© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail
Home » Uncategorized » बारिस का कहर – प्रशासन ने थामा किसानों का हाथ”DM से लेकर तहसीलदार तक फील्ड में

बारिस का कहर – प्रशासन ने थामा किसानों का हाथ”DM से लेकर तहसीलदार तक फील्ड में

चकिया से विशेष रिपोर्ट — बेमौसम बरसात की मार, खेतों में पानी और किसानों के दिल में उम्मीद की एक नई लहर!

खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चंदौली।

SRVS Sikanderpur

Advocate K.C.Srivastava Editor in chief Khabari News

बारिश की बूँदें जहाँ राहत लाती हैं, वहीं इस बार वे बूँदें बन गईं किसानों के लिए आफ़त की धार।
चकिया तहसील के गरला, पीतपुर, मवईया, उतरौत, बडौरा, कुर्थिया, भुडकुड़ा… सब जगह एक ही मंज़र — खेतों में खड़ी फसलें अब पानी में डूबी हुईं, और किसानों की आँखों में चिंता की परछाईं।

लेकिन इस उदासी के बीच एक राहत की सुबह लेकर पहुँचे जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और तहसीलदार देवेंद्र सिंह यादव।
रविवार का दिन… जब बाकी प्रशासनिक दफ्तरों में छुट्टी होती है, उस दिन भी चकिया का प्रशासन खेतों में था, कीचड़ में था, और किसानों के बीच था।

???? फसलों के बीच उतरकर ज़मीनी हकीकत देखी

तहसीलदार देवेंद्र सिंह यादव ने खुद जूते उतारे, पैंट मोड़ी और फसलों के बीच उतरकर हाल जाना।
मवईया और बडौरा में किसानों के साथ उन्होंने जो बातचीत की, वो सिर्फ एक औपचारिक वार्ता नहीं थी — वो थी “दिल से संवाद”।

Dalimss Sunbeam Chakia

एक बुजुर्ग किसान ने कहा —

“बाबू जी, इस बार गेहूं तो काटे के पहले ही डूब गइल, अब का करीं?”

इस पर तहसीलदार यादव ने सीधा जवाब दिया —

Silver Bells Chakia

“आपका नुकसान सरकार तक पहुंचेगा। कोई किसान अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, उनकी तुरंत फीडिंग कराई जा रही है।”

???? ‘फार्मर रजिस्ट्री मिशन मोड’ पर

तहसील प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए —

  • जिन किसानों का फार्मर रजिस्ट्री नंबर नहीं है, उनकी तत्काल रजिस्ट्री की जाए।
  • आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और फसल की जानकारी ऑनलाइन फीड की जाए।
  • लेखपालों को गांव-गांव जाकर डेटा वेरिफिकेशन का आदेश।

यह सिर्फ एक सर्वे नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सांसों में ऑक्सीजन भरने जैसा अभियान बन गया है।

???? ₹17,000 प्रति एकड़ तक दिया जायेगा — सरकार का राहत पैकेज

प्रशासन के मुताबिक, जिन किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न या बर्बाद हुई हैं, उन्हें प्रति एकड़ सत्रह हजार रुपए तक मुआवजा दिया जाएगा।
चकिया, नौगढ़ और आसपास के इलाकों में लेखपालों की टीमें फील्ड में लगातार काम कर रही हैं।

तहसीलदार यादव ने कहा —

“यह सर्वे केवल फाइलों के लिए नहीं है, यह किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाने के लिए है।”

???? Khabari News ग्राउंड टीम रिपोर्टिंग मोड में

खबरी न्यूज़ की टीम ने जब गरला और उतरौत के खेतों में कैमरा लेकर दौरा किया, तो दृश्य भावनाओं को झकझोर देने वाला था।
किसानों की मेहनत पानी में तैर रही थी। धान की बालियाँ झुककर मानो पूछ रही थीं — “कब लौटेगी हमारी हरियाली?”

मगर वहीं खेत के किनारे खड़े किसान राजकुमार यादव की आँखों में हल्की सी चमक थी —

“सरकार का अफसर खुद जब खेत में उतर आया, त हमनी के हिम्मत लौट आई।”

????️ ‘डूबे खेतों में उम्मीद की लहर’ – जिलाधिकारी की पहल

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने खुद शनिवार को कई गाँवो का निरीक्षण किया।
उनके चेहरे पर चिंता थी लेकिन शब्दों में दृढ़ता —

“किसानों को एक-एक रुपये का हक दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। रिपोर्ट तेजी से शासन को भेजी जा रही है।”

उन्होंने जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करते हुए सिंचाई विभाग को तत्काल निकासी उपायों के निर्देश दिए।
यह पहली बार है जब प्रशासन ने रविवार को भी फील्ड दौरा कर राहत मिशन की कमान खुद संभाली।

किसानों की आवाज़ — खेतों से उठती पुकार

पीतपुर के युवा किसान सूरज ने कहा —

“पिछले साल भी बारिश से नुकसान हुआ, पर इस बार प्रशासन की तत्परता अलग है। तहसीलदार जी खुद खेत में आये, सर्वे कराया। अब भरोसा है कि मुआवजा समय से मिलेगा।”

मवईया गांव की महिला किसान सावित्री देवी ने भी कहा —

“हम सोचले रहीं कि फिर से सब बेकार हो गइल, लेकिन जब सरकारी अफसर खुद आये तो आस लौट आई।”

???? ग्राउंड रियलिटी : हर खेत की अपनी कहानी

???? गरला – पानी में डूबी फसलें
???? मवईया – धान की फसल पूरी तरह जलमग्न
???? भुडकुड़ा – बाढ़ जैसे हालात में भी किसान खेत में डटे
???? उतरौत – पशुओं के चारे की भारी किल्लत
???? कुर्थिया – किसानों ने फसल बीमा के लिए अपील की

हर गांव का मंजर अलग था, पर दर्द एक ही था — मेहनत का डूब जाना।

???? Khabari News की आवाज़ — ‘किसान नहीं झुकेगा’

हमारी टीम का मानना है कि जब तक अंतिम किसान के चेहरे पर मुस्कान नहीं लौटती, तब तक राहत मिशन अधूरा है।
Editor-in-Chief K.C. Shrivastava (Adv.) ने कहा —

“ जनपद व चकिया का प्रशासन जमीन पर उतरकर जो उदाहरण पेश कर रहा है, वह उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए। यह सिर्फ सर्वे नहीं, किसानों के हक की पुकार है।”

भावनाओं से भरी वो मिट्टी… जो हार मानने को तैयार नहीं

चकिया की वो मिट्टी, जो आज भीग चुकी है, वही मिट्टी कल फिर हरियाली उगाएगी।
किसान की आंखों में जो नमी है, वो दुख की नहीं, बल्कि उम्मीद की है।
क्योंकि अब प्रशासन ने हाथ थामा है, और “कंधे से कंधा मिलाकर” किसानों के साथ खड़ा है।

???? Khabari News की अपील

➡️ जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, वे अपने लेखपाल या तहसील कार्यालय से संपर्क करें।
➡️ फार्मर रजिस्ट्री अपडेट करवाएं और आधार कार्ड व बैंक विवरण उपलब्ध कराएं।
➡️ किसी भी प्रकार की लापरवाही की सूचना तुरंत जिला प्रशासन या Khabari News हेल्पलाइन पेज 9935932017 को दें।

???? #KhabariImpact | #FarmersFirst | #RavivarKoBhiFieldMeinDM | #ChakiaUpdates | #JalbharaKhetUmeedBachhiHai

Share this post:

Facebook
X
Telegram
Email
WhatsApp

Leave a Comment

लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो

लेटेस्ट न्यूज़ चंदौली

लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज

Advertisement Box

Follow Our Facebook Page

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल

© 2026 Khabari News – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

error: Content is protected !!