खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चंदौली।
“सोमनाथ केवल मंदिर नहीं… भारत की आत्मा है!”
चकिया विधायक कैलास खरवार का यह संवाद जैसे ही जागेश्वर धाम के प्रांगण में गूंजा, पूरा माहौल शिवमय हो उठा। घंटों की आवाज, शंखनाद, “हर-हर महादेव” के जयघोष और श्रद्धालुओं की भीड़ ने सोमवार को चन्दौली के जागेश्वर धाम को एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था… बल्कि यह भारत की संस्कृति, स्वाभिमान, संघर्ष और पुनर्जागरण की कहानी का जीवंत दृश्य बन गया।
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भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। चकिया विधायक कैलास खरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, खंड विकास अधिकारी विकास सिंह, पर्यटन अधिकारी नितिन द्विवेदी समेत कई अधिकारियों ने शिवलिंग पर जल चढ़ाकर जनपद की खुशहाली की कामना की।
लेकिन असली रोमांच तब दिखा जब मंच से “सोमनाथ” की गौरवगाथा सुनाई गई।
लोग सिर्फ सुन नहीं रहे थे… महसूस कर रहे थे!

जिस मंदिर को बार-बार तोड़ा गया… वह हर बार और भव्य होकर खड़ा हुआ!”
सोमनाथ मंदिर की यही कहानी आज भारत के स्वाभिमान की पहचान बन चुकी है।
गुजरात के प्रभास पाटन स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ का इतिहास जब मंच से बताया गया तो युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरे गर्व से चमक उठे।
विधायक कैलास खरवार ने कहा —
“सोमनाथ भारत की उस शक्ति का प्रतीक है जिसे कोई ताकत मिटा नहीं सकती। यह हमारी संस्कृति की अमर चेतना है।”

उनके संबोधन पर जमकर तालियां बजीं।
जब LIVE चला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन…
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण।
जैसे ही स्क्रीन पर पीएम मोदी दिखाई दिए, पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे।
युवाओं ने सोशल मीडिया पर लाइव क्लिप्स डालनी शुरू कर दीं।
कुछ बुजुर्ग श्रद्धालुओं की आंखों में भावुक चमक साफ दिखाई दे रही थी।
“सोमनाथ की शाम… जिंदगी भर नहीं भूलेंगे”
कार्यक्रम में शामिल सोमनाथ यात्रा से लौटे तीर्थयात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि समुद्र किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर की शाम की आरती, प्रकाश एवं ध्वनि शो और लहरों के बीच गूंजती घंटियों की आवाज किसी दिव्य दुनिया का एहसास कराती है।
एक तीर्थयात्री ने कहा —
“ऐसा लगा जैसे इतिहास सामने खड़ा होकर भारत की महानता सुना रहा हो…”
यह सुनकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
चकिया के जागेश्वरनाथ में क्यों खास बना यह आयोजन?
क्योंकि यह सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहा।
यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास बन गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने कहा —
“सनातन संस्कृति केवल परंपरा नहीं… यह भारत की आत्मा है। युवाओं को इसे जानना और समझना जरूरी है।”
यही वजह रही कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और ग्रामीण भी पहुंचे।
सोशल मीडिया पर भी छाया “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व”
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।
“हर-हर महादेव”, “जय सोमनाथ”, “सनातन स्वाभिमान” जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड करते नजर आए।
कई लोगों ने लिखा —
“चन्दौली अब सिर्फ खबरों में नहीं… संस्कृति और सनातन चेतना में भी आगे बढ़ रहा है।”
आखिर में बस इतना…
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने यह साबित कर दिया कि
भारत की संस्कृति सिर्फ किताबों में नहीं बसती…
वह लोगों की आस्था, भावनाओं और जयघोष में जिंदा रहती है।
और जब जागेश्वर धाम में “हर-हर महादेव” गूंजा…
तो ऐसा लगा जैसे पूरा चन्दौली एक साथ कह रहा हो —
✍️ एडिटर इन चीफ के.सी. श्रीवास्तव एडवोकेट की कलम से…
आज जब जागेश्वर धाम में “हर-हर महादेव” का उद्घोष गूंज रहा था, तब यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था… बल्कि भारत की आत्मा, आस्था और स्वाभिमान का जीवंत दृश्य था।
“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” ने यह साबित कर दिया कि सनातन संस्कृति को मिटाने की कोशिशें इतिहास में कई बार हुईं, लेकिन हर बार भारत और अधिक ताकत के साथ खड़ा हुआ।
जागेश्वर धाम में उमड़ी भीड़, युवाओं का उत्साह, महिलाओं की आस्था और बुजुर्गों की आंखों में दिखता गर्व… यह बताने के लिए काफी था कि सनातन आज भी भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं… वह संघर्ष के बाद पुनर्जन्म लेने वाली भारतीय चेतना का प्रतीक है।
और शायद यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन चला, तो लोगों के चेहरे पर सिर्फ राजनीति नहीं… बल्कि संस्कृति और राष्ट्र गौरव का भाव दिखाई दिया।
आज जरूरत इस बात की है कि नई पीढ़ी को केवल इतिहास पढ़ाया न जाए… बल्कि उसे महसूस भी कराया जाए।
जागेश्वर धाम का यह आयोजन उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जाएगा।
🚩 सनातन की जड़ें जितनी गहरी हैं… भारत उतना ही अडिग है…!
— के.सी. श्रीवास्तव एडवोकेट
🚩 “सनातन था… सनातन है… और सनातन रहेगा!” 🚩



















