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गणतंत्र दिवस 2026: यूपी से 15 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता होंगी विशेष अतिथि, नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर करेंगी प्रदेश का प्रतिनिधित्व

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क

चंदौली/लखनऊ।
गणतंत्र दिवस समारोह–2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदेश से कुल 15 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहयोगियों का चयन विशेष अतिथि के रूप में किया गया है। ये सभी चयनित कार्यकर्ता 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में भाग लेंगी।

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यह केवल एक निमंत्रण नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा से जुड़ी महिलाओं की मेहनत को सलाम है।

खबरी विश्लेषण : पहली पंक्ति में आंगनबाड़ी की ताकत

जिस देश की नींव बच्चों और माताओं की सेहत पर टिकी हो, वहां अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मानित हों, तो यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं — नीति और नीयत का संदेश होता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा जारी पत्र संख्या CD-II-22/22/2025-CD-II दिनांक 01.12.2025 के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदेशों से चयनित उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

???? उत्तर प्रदेश से कुल 15 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयनित होंगी,
???? चयन पूरी तरह कार्य-निष्पादन, दक्षता, प्रतिबद्धता और ज़मीनी प्रभाव के आधार पर होगा,
???? हर चयनित कार्यकर्ता अपने पति/पत्नी/साथी (एक) के साथ समारोह में शामिल हो सकेगी।

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15 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता होंगी विशेष अतिथि

मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में यह चयन कार्य निष्पक्ष मूल्यांकन, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन, दक्षता एवं जनसेवा में योगदान के आधार पर किया गया है। चयनित अतिथियों को अपने पति/पत्नी/साथी (एक) के साथ समारोह में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश से चयनित 15 विशेष अतिथियों की सूची

  1. बहराइच – श्रीमती हेमलता वर्मा
  2. चंदौली – श्रीमती निशा पाठक
  3. श्रावस्ती – श्रीमती पानकली
  4. सोनभद्र – श्रीमती दीप्ति सिंह
  5. फतेहपुर – श्रीमती संध्या श्रीवास्तव
  6. चित्रकूट – श्रीमती अरुंधती देवी
  7. बलरामपुर – श्रीमती सुनीता देवी
  8. सिद्धार्थनगर – श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव
  9. लखनऊ – सुश्री सौम्या
  10. गोरखपुर – श्रीमती गीतांजलि मौर्य
  11. गोरखपुर – श्रीमती संगीता कुमारी
  12. गोरखपुर – श्रीमती पुष्पा शुक्ला
  13. वाराणसी – श्रीमती रेणु सिंह
  14. वाराणसी – श्रीमती सुनीता त्रिपाठी
  15. वाराणसी – श्रीमती पुष्पा सिंह

सेवा और समर्पण को मिला राष्ट्रीय सम्मान

इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण अभियान, टीकाकरण, बाल विकास और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इनका चयन जमीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक माना जा रहा है।

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जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने चयनित कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। चयनित सभी अतिथि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

खास बात यह है कि चयन में वाराणसी एवं गोरखपुर मंडल को भी विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिससे पूर्वांचल और अवध दोनों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

चयन प्रक्रिया : पूरी तरह पारदर्शी, पूरी तरह प्रदर्शन आधारित

इस पूरे चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है—

  • जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO)
  • मुख्य सेविका
  • तथा नोडल अधिकारी को

इन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि—
✔️ केवल कागजी नहीं, ज़मीनी काम देखा जाए,
✔️ पोषण, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, स्कूल रेडीनेस, DBT कार्य, सर्वे और रिपोर्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाए,
✔️ चयन में किसी भी प्रकार की सिफारिश या दबाव को पूरी तरह नकारा जाए।

खबरी को मिली जानकारी के अनुसार, चयनित नामों को निर्धारित प्रारूप में संलग्न कर समयबद्ध तरीके से शासन को भेजना अनिवार्य किया गया है।

कर्तव्य पथ तक पहुंचेगी गांव की आवाज

यह वही कर्तव्य पथ है, जहां से देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक प्रतिबद्धता दुनिया को दिखाई जाती है। और अब—
???? आंगनबाड़ी बहनें भी उस मंच पर होंगी,
???? जिनके कंधों पर गांव, गरीब, गर्भवती महिला और कुपोषित बच्चे का भविष्य टिका है।

यह सम्मान सिर्फ एक जिले या एक कार्यकर्ता का नहीं, बल्कि पूरे आंगनबाड़ी तंत्र का है।

खबरी सवाल उठाता है

  • क्या अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल “मानदेय कर्मी” कहकर नज़रअंदाज़ किया जा सकेगा?
  • क्या यह चयन भविष्य में मानदेय, सुविधाओं और सम्मान की दिशा में बड़ा संकेत नहीं है?
  • क्या यह कदम ज़मीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल को नई ऊंचाई नहीं देगा?

खबरी का मानना है— यह सिर्फ निमंत्रण नहीं, नीति में बदलाव की दस्तक है।

उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की साझा पहल

इस पूरी प्रक्रिया में यह साफ दिखता है कि केंद्र और राज्य दोनों मिलकर यह संदेश देना चाहते हैं कि—

“जो सबसे नीचे काम करता है, वही सबसे पहले सम्मान का हकदार है।”

गणतंत्र दिवस 2026 में जब कर्तव्य पथ पर झंडा लहराएगा, तो उसी हवा में आंगनबाड़ी बहनों की मेहनत की खुशबू भी होगी।

खबरी की कलम से

आज तक जिन हाथों ने बच्चों को पोषण दिया,
आज वही हाथ देश के संविधान के उत्सव में शामिल होंगे।

यह खबर नहीं — इतिहास की एक पंक्ति है।

खबरी रहेगा नज़र में…
खबरी बोलेगा सबसे पहले…
क्योंकि खबर सिर्फ ऊपर से नहीं, ज़मीन से उठती है।

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