???? खबरी न्यूज़ चकिया | विशेष पड़ताल | ग्राउंड रिर्पोट आंशु पंडित : संपादक अधिवक्ता के.सी. श्रीवास्तव
यूनियन बैंक चंदौली फाटक में आधार सेंटर बना भ्रष्टाचार का अड्डा – खुलेआम चल रहा है फर्जीवाड़े का काला कारोबार!



???? आधार कार्ड – भारत सरकार की सबसे महत्त्वपूर्ण पहचान प्रणाली, जिस पर पूरे देश का विश्वास टिका है। लेकिन सोचिए जब इसी आधार कार्ड को बनाने वाले केंद्र ही भ्रष्टाचार के गढ़ बन जाएं, तो आमजन किस पर भरोसा करे?

???? खबरी न्यूज़ की विशेष पड़ताल में एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है – चंदौली फाटक स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा के अंदर संचालित आधार नामांकन केंद्र अब अवैध उगाही और फर्जी प्रमाणपत्रों का सिंडिकेट बन चुका है।
???? जांच की शुरुआत: एक आम आदमी की व्यथा, एक पत्रकार की जिम्मेदारी
हमारे संवाददाता ने एक आम नागरिक की शिकायत पर जब गहराई से पड़ताल शुरू की, तो जो सामने आया, वह चौंका देने वाला था। बात करते ही ऑपरेटर ने साफ शब्दों में कह दिया:
“हमको कोई सैलरी नहीं मिलती है, हम ग्राहक से ही पैसे लेकर कमाते हैं। जो करना है कर लीजिए।”
???? दरअसल, यूनियन बैंक के आधार सेंटर पर ये चार ऑपरेटर एक संगठित गिरोह की तरह कार्य कर रहे हैं:
- नया आधार कार्ड बनवाने पर 1500 से 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
- 18 साल से ऊपर के लोगों से 5000 रुपये तक की उगाही होती है।
- बायोमेट्रिक अपडेट का चार्ज 200 रुपये प्रतिदिन, जबकि UIDAI के नियम अनुसार यह या तो फ्री होता है या नाममात्र शुल्क पर।
- फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, फर्जी जाति प्रमाण पत्र, फर्जी निवास पत्र – यह सब दलालों के जरिए मौके पर ही उपलब्ध करा दिया जाता है।


???? “जहां बैंक, वहां दलाल” – बैंक परिसर में पनप रहा है सजीव फर्जीवाड़ा
बैंक के बाहर और अंदर दलाल खुलेआम घूमते हैं। ग्राहक जैसे ही बैंक में आता है, ये लोग उसे घेर लेते हैं। कोई कहता है, “जाति प्रमाण पत्र बनवा दूं, ₹2000 लगेगा”, कोई कहता है “बायोमेट्रिक में परेशानी है, ₹500 दो तुरंत काम कर दूंगा”।
इन दलालों के पास फर्जी वेबसाइटों का नेटवर्क है, जो बिना किसी अधिकृत हस्ताक्षर के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर देती हैं। इतना ही नहीं, एक ही नाम से दो जन्म प्रमाण पत्र जारी होते हुए पकड़े गए हैं – वो भी एक ही क्षेत्र के लिए!

⛔ “आज का कोटा खत्म, कल आइए” – आम आदमी का रोज़ का अपमान
सुबह 6 बजे से बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं लाइन में खड़े होते हैं, उम्मीद लेकर कि आज आधार बन जाएगा। लेकिन दोपहर होते-होते जवाब मिलता है:
“आज का कोटा पूरा हो गया है, कल आइए।”
यह क्रम रोज दोहराया जाता है – और हर बार सिर्फ दलालों के जरिए पैसा देने वालों को ही अंदर एंट्री मिलती है।

????️♂️ सितंबर-अक्टूबर 2024 से ही चल रहा है यह खेल!
सूत्रों के अनुसार, CSC से आधार कार्ड निर्माण का कार्य हटाए जाने के बाद यह केंद्र ऑपरेटरों और दलालों के लिए मुनाफे की खान बन गया है। अब ये लोग बिना डर, बिना रोक-टोक, पूरे सिस्टम को ही खरीद चुके हैं।
???? अब सवाल यह है – क्या चंदौली प्रशासन, डीएम और बैंक अधिकारी आंखें मूंदे रहेंगे?
➡️ क्या जिलाधिकारी महोदय को यह मालूम है कि उनके जिले में सरकारी दस्तावेजों की खुलेआम नीलामी हो रही है?
➡️ क्या बैंक प्रबंधन का यह दावा सही है कि “बैंक की जिम्मेदारी नहीं है”?
अगर नहीं, तो फिर बैंक परिसर में चल रही इस संगठित अवैध गतिविधि पर अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
???? क्यों जरूरी है क्राइम ब्रांच से जांच?
- फर्जी प्रमाण पत्रों का सीधा लिंक बाहरी जिलों से है – यह अंतरराज्यीय रैकेट की ओर इशारा करता है।
- सरकारी पोर्टल्स की डुप्लीकेट कॉपी से जनरेट किए जा रहे हैं दस्तावेज – यह एक साइबर अपराध भी है।
- राजस्व की क्षति, नागरिक अधिकारों का हनन और सामाजिक अन्याय – तीनों की जड़ें यहीं से जुड़ी हैं।
???? सीधे तौर पर कहा जाए तो – “यह अंधेर नगरी और चौपट राजा” की जीवंत मिसाल है।
जब सिस्टम ही कमाने लगे, तो न्याय कहां जाएगा?
जब पहचान पत्र ही फर्जी दस्तावेजों पर आधारित हों, तो नागरिक की पहचान किस पर होगी?
जब दलाल ही नियंता बन जाएं, तो लोकतंत्र की नींव डगमगाने लगेगी।
???? खबरी न्यूज़ की मांग:
???? तत्काल क्राइम ब्रांच द्वारा जांच कराई जाए।
???? यूनियन बैंक चंदौली फाटक आधार सेंटर को सील किया जाए।
???? संबंधित ऑपरेटरों और दलालों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
???? फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाली वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
???? जिले के सभी आधार नामांकन केंद्रों की ऑडिट और निगरानी कराई जाए।
???? योगी सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” की असल परीक्षा अब है!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बार-बार कहते हैं कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर बैठे नौकरशाह इस नीति की खिल्ली उड़ा रहे हैं।
✍️ आख़िरी शब्द –
यह खबर कोई अफवाह नहीं, एक सत्य घटना पर आधारित पत्रकारिता की ईमानदार पड़ताल है।
आज ये केंद्र फर्जी आधार बना रहा है, कल यही पहचान अपराधियों के हाथों में जाएगी।
अगर अभी नहीं जागे, तो आधार का आधार ही खत्म हो जाएगा।
???? खबरी न्यूज़ की टीम इस मुद्दे को सोशल मीडिया और जिला प्रशासन तक ले जाएगी – जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई न हो जाए।
???? रिपोर्ट: Khabari News, Chakia |समाचार संकलन आशु पंडित सम्पादन : के.सी. श्रीवास्तव (एड०)
????स्थान: चकिया‚चंदौली। ❗#ViralKaro #AadharScamChandauli #JanchKiMaang #KhabariNewsExpose




















