पर्यावरण बचाने की सबसे बड़ी मुहिम, मंत्री बोले— “सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी हमारी जिम्मेदारी”
के सी श्रीवास्तव एड ‚ विनय राय
खबरी न्यूज चकिया‚ चंदौली | चंदौली की धरती को हराभरा बनाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण देने की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। चकिया तहसील के जलेबिया मोड़ पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय विभाग के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने किया। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस भव्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी ने इसे जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत उस समय बेहद भावुक और प्रेरणादायक हो गई, जब कंपोजिट विद्यालय चकिया के नन्हे विद्यार्थियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री अनिल राजभर का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने चकिया विधायक कैलाश आचार्य, पीडीडीयू नगर विधायक रमेश जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन चकिया, भाजपा जिलाध्यक्ष काशी नाथ सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र मोहर गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर‚बृक्ष बंधु डाँ परशुराम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

चंदौली के चकिया से उठी हरियाली की सबसे बड़ी मुहिम!
चकिया के जलेबिया मोड़ से प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मंत्री ने कहा—
“एक पेड़ माँ के नाम लगाइए, लेकिन उससे भी जरूरी है उसकी देखभाल कीजिए।”
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्षों से कार्य कर रहे वृक्ष बंधु डॉ. परशुराम सिंह ने कहा—

“वृक्ष केवल पौधे नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यदि आज हर नागरिक एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले ले, तो जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से काफी हद तक मुकाबला किया जा सकता है। पौधरोपण तभी सफल होगा जब हर पौधा एक परिवार की जिम्मेदारी बने।”

अपने संबोधन में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि
“वृक्ष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है तो आज से ही हर व्यक्ति को वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेना होगा।”
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने पीपल, पाकड़ और बरगद के तीन पौधे एक साथ रोपकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने उपस्थित लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़े और अपने घर, खेत, विद्यालय, तालाब या सार्वजनिक स्थान पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल भी करे।

मंत्री ने कहा कि वृक्ष हमें केवल ऑक्सीजन और शीतल छाया ही नहीं देते, बल्कि अनेक प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियों का भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि चंदौली जनपद में इस वर्ष कुल 70,24,210 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 46,00,010 पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे, जबकि 24,24,200 पौधों का रोपण अन्य विभागों के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को भी एक-एक पौधा भेंट कर इस जनभागीदारी अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि-
यदि जीवन को स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है तो वृक्षारोपण को जन-जन का अभियान बनाना होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारी सबसे बड़ी प्राकृतिक पूंजी हैं और इनके बिना मानव जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है।
विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि-
“विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस समाज में अधिक वृक्ष होंगे, वहां जीवन भी अधिक सुरक्षित और समृद्ध होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत मिल सके।”
वहीं जिलाधिकारी चन्द्र मोहर गर्ग ने कहा कि-
जनपद को मिले 70,24,210 पौधरोपण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाएगा। वन विभाग के नेतृत्व में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि प्रत्येक नागरिक इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे, ताकि चंदौली प्रदेश के सबसे हरित जिलों में अपनी पहचान बना सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और पौधों की नियमित देखभाल करने का वादा किया। पूरे आयोजन के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की यह शुरुआत केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें, तो आने वाले वर्षों में चंदौली हरियाली की नई पहचान बन सकता है। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार भी तैयार करेगा।





















