खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली।
जहां एक ओर देश निपुण भारत मिशन 2020 के जरिए शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं जनपद चंदौली ने इस मिशन को सिर्फ योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। इसका जीवंत उदाहरण बना “निपुण सम्मान समारोह एवं हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम”, जो एक साधारण आयोजन नहीं बल्कि शिक्षा, समर्पण और भविष्य निर्माण का एक भव्य उत्सव बन गया।
शिक्षा का महाकुंभ: जब मंच पर दिखा समर्पण का संगम
कार्यक्रम का माहौल शुरू से ही ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा हुआ था। मंच पर जब मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और शिक्षा विभाग के अधिकारी एक साथ उपस्थित हुए, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो चंदौली की पूरी शिक्षा व्यवस्था एक मंच पर आ खड़ी हुई हो।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डायट प्राचार्य श्री विकायल भारती और विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीपीओ चंदौली की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और ऊंचाई दी।
दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई—एक ऐसा क्षण जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि संस्कारों की भी आधारशिला है।
निपुण भारत मिशन: सिर्फ योजना नहीं, बदलाव की क्रांति
कार्यक्रम में एसआरजी श्री जय प्रकाश यादव ने जिस तरह निपुण भारत मिशन की गहराई को समझाया, वह हर शिक्षक और शिक्षा से जुड़े व्यक्ति के लिए एक आईना था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से लेकर अब तक प्राथमिक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा में जो परिवर्तन हुए हैं, वह अभूतपूर्व हैं।
- School Readiness Phase-1 और Phase-2 की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा
- बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर फोकस
- शिक्षकों की भूमिका को “Nation Builder” के रूप में परिभाषित करना
उनके शब्दों में एक स्पष्ट संदेश था—
👉 “निपुण बनाना सिर्फ लक्ष्य नहीं, यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है।”

जब मेहनत को मिला सम्मान: भावुक कर देने वाला पल
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था, जब निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, नोडल शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजर्स को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र के साथ जब उनके चेहरे पर गर्व और संतोष की चमक दिखी, तो यह साफ था कि—
👉 “मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”
विशेष रूप से तीन एसआरजी—
- श्री जय प्रकाश यादव
- श्री सुभाष सिंह यादव
- श्रीमती अनिता कुमारी
को उनके विद्यालयों के निपुण बनने पर सम्मानित किया गया। यह सिर्फ सम्मान नहीं था, बल्कि पूरे जिले के लिए एक प्रेरणा थी।
“हमारा आंगन हमारे बच्चे”: जमीनी स्तर पर बदलाव की कहानी
इस कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू था “हमारा आंगन हमारे बच्चे” पहल, जिसने आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया।
इस पहल का उद्देश्य साफ है:
- बच्चों को शुरुआती स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच समन्वय
- हर बच्चे को स्कूल रेडी बनाना
सीडीपीओ चंदौली ने इस पहल को “भविष्य की नींव” बताते हुए कहा—
👉 “अगर आंगन मजबूत होगा, तो शिक्षा की इमारत खुद मजबूत हो जाएगी।”
🎤 मंच से उठी आवाज: “हर बच्चा बने निपुण”
मुख्य अतिथि डायट प्राचार्य श्री विकायल भारती ने अपने संबोधन में शिक्षकों को न सिर्फ प्रेरित किया, बल्कि एक स्पष्ट दिशा भी दी।
उन्होंने कहा—
👉 “शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, वे भविष्य गढ़ते हैं। हर बच्चे को निपुण बनाना हमारा कर्तव्य ही नहीं, हमारी पहचान होनी चाहिए।”
उनकी यह बात पूरे हॉल में गूंज उठी और हर शिक्षक के मन में एक नई ऊर्जा भर गई।
टीमवर्क का कमाल: जब पूरा सिस्टम एक दिशा में चला
इस कार्यक्रम की सफलता यह साबित करती है कि जब—
- शिक्षा विभाग
- आंगनबाड़ी
- शिक्षक
- प्रशासन
एक साथ एक लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो परिणाम असाधारण होते हैं।
एसआरजी श्री सुभाष सिंह यादव द्वारा किया गया संचालन कार्यक्रम की गरिमा और अनुशासन का प्रतीक था। हर चरण में उनकी भूमिका ने कार्यक्रम को एक प्रोफेशनल टच दिया।
चंदौली बना मॉडल जिला?
आज चंदौली जिस तरह से निपुण भारत मिशन को लागू कर रहा है, वह अन्य जिलों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि एक संदेश है—
👉 “अगर इरादे मजबूत हों, तो सरकारी योजनाएं भी जनआंदोलन बन सकती हैं।”

खबरी न्यूज का नजरिया:
Khabari News की टीम इस आयोजन को सिर्फ एक खबर नहीं मानती, बल्कि इसे एक “Education Revolution Moment” के रूप में देखती है।
आज जब देश शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की कोशिश कर रहा है, तब चंदौली जैसे जिले यह साबित कर रहे हैं कि—
👉 “बदलाव ऊपर से नहीं, जमीनी स्तर से आता है।”
यह कार्यक्रम एक सवाल भी छोड़ जाता है—
👉 क्या हर जिला चंदौली की तरह निपुण बनने का संकल्प लेगा?
अगर हां, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत का हर बच्चा न सिर्फ पढ़ा-लिखा होगा, बल्कि सच्चे मायनों में “निपुण” होगा।
📢 Khabari News Appeal:
हर शिक्षक, हर अभिभावक और हर जिम्मेदार नागरिक से अपील है—
👉 बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि यही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
✍️ रिपोर्ट: Khabari News Desk
🖋️ Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Advocate)







