Khabari News । Jogiya Kala Murder Case। चंदौली जनपद के चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जोगिया कला गांव में हुए चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी जमीन विवाद या पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं थी, बल्कि अवैध संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा और आगामी ग्राम प्रधान चुनाव की महत्वाकांक्षा से जुड़ी एक सुनियोजित साजिश थी। मामले में पुलिस ने गांव के ही निवासी सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया है तथा उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की धारदार कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

घर के बाहर सो रहे युवक की हुई थी निर्मम हत्या
घटना 5 और 6 जून 2026 की मध्यरात्रि की है। जोगिया कला गांव निवासी बेचई उर्फ बृजेश यादव अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। रात के अंधेरे में अज्ञात हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमला इतना घातक था कि गर्दन पर गंभीर वार होने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
सूचना मिलने पर थाना चकिया पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने हर एंगल से की जांच
Jogiya Kala Murder Case की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने हत्या के पीछे संभावित जमीनी विवाद, पारिवारिक रंजिश, आर्थिक कारणों और अन्य व्यक्तिगत दुश्मनी सहित सभी पहलुओं की जांच शुरू की।

गांव के लोगों से पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे हत्या के असली कारण तक पहुंचने लगी।
प्रेम संबंध बने हत्या की वजह
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पता चला कि मृतक की पत्नी और गांव के ही सुनील यादव उर्फ कवि के बीच पिछले चार-पांच वर्षों से कथित प्रेम संबंध थे।

ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना से कुछ दिन पहले हुए झगड़े के बाद मृतक की पत्नी अपने बच्चों को लेकर मायके चली गई थी।
पुलिस के अनुसार पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद मृतक ने गांव में खुले तौर पर सुनील यादव और उसके कथित संबंधों की चर्चा शुरू कर दी थी। इससे आरोपी की सामाजिक छवि प्रभावित होने लगी।
प्रधानी चुनाव भी बना बड़ा कारण
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनील यादव आगामी ग्राम प्रधान चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। गांव में बढ़ती चर्चाओं और सार्वजनिक रूप से हो रही बदनामी को वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए खतरा मान रहा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को लगने लगा था कि यदि यह मामला इसी तरह चर्चा में रहा तो उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और चुनावी संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इसी कारण उसने मृतक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
हत्या की साजिश कैसे रची गई?
पुलिस के अनुसार आरोपी ने घटना वाले दिन दोपहर में पड़ोसी क्षेत्र अहरौरा जाकर एक लोहार की दुकान से लोहे की धारदार कुल्हाड़ी खरीदी।
रात होने के बाद वह अपने खेत में रुका रहा और आधी रात के बाद चुपके से मृतक के घर पहुंच गया। उस समय बृजेश यादव चारपाई पर गहरी नींद में सो रहे थे।
आरोपी ने पहले उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया। इसके बाद आवाज न निकले इसलिए मृतक के ही गमछे का टुकड़ा मुंह में ठूंस दिया।
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी वापस अपने खेत में चला गया और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को खेत में गाड़ दिया।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। 7 जून की शाम करीब 8 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति मोकरम बंधी क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर खेत से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
मामले का खुलासा करने में थाना चकिया और स्थानीय चौकियों की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
इस सफलता में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपनिरीक्षक अनिल कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक अमित कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक गोविंद सिंह, उपनिरीक्षक सुनील कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
Jogiya Kala Murder Case का खुलासा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस हत्या को शुरुआत में ब्लाइंड मर्डर माना जा रहा था, उसका खुलासा पुलिस ने बेहद कम समय में कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं जांच के अन्य पहलुओं पर भी नजर रखी जा रही है ताकि मामले से जुड़ी हर जानकारी सामने लाई जा सके।
इस खुलासे ने एक बार फिर साबित किया है कि व्यक्तिगत संबंधों में बढ़ता तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा की लड़ाई कई बार गंभीर अपराधों का कारण बन जाती है। पुलिस ने समय रहते मामले का पर्दाफाश कर न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।






















