मुगलसराय में चला बुलडोजर… फिर हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक!
इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी दखल -ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक, 25 मई तक मिली राहत
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क डीडीयू नगर, चंदौली।
मुगलसराय नगर में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अब बड़ा कानूनी ब्रेक लग गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रशासनिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए साफ निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की आगे की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। इस आदेश के बाद पूरे नगर में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है और प्रभावित व्यापारियों व भवन स्वामियों ने राहत की सांस ली है।
22 भवन स्वामी पहुंचे हाईकोर्ट, बोले — नियमों को ताक पर रखकर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आए 22 भवन स्वामियों और व्यापारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बिना पर्याप्त प्रक्रिया और स्पष्ट नियमों का पालन किए ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया।

व्यापारियों का कहना था कि वर्षों पुरानी दुकानों और भवनों को अचानक निशाने पर ले लिया गया, जिससे लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। कई व्यापारियों ने दावा किया कि उन्हें उचित समय, वैकल्पिक व्यवस्था और प्रक्रिया की पूरी जानकारी तक नहीं दी गई।
हाईकोर्ट ने मांगा पूरा रिकॉर्ड, अधिकारियों से जवाब तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ध्वस्तीकरण कार्रवाई से जुड़े सभी आदेश, नोटिस, नक्शे, निर्देश और अभिलेख अगली सुनवाई में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।
न्यायालय ने यह भी पूछा है कि आखिर किस कानूनी आधार और किस प्रक्रिया के तहत यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासनिक हलकों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।
“रिकॉर्ड नहीं तो DM होंगे तलब” — कोर्ट के तेवर से बढ़ा दबाव**
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि निर्धारित समय पर सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए तो जिलाधिकारी चंदौली को स्वयं न्यायालय में उपस्थित होना पड़ सकता है।

कोर्ट की यह टिप्पणी अब जिले के प्रशासनिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा बन गई है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और अब प्रशासन को हर कदम का जवाब देना पड़ सकता है।

आदेश के बावजूद कुछ देर तक चलती रही कार्रवाई?
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट के आदेश की जानकारी अधिकारियों को मौखिक रूप से दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ समय तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही।
इसी बिंदु को लेकर अब व्यापारियों में भारी नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि कोर्ट की जानकारी मिलने के बाद भी कार्रवाई जारी रही तो यह बेहद गंभीर विषय है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल बुलडोजर रुका, लेकिन टेंशन बरकरार
हाईकोर्ट की रोक के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण अभियान थम गया है, लेकिन बाजार क्षेत्र में बेचैनी अभी भी बनी हुई है। जिन दुकानों और भवनों पर खतरा मंडरा रहा था, वहां अब लोग अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर लोगों की जिंदगी और रोजगार को रौंदना उचित नहीं हो सकता। दूसरी तरफ प्रशासन सड़क चौड़ीकरण को शहर के भविष्य और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जरूरी बता रहा है।
अब 25 मई पर टिकी सबकी नजर
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी। उसी दिन यह तय हो सकता है कि मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण की यह कार्रवाई आगे बढ़ेगी या प्रशासन को नई रणनीति बनानी पड़ेगी।
फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश ने पूरे चंदौली जिले की राजनीति, व्यापार और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
खबरी न्यूज की बड़ी नजर लगातार इस मामले पर बनी हुई है…
“बुलडोजर बनाम कानून” की इस जंग में अगला मोड़ क्या होगा…? 25 मई को होगा बड़ा फैसला!
“25 मई को अदालत में क्या होगा?”
“क्या फिर चलेगा बुलडोजर?”
“या कानून लगाएगा स्थायी ब्रेक?”
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