Khabari News , चंदौली। चंदौली जनपद के सदर थाना क्षेत्र स्थित फत्ते प्रतापपुर इलाके में शुक्रवार को एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले कोचिंग सेंटर में दो छात्रों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक छात्र की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना में 10वीं कक्षा के छात्र लवकुश यादव की चाकू के हमले में मौत हो गई, जबकि आरोपी छात्र उत्कर्ष यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों के अनुसार किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि पढ़ाई करने आए दो छात्रों के बीच विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा कि एक परिवार अपने बेटे को हमेशा के लिए खो देगा।

कोचिंग क्लास में शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार फत्ते प्रतापपुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज परिसर में गणित की कोचिंग चल रही थी। रोज की तरह छात्र पढ़ाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो छात्रों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों के बीच बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला गंभीर हो गया।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी छात्र उत्कर्ष यादव ने अचानक धारदार चाकू निकाल लिया और लवकुश यादव पर हमला कर दिया। इससे पहले कि आसपास मौजूद छात्र और शिक्षक स्थिति को समझ पाते, कई वार किए जा चुके थे।
ताबड़तोड़ हमले से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना अचानक हुआ कि कोचिंग क्लास में मौजूद छात्र घबरा गए। चाकू के लगातार वार से लवकुश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
घटना के बाद कोचिंग सेंटर में चीख-पुकार मच गई। छात्र इधर-उधर भागने लगे और स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी गई। कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर ही चली गई छात्र की जान
स्थानीय लोगों के अनुसार चाकू के गहरे घावों के कारण लवकुश यादव को बचाया नहीं जा सका। गंभीर चोटों और अधिक खून बह जाने के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे को पढ़ने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए कोचिंग भेजा गया था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों की भीड़ को हटाया। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस ने मृतक छात्र के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्यों को भी जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया।
आरोपी छात्र हिरासत में
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग छात्र उत्कर्ष यादव को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद और अचानक आए गुस्से का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी छात्र कोचिंग सेंटर में चाकू लेकर कैसे पहुंचा और क्या वह पहले से किसी योजना के तहत आया था या नहीं।
समाज के सामने बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। जिस उम्र में बच्चों को शिक्षा, खेल और अपने भविष्य की योजनाओं में व्यस्त होना चाहिए, उस उम्र में हिंसा और आक्रोश का यह रूप चिंताजनक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों और किशोरों में बढ़ते तनाव, गुस्से पर नियंत्रण की कमी तथा आपसी संवाद की कमजोर होती संस्कृति ऐसी घटनाओं का कारण बन सकती है। अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका ऐसे मामलों में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने मृतक छात्र के परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। वहीं क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
फत्ते प्रतापपुर की यह घटना पूरे जिले के लिए एक गहरी पीड़ा छोड़ गई है। एक छात्र की मौत और दूसरे छात्र का कानून के शिकंजे में आना, दोनों परिवारों के लिए जीवन भर का दुख बन गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस सनसनीखेज मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।



















