समर कैंप 2025 का समापन बना यादगार — शिक्षा, संस्कार और संस्कृति से सजा चकिया का परिषदीय परिदृश्य



“जब कक्षा की दीवारें हटती हैं, तब कल्पनाओं को पंख मिलते हैं…”
???? चकिया | अवधेश द्विवेदी | खबरी न्यूज़ ब्यूरो
गर्मी की छुट्टियों में जहां आमतौर पर बच्चों का समय खाली बैठकर बीतता है, वहीं विकासखंड चकिया के परिषदीय विद्यालयों ने इस बार एक नई दिशा दी — ‘समर कैंप’ के ज़रिए जीवन निर्माण का उत्सव।
21 मई से 10 जून तक आयोजित इस तीन सप्ताहीय समर कैंप का समापन मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी रामटहल की उपस्थिति में हुआ।
यह कोई सामान्य शिविर नहीं था। यह बच्चों की कल्पना, कौशल और संस्कृति को जोड़ने वाला मंच था, जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि खेल, विज्ञान, संगीत, और अभिनय के जरिए आत्मा को भी शिक्षित किया गया।

???? नई शिक्षा नीति 2020 की आत्मा को जमीन पर उतारता शिविर
खंड शिक्षा अधिकारी रामटहल जी ने विभिन्न विद्यालयों – कंपोजिट विद्यालय भीषमपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोदोचक, कंपोजिट विद्यालय धरदे, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोता का निरीक्षण किया और बच्चों की प्रस्तुतियों, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और अभिभावकों की भागीदारी को सराहा।
“नई शिक्षा नीति का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व का निर्माण करना है। इस समर कैंप ने उसी उद्देश्य को साकार किया।”
– रामटहल, खंड शिक्षा अधिकारी
????♂️ पहला सप्ताह: शरीर, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की नींव
???? योग और फिटनेस से हर सुबह की शुरुआत
???? हमारी संस्कृति और विरासत पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता
???? राष्ट्र निर्माण में मेरा योगदान — बच्चों ने कविता, भाषण और समूह गान के जरिए देशप्रेम का जज़्बा दिखाया
???? डिजिटल कौशल और स्मार्ट क्लास — बच्चों ने टैबलेट और प्रोजेक्टर के जरिए तकनीक की दुनिया में कदम रखा
???? दूसरा सप्ताह: पर्यावरण, विज्ञान और रचनात्मकता का संगम
???? पर्यावरण संरक्षण पर रैली और दीवार लेखन
???? बागवानी — बच्चों ने स्कूल परिसर में खुद गड्ढा खोदा, पौधे लगाए
???? विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति — मॉडल प्रदर्शनी, क्विज प्रतियोगिता
???? रचनात्मक लेखन और चित्रकला — कक्षा की दीवारों को बच्चों की कल्पना ने रंगीन बना दिया
???? तीसरा सप्ताह: एकता, ऊर्जा और रंगमंच की बुनियाद
???? राष्ट्रीय एकता पर नुक्कड़ नाटक और झांकी
???? जल और ऊर्जा संरक्षण पर प्रेजेंटेशन व कार्यशाला
???? संगीत, रंगमंच और नाटक — बच्चों ने ‘झांसी की रानी’, ‘स्वामी विवेकानंद’, और ‘बेटी बचाओ’ विषयों पर प्रस्तुतियां दीं
???? लोकनृत्य और भजन संध्या ने शिविर को एक समर्पणमयी समापन की ओर मोड़ा


???? जब शिक्षक बना साथी: अजय गुप्ता ने बच्चों संग खेला क्रिकेट
चकिया शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भीषमपुर कंपोजिट विद्यालय पर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर यह संदेश दिया कि
“शिक्षक सिर्फ पढ़ाता नहीं, वह बच्चों का मित्र भी होता है।”
उनकी इस सहभागिता से बच्चों में उत्साह दोगुना हो गया और माहौल में उमंग की बयार बहने लगी।

???? अभिभावकों की जुबानी: “अब हमें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं…”
???? “हम तो समझते थे स्कूल सिर्फ पढ़ाई का ही नाम है, लेकिन अब हमें समझ आया कि बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण भी यही होता है।” – सुनीता देवी, अभिभावक
???? “मेरे बेटे ने अब मुझे मोबाइल पर PPT बनाकर दिखाई। ये बदलाव अद्भुत है!” – प्रेम शंकर, ग्रामीण निवासी
✨ इनकी उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा:
???? बाबूलाल अनिल यादव – प्रधानाध्यापक
???? अजीत पटेल, संदीप मौर्य, रिजवान अली, कवींद्र गौतम – एआरपी
???? राणा, किरण कुमारी, रामाज्ञा, वंदना खरवार – समर्पित अनुदेशक
???? शिक्षामित्र विजय विश्वकर्मा, जामवंत मौर्य – अभिन्न सहयोगी
???? “समर कैंप ने हमारे बच्चों को किताबों के बाहर की दुनिया से जोड़ा…”
— वंदना खरवार, शिक्षिका
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???? खबरी न्यूज़ की विशेष टिप्पणी:
समर कैंप केवल एक आयोजन नहीं था, यह एक आंदोलन था—ज्ञान, खेल, कला, संस्कृति और प्रकृति के संगम का।
चकिया जैसे ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे शिविरों का आयोजन शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की मिसाल है।
???? Khabari News इस बात का संकल्प लेता है कि—
“जहां बच्चों का उत्साह है, वहां हमारा कैमरा और कलम सबसे पहले पहुंचेगा…”
✍️ रिपोर्ट: Khabari News टीम, चकिया
????️ प्रस्तुति: एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)




















