Dhanapur Power Crisis: बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने पावर हाउस पर किया प्रदर्शन
Khabari News Chandauli। जिले के धानापुर क्षेत्र में लगातार बिगड़ती विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर दिखाई दिया। भीषण गर्मी के बीच अनियमित बिजली आपूर्ति, बार-बार ट्रिपिंग और लंबे समय तक हो रही कटौती से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को पावर हाउस परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। समाजसेवी सुनील पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना था कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दिन हो या रात, कभी भी बिजली कट जा रही है। कई बार घंटों तक बिजली गायब रहती है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पांच सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें अनावश्यक बिजली कटौती पर रोक लगाने, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान करने, फाल्ट होने पर तत्काल मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित करने, रात के समय लाइनमैन की तैनाती और ओवरलोडिंग से राहत दिलाने की मांग शामिल रही।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समाजसेवी सुनील पाण्डेय ने कहा कि धानापुर क्षेत्र के लोग लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की सबसे अधिक जरूरत होती है, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ रहा है। किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और छोटे व्यापारियों का कामकाज ठप पड़ रहा है।
वहीं जिला मंत्री आशीष तिवारी खजानू ने भी विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “बिजली विभाग होश में आओ”, “हमारी मांगे पूरी करो” और “बिजली विभाग मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार दिखाई नहीं देता।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की बार-बार ट्रिपिंग के कारण घरेलू उपकरण भी खराब हो रहे हैं। कई गांवों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है, जिससे पंखे और कूलर तक सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं। लोगों ने कहा कि रात में बिजली गुल होने पर सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है।

इस पूरे मामले पर विद्युत विभाग की ओर से एसडीओ सुधीर कुमार ने कहा कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहा है। जल्द ही अतिरिक्त व्यवस्थाएं कर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
एसडीओ ने यह भी कहा कि जहां-जहां फाल्ट की शिकायत मिल रही है, वहां तत्काल टीम भेजकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विभाग स्थिति सुधारने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
धरना-प्रदर्शन में अमित सिंह, सैफ अली, आशीष तिवारी खजानू, सुनील पाण्डेय, सुशील मिश्रा, रंजन सेठ, राजेश बिंद, आकाश कुमार, प्यारेलाल, मनोज मिश्रा, नंदू यादव, बिट्टू मिश्रा और सत्यम रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें बिजली विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


















