12 जून तक बाल श्रम मुक्त बनेंगी 6 पंचायतें
ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित
खबरी न्यूज चकिया ‚चन्दौली | Editor-in-Chief : के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)
इसी संकल्प और संवेदनशील सोच के साथ जनपद चंदौली के विकास खण्ड चकिया ने बाल श्रम के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2026 तक चंदौली को “बाल श्रम मुक्त जनपद” बनाने की दिशा में अब प्रशासनिक मशीनरी पूरी ताकत से मैदान में उतर चुकी है।

रविवार को विकास खण्ड सभागार चकिया में ब्लॉक प्रमुख शंभूनाथ यादव की अध्यक्षता में आयोजित ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में ऐसा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया जिसने पूरे इलाके में एक नई उम्मीद जगा दी। बैठक में विकास खण्ड चकिया की 6 ग्राम पंचायतों —
✅ मवैया
✅ अमरा उत्तरी
✅ सोता
✅ रामपुर कला
✅ हरिपुर
✅ सोनहुल
“बाल श्रम मुक्त पंचायत” घोषित किए जाने हेतु प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के दौरान श्रम विभाग के प्रतिनिधि रविशंकर ने विस्तार से बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम स्तर तक अभियान को तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी पंचायतों में पहले ही ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकें कराई जा चुकी हैं और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। अब ब्लॉक स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद अभियान को और तेज गति दी जाएगी।
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बैठक में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब गांवों में कोई भी बच्चा मजदूरी करते नहीं दिखना चाहिए। खेतों, ढाबों, दुकानों, ईंट-भट्ठों और छोटे उद्योगों में बच्चों से काम कराने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

संस्था मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा श्रम विभाग की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे गणेश विश्वकर्मा ने समिति के समक्ष सभी पंचायतों के प्रस्ताव, ग्राम बाल संरक्षण समिति के कार्यवृत्त और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सभी सदस्यों ने एकमत होकर प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।
बैठक में सबसे अहम बात तब सामने आई जब खण्ड विकास अधिकारी विकास सिंह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि —
👉 0 से 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहना चाहिए
👉 ग्राम स्तर पर लगातार निगरानी की जाए
👉 ग्राम बाल कल्याण संरक्षण समितियां नियमित समीक्षा करें
👉 शिक्षा, श्रम, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग आपसी समन्वय से अभियान को सफल बनाएं

उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान बनेगा। यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़ता है या बाल श्रम में लिप्त पाया जाता है तो उसकी तत्काल सूचना संबंधित विभाग को दी जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि 12 जून तक विकास खण्ड चकिया की इन 6 पंचायतों के साथ-साथ जनपद चंदौली की कुल 66 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाया जाएगा।
यह संकल्प केवल एक प्रशासनिक घोषणा नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य को बचाने की मुहिम बन चुकी है।
बैठक में चाइल्ड लाइन से इंद्रजीत, खण्ड शिक्षा अधिकारी, चकिया थाने से बाल कल्याण पुलिस अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, संजू, शहनाज सहित मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
गांवों में अब नई चेतना दिखाई देने लगी है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी साफ कहा कि गांव का कोई भी बच्चा मजदूरी करते मिला तो उसे स्कूल से जोड़ने की तत्काल कार्रवाई होगी। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
चकिया से उठी यह आवाज अब पूरे चंदौली में बदलाव की नई क्रांति बनती दिख रही है।
अगर यह अभियान पूरी गंभीरता से सफल हुआ तो आने वाले समय में चंदौली प्रदेश के उन चुनिंदा जनपदों में शामिल होगा जहां बचपन को मजदूरी नहीं बल्कि शिक्षा और सम्मान मिलेगा।
✍️ “हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान हो… हाथों में किताब हो… यही नए चंदौली की पहचान हो!”
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