया, उसकी जगह सीधी FIR और जेल है।”

लेकिन क्या इतना कह देना काफी है?

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????️‍♂️ Ground Report : खाद तो है, पर किसान परेशान क्यों है?

Khabari News की टीम ने चंदौली के विभिन्न ब्लॉक जैसे नियामताबाद, चकिया, सैयदराजा और शहाबगंज में जाकर किसानों से बात की।
???? बड़ा सवाल – खाद मिल रहा है क्या?

ग्राम जौली के किसान रामलाल यादव (उम्र 52) बताते हैं –

“साहब मीटिंग तो हम 20 साल से सुनते आ रहे हैं, लेकिन खाद मिलती है एजेंट से 100 रुपये ऊपर देकर। बोलते हैं ‘यूरिया तो है लेकिन अभी स्टॉक चढ़ा नहीं है।’ अब हमें क्या मतलब स्टॉक चढ़ा या फिसला?”

एक अन्य किसान प्रमोद सिंह कहते हैं –

“POS मशीन से देने की बात तो ठीक है, लेकिन 3 दिन से लाइन में खड़े हैं। मशीन खराब है या नेटवर्क नहीं है – कोई जवाब नहीं देता।”

???? Data vs. Reality – ये है सरकारी दावा और जमीनी सच्चाई का फर्क

सरकारी आंकड़ों के अनुसार :

  • ✅ यूरिया – 17,818 मैट्रिक टन उपलब्ध
  • ✅ डीएपी – 3,468 टन स्टॉक
  • ✅ एमओपी – 811 टन
  • ✅ एनपीके – 2,358 टन
  • ✅ एसएसपी – 11,704 टन
  • ✅ इफको की नयी रेक – 850 टन DAP और 500 टन NPK

सवाल ये नहीं कि स्टॉक है या नहीं – सवाल ये है कि क्या ये स्टॉक सही हाथों में पहुंच रहा है? या बीच में कोई invisible हाथ फिर से खेल कर रहा है?

⚠️ “Tagging” और “Overpricing” – सबसे बड़ा धोखा किसानों के साथ

सरकार ने साफ कहा है –

“डीएपी और यूरिया के साथ कोई अन्य उत्पाद जबरदस्ती न थोपें। न ही रेट से ऊपर कोई पैसा लिया जाए। POS मशीन से ही खाद दी जाए और उसकी रसीद अनिवार्य हो।”

लेकिन कई समितियों में किसान बताते हैं कि उन्हें डीएपी के साथ जबरन Zinc या अन्य Bio-fertilizer भी लेना पड़ता है, नहीं तो खाद नहीं दी जाती। ये Bundling Scam क्या सिर्फ निजी कंपनियों का खेल है या इसमें लोकल एजेंट्स भी शामिल हैं?

???? Monitoring – कागज़ों में चौकस, ज़मीन पर लाचार?

कृषि विभाग, राजस्व विभाग और जिला स्तर के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन Khabari News की पड़ताल में कई निगरानी अधिकारी अपने घरों में आराम करते मिले और किसानों की लंबी कतारें बिना जवाब के खड़ी थीं।

क्या ये है प्रशासन की ‘Accountability’?

????️ Khabari News की सीधी बात – अब चुप नहीं बैठेगा किसान!

Khabari News ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को भेजे अपने सवाल :

  1. POS मशीनों की रियल टाइम रिपोर्टिंग क्यों नहीं हो रही?
  2. टैगिंग की शिकायतों पर कितनी FIR हुईं?
  3. किसान हेल्पलाइन नंबर क्यों dead पड़ा है?

हमारी मांग स्पष्ट है –
???? “हर समिति की दैनिक खाद वितरण रिपोर्ट सार्वजनिक हो।”
???? “ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक अपडेट हर 6 घंटे में हो।”
???? “हर किसान को SMS से POS रसीद मिले।”
???? “हर शिकायत पर 72 घंटे में कार्रवाई हो।”

???? जनता से अपील – अब बोलिए, चुप मत रहिए!

Khabari News आपके लिए है, किसानों की ताकत है।
अगर आप भी किसी समिति या विक्रेता के द्वारा धोखा, टैगिंग या ओवर रेटिंग का शिकार हुए हैं – हमें बताइए।
???? Whatsapp नंबर : 8899XXXXXX
???? Email : khabariwaveportal@gmail.com

???? आखिरी लाइन – “किसान को खाद नहीं, इज्जत दो!”

जब तक किसान को उसकी मेहनत का सम्मान नहीं मिलेगा, जब तक उसे खाद, बीज और पानी सही समय पर नहीं मिलेगा – तब तक यह सिस्टम सिर्फ मीटिंग और आंकड़ों का खेल बना रहेगा।

Khabari News वादा करता है –
हम हर ब्लॉक, हर समिति, हर गांव में जाएंगे।
जहां भी अन्याय होगा, वहाँ से आवाज़ उठेगी।
क्योंकि हम हैं –
“Awaz Janta Ki, Kalam Khabari News Ka!”

#Kharif2025 | #KhabariOnField | #FertilizerScam | #ChandauliAlert | #किसान_मांगता_हक | #NoMoreBlackMarketing

✍️ Prepared by Khabari News Ground Team
????️ Editor-in-Chief : K.C. Shrivastava (Adv.)

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