खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली |

चकिया विकासखंड के रामपुर कला गांव में स्थित लगभग 300 वर्ष पुराने प्राचीन हनुमान मंदिर की किस्मत अब बदलने जा रही है। सदियों से आस्था का केंद्र रहे इस पावन धाम को अब 114 लाख रुपये की बड़ी सौगात मिली है। यह सिर्फ बजट नहीं, बल्कि उस विश्वास का सम्मान है जो वर्षों से यहां आने वाले हर श्रद्धालु के दिल में बसता है।
मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि “Religious Tourism Hub” के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।
आस्था + विकास = नया इतिहास
गांव के साधारण रास्तों से होकर जब भक्त इस मंदिर तक पहुंचते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि इतिहास की सांसें महसूस होती हैं। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान सिंह एवं लोकनाथ के पूर्वजों द्वारा कराया गया था—यानी यह सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि पीढ़ियों की श्रद्धा का प्रतीक है।
मंदिर परिसर में बने दो गर्भगृह इसकी विशेषता को और बढ़ाते हैं—
- एक में जाग्रत वीर हनुमान जी विराजमान
- दूसरे में साक्षात भगवान शिव का वास
यह दुर्लभ संगम इसे और भी चमत्कारी बनाता है।

https://khabarinews.com/once-the-sp-held-sway-today-a-bulldozer-rolled-over-that-very-office/
114 लाख से बदलेगी तस्वीर
ग्राम प्रधान डॉ. केशव मूर्ति सिंह पटेल और क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य की पहल ने इस मंदिर को नई दिशा दे दी। लखनऊ में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से हुई मुलाकात के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया।

114 लाख रुपये की धनराशि से होगा:
- मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण
- बेहतर रास्ते और लाइटिंग
- श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं
- बैठने, जल और स्वच्छता की व्यवस्था
- पर्यटन स्थल के रूप में ब्रांडिंग
👉 साफ है—अब रामपुर कला सिर्फ एक गांव नहीं रहेगा, बल्कि धार्मिक मानचित्र पर उभरता हुआ केंद्र बनेगा।
हनुमान मंदिर-जहां आज भी “जीवित” है आस्था
इस मंदिर की सबसे बड़ी ताकत इसकी जीवंत परंपरा है। यहां हर दिन सिर्फ पूजा नहीं होती, बल्कि भावनाओं का उत्सव मनाया जाता है।
- हर मंगलवार को गूंजता है हरि कीर्तन
- प्रतिदिन रात 9 बजे भव्य आरती, घंट-घड़ियाल की गूंज के साथ
- आरती के बाद प्रसाद वितरण
- हर महीने के पहले मंगलवार को विशाल भंडारा
जब आरती के समय पूरा परिसर “जय श्री राम” और “बजरंग बली की जय” से गूंजता है, तो लगता है जैसे समय ठहर गया हो और भक्ति अपने चरम पर हो।
हनुमान मंदिर-मनोकामना पूरी होने का अटूट विश्वास
स्थानीय लोगों की आस्था इस मंदिर को खास बनाती है। यहां एक मान्यता गहराई से जुड़ी है—
👉 “जो सच्चे मन से यहां आता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है।”
खास तौर पर पुत्र प्राप्ति की कामना लेकर दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। कई परिवारों की कहानियां इस बात की गवाही देती हैं कि यहां की गई प्रार्थनाएं खाली नहीं जातीं।
हनुमान मंदिर-2021 में हुआ था जीर्णोद्धार, अब होगा भव्य विस्तार
गांव के लोगों ने वर्ष 2021 में मिलकर इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। लेकिन अब जो होने जा रहा है, वह उससे कहीं बड़ा है
👉 यह स्थानीय प्रयास से सरकारी स्तर तक पहुंची आस्था की जीत है।
खबरी न्यूज का नजरिया
यह सिर्फ एक हनुमान मंदिर के विकास की खबर नहीं है—
यह उस बदलाव की शुरुआत है जहां गांव की आस्था, सरकार की योजना और जनभावना मिलकर इतिहास रचती है।
अगर योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले समय में रामपुर कला न सिर्फ चंदौली, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर चमक सकता है।
✍️ Editor’s Note (Khabari Impact):
“जब आस्था को विकास का साथ मिलता है, तो सिर्फ मंदिर नहीं बदलता—पूरे क्षेत्र की किस्मत बदल जाती है।”
— एडिटर इन चीफ, के०सी० श्रीवास्तव (Advocate)




















