Khabari News Chandauli । जनपद में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना चंदौली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर छह चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह चंदौली समेत आसपास के इलाकों में रेकी कर बाइक चोरी करता था और बाद में उन्हें बिहार में शराब तस्करों को बेच देता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य अस्पतालों, कचहरी परिसरों, बाजारों और रेलवे स्टेशनों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों को अपना निशाना बनाते थे। जहां लोग अपनी बाइक खड़ी कर आवश्यक कार्यों में व्यस्त हो जाते थे, वहां ये शातिर मौके का फायदा उठाकर वाहन चोरी कर लेते थे।

मुखबिर की सूचना से खुला राज
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में थाना चंदौली पुलिस की टीम लगातार वाहन चोरों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में 6 जून 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ बिहार की ओर जाने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने धरौली-बिहार मार्ग पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। कुछ ही देर बाद दो युवक अलग-अलग मोटरसाइकिलों से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की, लेकिन वे वाहनों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
तकनीकी जांच और चेसिस नंबर के सत्यापन में दोनों बाइक चोरी की निकलीं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयरामपुर निवासी छबीले राजभर और कल्याणीपुर निवासी अभिषेक कुमार उर्फ फौजी के रूप में हुई।
पूछताछ में खुली पूरे नेटवर्क की परतें
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनके अन्य साथी भी चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पीछे आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने नवीन मंडी और नवही मार्ग पर घेराबंदी कर दी।

कुछ समय बाद तीन अन्य युवक अलग-अलग मोटरसाइकिलों से आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान शुभम कुमार निवासी रतनपुरा, विशाल राय और राहुल राय निवासी नई बाजार, थाना सकलडीहा के रूप में हुई।
पुलिस द्वारा बरामद वाहनों की जांच में पता चला कि ये बाइक चंदौली, सैयदराजा और सकलडीहा क्षेत्रों से चोरी की गई थीं।

रेलवे स्टेशन से मिली छठी बाइक
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि एक चोरी की मोटरसाइकिल खराब हो गई थी, जिसे मझवार रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ा कर दिया गया है। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से एक और चोरी की बाइक बरामद कर ली।
इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने कुल छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करने में सफलता हासिल की।
ऐसे करते थे चोरी की वारदात
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले संभावित स्थानों की रेकी करते थे। अस्पताल, कचहरी, रेलवे स्टेशन और बाजार उनके प्रमुख निशाने होते थे। यहां लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी और फिर मौका मिलते ही बाइक चोरी कर ली जाती थी।
वाहन चोरी के बाद आरोपी बाइक की नंबर प्लेट बदल देते थे या पूरी तरह हटा देते थे ताकि पहचान न हो सके। इसके बाद चोरी की बाइक को बिहार ले जाकर बेच दिया जाता था।
शराब तस्करों को बेची जाती थीं चोरी की बाइक
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि चोरी की अधिकांश मोटरसाइकिलें बिहार के शराब तस्करों को बेची जाती थीं।
तस्कर इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की ढुलाई में करते थे। यदि किसी कार्रवाई के दौरान पुलिस पीछा करती थी, तो तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो जाते थे। इस कारण चोरी की बाइक का उपयोग अपराधों में भी हो रहा था।
कई मामलों में पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। बिहार निवासी छबीले राजभर और अभिषेक कुमार पर चंदौली और सैयदराजा थानों में वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं।
वहीं चंदौली जिले के शुभम कुमार, विशाल राय और राहुल राय के खिलाफ भी वाहन चोरी से जुड़े आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
बरामद की गईं छह मोटरसाइकिलें
पुलिस ने जिन वाहनों को बरामद किया है उनमें स्प्लेंडर, प्लेटिना और पल्सर जैसी लोकप्रिय मोटरसाइकिलें शामिल हैं। बरामद वाहनों में कई ऐसे हैं जिनकी चोरी की रिपोर्ट पहले से विभिन्न थानों में दर्ज थी।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद पाण्डेय, उपनिरीक्षक तरुण कुमार कश्यप, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक रावेन्द्र सिंह, आरक्षी राजकुमार सरोज, सागर यादव, रूपेश दूबे तथा सेवानिवृत्त आरक्षी मानवेन्द्र सिंह यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अपराध पर लगेगी लगाम
Chandauli Vehicle Theft Gang के खुलासे को जिले में वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही बिहार तक फैले चोरी के इस नेटवर्क की जांच से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जा सके।



















