EXCLUSIVE KHABARI NEWS चकिया‚चन्दौली।

जब CRPF में गूंजी शपथ… तो कई आंखें नम हो गईं”
चकिया‚चंदौली। सुबह की हल्की धूप…
परेड ग्राउंड पर बूटों की एकसाथ पड़ती आवाज…
और हवा में तैरता वो जुनून, जिसे सिर्फ “देशसेवा” कहा जाता है।
चंदौली ग्रुप सेंटर चकिया में सोमवार का दिन इतिहास बन गया।
569 नव आरक्षियों की Passing Out Parade सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रही… बल्कि वह भावनाओं, संघर्ष, अनुशासन और देशभक्ति का ऐसा विस्फोट बन गई जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को झकझोर दिया।

जैसे ही कमांड की आवाज गूंजी—
“सावधान…!”
पूरा मैदान थर्रा उठा।
569 जवानों के कदम एक साथ आगे बढ़े तो ऐसा लगा मानो धरती खुद उनके जज्बे को सलाम कर रही हो।
“कई रातें भूखे पेट… कई सुबह बिना नींद के”
इन जवानों की मुस्कान के पीछे महीनों का संघर्ष छिपा था।
किसी ने गांव की गरीबी से लड़कर यहां तक का सफर तय किया…
तो किसी ने परिवार की उम्मीदों को सीने में रखकर कठिन ट्रेनिंग झेली।
कड़क धूप…
बारिश…
थकान…
चोट…
लेकिन इन 569 चेहरों ने हार नहीं मानी।

आज वही नौजवान वर्दी में जब सीना तानकर खड़े थे, तो उनके माता-पिता की आंखों में सिर्फ आंसू नहीं… बल्कि गर्व का समंदर था।

“पुलिस की नौकरी नहीं… जनता की जिंदगी की जिम्मेदारी” – आई जी अनिल कुमार
मुख्य अतिथि ने जब मंच से कहा—

“पुलिस सेवा नौकरी नहीं, समाज के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी है…”
तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।
उनके शब्द सिर्फ भाषण नहीं थे…
बल्कि उन जवानों के लिए एक चेतावनी भी थे कि अब उनकी हर सांस जनता की सुरक्षा से जुड़ी होगी।
“राकेश कुमार सिंह की निगरानी में तैयार हुई नई फोर्स”
इस कठिन प्रशिक्षण को पुलिस उप महानिरीक्षक, ग्रुप केंद्र चंदौली राकेश कुमार सिंह की देखरेख में संचालित किया गया।
सूत्र बताते हैं कि ट्रेनिंग इतनी कठिन थी कि कई प्रशिक्षु शुरुआत में टूटने लगे थे…
लेकिन अनुशासन और मोटिवेशन ने उन्हें “साधारण युवक” से “आयरन जवान” बना दिया।
ड्रिल, शूटिंग, इंडोर-आउटडोर अभ्यास और मानसिक मजबूती की हर परीक्षा में इन जवानों को तपाया गया।

“जब ट्रॉफी लेने पहुंचे जवान… तो पूरा मैदान खड़ा हो गया”
समारोह का सबसे रोमांचकारी दृश्य तब देखने को मिला जब उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया।
जैसे ही उनके नाम पुकारे गए…
साथी जवानों ने तालियों से पूरा मैदान गूंजा दिया।
वह पल सिर्फ सम्मान का नहीं था…
वह उन अनगिनत संघर्षों की जीत थी जो इन जवानों ने चुपचाप झेले थे।
“देश पहले… परिवार बाद में”
Passing Out Parade खत्म हुई…
लेकिन असली ड्यूटी अब शुरू हुई है।
इन 569 जवानों में से कई अब नक्सल क्षेत्रों में जाएंगे…
कई अपराध के खिलाफ मोर्चा संभालेंगे…
तो कई जनता की सुरक्षा की पहली दीवार बनेंगे।
आज चंदौली की धरती से निकले ये जवान सिर्फ बिहार पुलिस का हिस्सा नहीं बने…
बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था की नई उम्मीद बन गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
समारोह के अंत में ग्रुप केंद्र चंदौली के कमांडेंट प्रद्युम्न कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान
- संजय कुमार, DIG CRPF रेंज चंदौली
- रमन चौधरी, DIG बिहार पुलिस
- डॉ. अब्दुल नजर, DIG (चिकित्सा)
सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
KHABARI NEWS ANALYSIS
आज की Passing Out Parade ने एक बड़ा संदेश दिया है—
“जब युवा अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को अपना धर्म बना लें…
तो देश की सुरक्षा और मजबूत हो जाती है।”
569 जवानों की यह फौज अब सिर्फ वर्दी नहीं पहनेगी…
बल्कि जनता के भरोसे की रक्षा करेगी।
“ये सिर्फ परेड नहीं थी…
ये भारत के भविष्य की सुरक्षा का शपथ समारोह था।”
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