Khabari News वाराणसी। वाराणसी और आसपास के जिलों को जोड़ने वाले ऐतिहासिक राजघाट पुल पर एक बार फिर मरम्मत कार्य शुरू होने जा रहा है। लगभग एक शताब्दी पुराने इस महत्वपूर्ण पुल की जर्जर होती संरचना को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मानसून से पहले आवश्यक सुधार कार्य कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत 14 जून से प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से सुबह 7 बजे तक मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस दौरान पुल पर सामान्य वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी कारण विभाग ने ट्रैफिक पुलिस से मरम्मत कार्य के लिए अनुमति मांगी थी। हालांकि दिन के समय पुल पर अत्यधिक यातायात दबाव होने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने केवल रात्रिकालीन समय में कार्य करने की अनुमति प्रदान की है।

दिन में नहीं होगी मरम्मत, रात में चलेगा अभियान
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार राजघाट पुल वाराणसी का एक अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं। ऐसे में दिन के समय मरम्मत कार्य शुरू होने से शहर में लंबा जाम लग सकता है और यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2026 में भी पुल की मरम्मत का प्रयास किया गया था। उस समय दिन और रात दोनों समय कार्य करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन भारी ट्रैफिक दबाव और लगातार जाम की स्थिति के कारण कार्य को बीच में रोकना पड़ा था। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार केवल रात्रिकालीन समय में ही मरम्मत कराने का फैसला लिया गया है।
एक सप्ताह के लिए मिली अनुमति
सूत्रों के अनुसार लोक निर्माण विभाग को फिलहाल एक सप्ताह के लिए कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है। यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हो पाता है तो विभाग की रिपोर्ट और प्रगति के आधार पर अनुमति की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
रात्रि 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुल पर सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इससे विभाग को बिना किसी व्यवधान के मरम्मत कार्य पूरा करने में मदद मिलेगी और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

निरीक्षण में सामने आई थीं कई तकनीकी खामियां
हाल ही में रेलवे और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पुल का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान पुल की सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे पाए गए थे। इसके अलावा सड़क की सतह क्षतिग्रस्त मिली तथा विस्तार जोड़ (Expansion Joint) में भी तकनीकी खामियां चिन्हित की गई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुल की उम्र लगभग 100 वर्ष होने के कारण इसके कई हिस्सों में स्वाभाविक रूप से कमजोरी आ गई है। यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो भारी वर्षा और लगातार ट्रैफिक दबाव के कारण स्थिति और खराब हो सकती है।

नमो घाट के कारण बढ़ा ट्रैफिक दबाव
राजघाट पुल पर बढ़ते ट्रैफिक का एक प्रमुख कारण नमो घाट भी माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में नमो घाट वाराणसी का प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक, श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक पहुंचते हैं।
इसके अतिरिक्त वीआईपी और उच्चस्तरीय आवागमन भी लगातार बढ़ा है, जिससे राजघाट पुल पर वाहनों का दबाव पहले की तुलना में कहीं अधिक हो गया है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ऐसे माहौल में दिन के समय मरम्मत कार्य शुरू करना यातायात नियंत्रण के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता था।
वैकल्पिक मार्गों की जानकारी जल्द होगी जारी
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को अनुमति दिए जाने के बाद वैकल्पिक मार्गों और संशोधित ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो और रात के समय भी यातायात सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मरम्मत कार्य के दौरान जारी किए जाने वाले ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
मानसून से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि विभाग का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्यों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि पुल की सुरक्षा और मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान सड़क की क्षतिग्रस्त सतह, गड्ढों और तकनीकी रूप से कमजोर हिस्सों को दुरुस्त किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में पुल सुरक्षित और सुचारु रूप से उपयोग में लाया जा सके।
राजघाट पुल वाराणसी की जीवनरेखा माने जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। ऐसे में इसकी समय पर मरम्मत न केवल यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ विषय है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की कोशिश है कि मानसून से पहले पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाकर आम जनता को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके।


















