“मत्स्य पालन -लाखों का राजस्व, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई लहर
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया, चन्दौली | विकास की राह पर तेजी से बढ़ते चकिया तहसील में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 गाँवों की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह नीलामी सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई उम्मीद, नए रोजगार और आत्मनिर्भरता की एक मजबूत शुरुआत साबित हुई।
तहसील परिसर बना “आर्थिक रणभूमि” — बोली में दिखा जबरदस्त उत्साह
तहसीलदार देवेन्द्र और नायब तहसीलदार आशुतोष की मौजूदगी में हुई इस नीलामी में स्थानीय लोगों का उत्साह देखने लायक था। हर बोली के साथ बढ़ता उत्साह यह बता रहा था कि अब ग्रामीण युवा खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

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“मत्स्य पालन – इन विजेताओं ने मारी बाज़ी — मेहनत और हिम्मत की जीत
नीलामी में सबसे ऊँची बोली लगाने वालों को मत्स्य पालन का अधिकार मिला। प्रमुख विजेताओं में शामिल रहे—
- मझगांव — सुमीत गिरी
- शिवपुर उर्फ लालपुर — रामलाल
- माल्दह — संगम प्रताप चौबे
- वखानी — अनमोल साहनी
- भीषमपुर — सुजीत साहनी
- इसहुल — मूरत
- रामपुर चमरही — सुरेन्द्र प्रताप
- हडौरा — अजीत कुमार
- भैसही — राहुल कुमार
👉 सबसे बड़ी नीलामी भैसही गाँव की रही, जहां ₹7,55,000 की रिकॉर्ड बोली लगी — जिसने पूरे कार्यक्रम को हाईलाइट बना दिया।
“मत्स्य पालन –सरकार को मोटा राजस्व — विकास की नई नींव
इस नीलामी से कुल ₹27,33,500 का राजस्व प्राप्त हुआ, जो सीधे तौर पर सरकारी खजाने में जाएगा। लगभग 20 बीघा क्षेत्रफल में फैले इन तालाबों और जलाशयों का उपयोग अब योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा।

“मत्स्य पालन “जल से रोजगार” — ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
मत्स्य पालन अब सिर्फ एक पारंपरिक काम नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से उभरता हुआ रोजगार मॉडल बन रहा है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
तहसीलदार देवेन्द्र ने Khabari News से खास बातचीत में बताया—

“यह नीलामी सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें हर गांव को आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में इससे ग्रामीणों की आय में बड़ा इजाफा होगा।”
“मत्स्य पालन -अभी बाकी है बड़ी नीलामी — 5 मई को फिर लगेगा “बोली का मेला”
जानकारी के अनुसार, अभी 14 गाँवों की नीलामी शेष है, जो 5 मई को आयोजित की जाएगी। जिन गांवों में नीलामी होनी है, उनमें शामिल हैं—
उन्नीनीवी (2), घोडसारी (2), कमतीकलां, सोता, गोविन्दीपुर, भटरौल, मैनपुर, चिलरहा, इलिया, नौडिहा, उतरौत और वेन।
👉 इससे साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्व और रोजगार—दोनों में और बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
“मत्स्य पालन -प्रशासन और विभाग की सक्रिय भूमिका
इस पूरी प्रक्रिया में मत्स्य विभाग के इंस्पेक्टर और राजस्व विभाग के लेखपाल — चन्दन, अरविन्द, आकाश मौर्य और अमरेश यादव की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने पारदर्शिता के साथ नीलामी को सफल बनाया।
“मत्स्य पालन –Khabari Impact
यह नीलामी सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की बदलती तस्वीर है—जहां अब युवा परंपरा से आगे बढ़कर नई सोच और नए अवसरों को अपना रहे हैं।
👉 चकिया की यह पहल पूरे चन्दौली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकती है।
📢 (Khabari News National Network | Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava)
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