Khabari Sarkari Yojana: Kharif 2026 । उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। खरीफ 2026 बीज बुकिंग शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही कृषि विभाग ने विभिन्न योजनाओं के तहत बीज वितरण प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। इस बार किसानों को न केवल उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उन्हें फ्री मिनीकिट और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
कृषि विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है, ताकि समय पर बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन को बढ़ाया जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

महत्वपूर्ण तिथियां
इस योजना के तहत खरीफ 2026 बीज बुकिंग शुरू 22 अप्रैल 2026 से हो चुकी है, जबकि इसकी अंतिम तिथि 10 मई 2026 निर्धारित की गई है। यानी किसानों के पास सीमित समय है, इसलिए उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द बुकिंग कर लें, ताकि योजना का लाभ उठा सकें।
Kharif 2026: ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य
इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सभी प्रकार के बीज केवल ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही दिए जाएंगे। बिना ऑनलाइन पंजीकरण के किसी भी किसान को बीज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। बुकिंग के लिए कृषि विभाग के दो पोर्टल सक्रिय हैं:
- agriculture.up.gov.in (दर्शन-1) – वर्तमान में बीज बुकिंग इसी पोर्टल से की जाएगी
- agridarshan.up.gov.in (दर्शन-2) – यह पोर्टल अन्य कृषि सेवाओं के लिए उपयोगी है
खरीफ 2026 के लिए बीज बुकिंग केवल दर्शन-1 पोर्टल पर ही मान्य होगी।
Kharif 2026: ई-लॉटरी से होगा चयन
कृषि विभाग ने इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू की है। यानी बुकिंग करने वाले किसानों में से लाभार्थियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और हर किसान को समान अवसर मिलेगा।

उपलब्ध बीज और अनुदान
इस योजना के तहत किसानों को तीन प्रकार के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे:
- सामान्य बीज – 50% अनुदान पर
- संकर (हाइब्रिड) बीज – विशेष सब्सिडी के साथ
- मिनीकिट बीज – 100% अनुदान (पूरी तरह निशुल्क)
खरीफ सीजन के लिए प्रमुख फसलों के बीज उपलब्ध हैं, जिनमें धान (सामान्य और बासमती), मक्का, बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द, अरहर, तिल, मूंगफली, रागी, सावा और कोदो शामिल हैं। इन बीजों का उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाली फसल के लिए प्रोत्साहित करना है।

अधिकतम सीमा तय
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार के बीजों को मिलाकर अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक ही अनुदान दिया जाएगा। यानी किसान अपनी भूमि के अनुसार ही बीज का चयन करें, ताकि उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उन्नत बीजों का उपयोग करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होता है। इसलिए किसान प्रमाणित बीजों का ही चयन करें और अंतिम तिथि का इंतजार न करें।
कुल मिलाकर, खरीफ 2026 बीज बुकिंग शुरू होने से किसानों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। फ्री मिनीकिट, सब्सिडी और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ यह योजना कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। समय रहते बुकिंग कर किसान इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।


















