यूपी के चंदौली में सनसनीखेज वारदात: साइकिल सवार को गोलियों से भूनने वाले शूटर से पुलिस की खूनी मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली!
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चंदौली।
पूर्वांचल के चंदौली से इस वक्त की सबसे बड़ी और कलेजा कंपा देने वाली सनसनीखेज खबर सामने आ रही है! कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर सरेराह एक साइकिल सवार को गोलियों से भूनने वाले शातिर शूटर को चंदौली पुलिस और स्वाट टीम ने चौबीस घंटे के भीतर न सिर्फ ट्रैक किया, बल्कि एक बेहद खतरनाक और फिल्मी स्टाइल एनकाउंटर में उसे धूल चटा दी है। जी हां, अलीनगर थाना क्षेत्र और सर्विलांस/स्वाट टीम की संयुक्त जांबाज टुकड़ी ने उस हत्यारे का वो हश्र किया है कि अब उसकी हेकड़ी पूरी तरह से ढीली हो चुकी है। भागने की कोशिश कर रहे शूटर के दोनों पैरों में पुलिस की सरकारी गोलियां ऐसी धंसीं कि वह सीधे अस्पताल के बेड पर पहुंच गया।
क्या था पूरा मामला? सरेराह कत्ल से कांप उठा था इलाका
वारदात की शुरुआत शनिवार, ६ जून २०२६ को हुई थी। रोज़ाना की तरह ३८ साल का सीधा-साधा मनोज कुमार सुबह करीब सात बजे अपने घर (ग्राम छिड़े चतुर्भुजपुर, थाना मुगलसराय) से काम के लिए निकला था। वह श्रीराम धर्म कांटा चंदासी में काम करता था और अपने परिवार का पेट पालता था। दोपहर के करीब ढाई बजे थे, मनोज अपनी साइकिल से टरियां-पटपरा सड़क से गुजर रहा था कि अचानक घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया।
इससे पहले कि मनोज कुछ समझ पाता, बदमाशों ने दनादन गोलियां बरसाकर उसे वहीं मौत की नींद सुला दिया और मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुए इस कत्लेआम से पूरे चंदौली में हड़कंप मच गया। मृतक के भाई अशोक कुमार खरवार की तहरीर पर अलीनगर थाने में मुकदमा संख्या ३४७/२०२६ धारा १०३(१) के तहत कत्ल का मुकदमा दर्ज हुआ।
एसपी चंदौली का एक्शन मोड: गठित हुईं तगड़ी टीमें
इस वीभत्स हत्याकांड ने पुलिसिया इकबाल को चुनौती दी थी। जिले के कप्तान (पुलिस अधीक्षक चंदौली) ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत आधी रात को ही कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए एसओजी (SOG), सर्विलांस और अलीनगर पुलिस की संयुक्त टीमों का एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया जिससे अपराधियों का बचना नामुमकिन था। पुलिस की टीमें लगातार हर एक इनपुट खंगालने लगीं। डिजिटल फुटप्रिंट्स, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों का जाल बिछाया गया।
तकनीकी सुराग और बिहार कनेक्शन: ऐसे फंसा शूटर
चौबीस घंटे की मैराथन तफ्तीश के बाद आखिरकार पुलिस को वो कामयाबी मिली जिसकी तलाश थी। सर्विलांस और टेक्निकल सेल ने कड़ियां जोड़ीं तो पता चला कि इस मर्डर के तार सीधे पड़ोसी राज्य बिहार से जुड़े हैं। वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर पेशेवर हैं और बिहार के रहने वाले हैं।
सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर मुख्य शूटर सूरज उर्फ राजेश यादव (निवासी जनपद भोजपुर, बिहार) को धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ते ही शूटर के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं, लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था।
हथियार बरामदगी के दौरान पलट गया पासा: पुलिस पर झोंक दी फायरिंंग
सूरज उर्फ राजेश को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम उसे कत्ल में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे (पिस्तौल) की बरामदगी के लिए क्राइम सीन (घटनास्थल) पर ले गई थी। पुलिस को लगा कि शूटर टूट चुका है, लेकिन अपराधियों की फितरत कहां बदलती है! मौका देखते ही शातिर सूरज ने वहां पहले से छिपाकर रखी गई और लोडेड पिस्तौल निकाल ली।
“हटो, नहीं तो सबको भून दूंगा!” चिल्लाते हुए उसने पुलिस टीम को निशाना बनाकर जानलेवा फायरिंग झोंक दी और भागने का प्रयास करने लगा। अचानक हुई इस फायरिंग से पुलिस टीम बाल-बाल बची।
ठायं-ठायं से गूंजा इलाका: जवाबी कार्रवाई में शूटर ढेर (घायल)
अब पानी सिर से ऊपर जा चुका था। पुलिस टीम पर गोली चलाने का मतलब था सीधे यमराज को न्योता देना। अलीनगर पुलिस और स्वाट टीम ने अपनी जांबाजी दिखाते हुए तुरंत पोजीशन ली और आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई शुरू की। पुलिस की तरफ से हुई ‘ठायं-ठायं’ की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा।
सटीक निशानेबाजी का मुजाहिरा करते हुए पुलिस की दो गोलियां सीधे भाग रहे शूटर सूरज उर्फ राजेश के दोनों पैरों में जाकर धंस गईं। गोली लगते ही वह चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा और पिस्तौल उसके हाथ से छूट गई। पुलिस ने तुरंत उसे दबोचा और बिना वक्त गंवाए खून से लथपथ हालत में अस्पताल भिजवाया, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है। उसके पास से कत्ल में इस्तेमाल हुआ हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
बड़ा खुलासा बाकी: मास्टरमाइंड और दूसरा शूटर अब भी रडार पर
पुलिस की इस धमाकेदार पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज खुले हैं। पता चला है कि यह सिर्फ एक रैंडम मर्डर नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी। पुलिस को इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं (मास्टरमाइंड्स) और एक अन्य फरार शूटर के बारे में बेहद पुख्ता और ठोस सुराग हाथ लग चुके हैं। चंदौली पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। इस खूनी खेल की पूरी कहानी और इसके पीछे की असली वजह क्या थी, इसका पूरा चिट्ठा कल होने वाली भव्य ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ में कप्तान साहब खुद खोलेंगे।
Khabri’s View
“अपराध करोगे तो पाताल से भी ढूंढ निकाले जाओगे!” चंदौली पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर जो पलटवार किया है, वह उन अपराधियों के मुंह पर जोरदार तमाचा है जो यूपी को अपनी जागीर समझते हैं। बिहार से आकर यूपी में कत्ल करने की हिमाकत करने वाले शूटर को अब समझ आ गया होगा कि योगीराज में पुलिस पर गोली चलाने का अंजाम क्या होता है। हालांकि, असली खेल तो तब साफ होगा जब कल पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कत्ल की असली वजह बताएगी। लेकिन तब तक के लिए, चंदौली पुलिस की इस त्वरित और जांबाज कार्रवाई को ‘खबरी न्यूज़’ की तरफ से पूरे नंबर! फरार बदमाशों, तुम भी सुधर जाओ… वरना अगला नंबर तुम्हारा है!